असम में बाढ़ का कहर, धानसिरी नदी खतरे के निशान से ऊपर; गोलाघाट-नुमालीगढ़ में कई गांव जलमग्न...
असम के गोलाघाट और नुमालीगढ़ में बाढ़ का संकट गहराया है। धानसिरी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि कई परिवारों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है।
गोलाघाट, असम: असम के गोलाघाट जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण धानसिरी (Dhansiri) और दोयांग (Doyang) नदियों का पानी कई निचले इलाकों में फैल गया है। हालात ऐसे हैं कि बड़ी संख्या में परिवारों को अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, धानसिरी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे आने वाले दिनों में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, दोयांग जलविद्युत परियोजना के चार गेट खोले जाने के बाद नदी का जलस्तर और बढ़ गया। इसका असर बोकाखाट, गोलाघाट और खुमताई विधानसभा क्षेत्रों के कई गांवों में देखने को मिला, जहां बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया।
गोलाघाट शहर में कई घर जलमग्न
गोलाघाट शहर के वार्ड नंबर-1 स्थित मुक्तिधाम (नागाबली) क्षेत्र में करीब 38 घर पानी में डूब गए। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाकर नंबर-1 रूपज्योति एलपी स्कूल में बनाए गए अस्थायी राहत शिविर में ठहराया गया है। वहीं, नुमालीगढ़ के नंबर-1 परघाट गांव में भी बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे करीब 25 से 30 परिवार प्रभावित हुए। इसके अलावा कटकटिया गांव और आसपास के कई निचले इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
राहत शिविरों में रहने को मजबूर लोग
बाढ़ से प्रभावित लोगों का कहना है कि उन्हें अपने घर छोड़ने पड़े हैं और अब वे राहत शिविरों में रह रहे हैं। स्थानीय निवासी ज्योति गोगोई ने बताया कि उनके गांव के करीब 30 परिवार राहत शिविर में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने शिविर का दौरा किया है और प्रभावित लोगों का हाल जाना है। वहीं, एक अन्य प्रभावित निवासी बी. ठाकुर ने बताया कि उनके इलाके में पिछले तीन दिनों से पानी भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने उनका नाम दर्ज किया, लेकिन अब तक पर्याप्त राहत सामग्री नहीं मिली है और लोग अपने स्तर पर भोजन बनाने को मजबूर हैं।
प्रशासन अलर्ट, राहत और बचाव अभियान जारी
प्रशासन लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है और प्रशासन आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का दावा कर रहा है।