E20 पेट्रोल: 48 घंटे में 17 से 5 हुआ माइलेज! सौरव जोशी ने उठाए सवाल, Mercedes का जवाब...

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, जो देश में इथेनॉल ब्लेंडिंग के सबसे बड़े समर्थक रहे हैं, ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे एक 'गलत नैरेटिव' (झूठा प्रचार) करार दिया। नितिन गडकरी ने आलोचकों को चुनौती देते हुए कहा, "यदि E20 पेट्रोल की वजह से किसी भी गाड़ी का इंजन खराब हुआ है, तो उसका नाम और पुख्ता सबूत सामने लाएं। अब तक ऐसा एक भी प्रमाणित मामला सामने नहीं आया है।"

By  Preeti Kamal July 13th 2026 02:15 PM -- Updated: July 13th 2026 01:43 PM

नई दिल्ली: देश में E20 पेट्रोल (20% इथेनॉल मिश्रित ईंधन) को लेकर छिड़ी बहस अब एक बड़े विवाद का रूप ले चुकी है। भारत के सबसे लोकप्रिय व्लॉगर सौरव जोशी (Sourav Joshi) ने अपनी लग्जरी Mercedes-Benz SUV को लेकर जो दावा किया है, उसने न केवल ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है, बल्कि सरकार को भी जवाब देने पर मजबूर कर दिया है।

सौरव जोशी, जिनके यूट्यूब पर 4.1 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं, ने हाल ही में एक वीडियो अपलोड किया जिसने इंटरनेट पर 'आग' लगा दी। उन्होंने दावा किया कि महज 48 घंटे के भीतर उनकी करोड़ों की Mercedes का माइलेज 17 kmpl से गिरकर सिर्फ 5 kmpl पर आ गया है।

व्लॉगर का दावा: "पेट्रोल भरवाने में अब डर लगता है"

सौरव जोशी ने अपने व्लॉग 'Race With Brothers. Kon Jeetega?' में अपनी गाड़ी का डैशबोर्ड दिखाते हुए अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने बताया कि पहले उनकी गाड़ी 17 का एवरेज दे रही थी, जो अचानक 9 पर आई और फिर गिरकर सीधे 5 पर पहुंच गई।

वीडियो में सौरव के साथ उनकी पत्नी अवंतिका भट्ट भी नजर आईं। उन्होंने कहा कि इतनी महंगी गाड़ी खरीदने के बाद भी अगर ऐसा प्रदर्शन मिले, तो यह बेहद निराशाजनक है। सौरव ने बताया कि:

  • रेंज में गिरावट: पहले फुल टैंक कराने पर गाड़ी 800 किलोमीटर की रेंज दिखाती थी, लेकिन अब यह घटकर सिर्फ 480 किलोमीटर रह गई है।
  • इंजन की चिंता: सौरव को डर है कि लोकल पेट्रोल पंपों पर मिल रहे E20 पेट्रोल की वजह से उनकी गाड़ी का इंजन हमेशा के लिए खराब हो सकता है।
  • इलेक्ट्रिक की ओर रुख: सौरव ने यहाँ तक कह दिया कि इसी डर की वजह से उन्होंने Mercedes की इलेक्ट्रिक G-Wagon खरीदी है, ताकि पेट्रोल की झंझट ही खत्म हो जाए।


Mercedes-Benz India का आधिकारिक जवाब

जैसे ही सौरव जोशी का वीडियो वायरल हुआ, लग्जरी कार निर्माता कंपनी Mercedes-Benz India तुरंत हरकत में आ गई। कंपनी ने 12 जुलाई 2026 को एक आधिकारिक कस्टमर एडवाइजरी जारी की।

कंपनी ने स्पष्ट किया कि:

  • पूरी तरह सुरक्षित: मर्सिडीज-बेंज के सभी BS6 पेट्रोल वाहन E20 फ्यूल के साथ पूरी तरह से कंपैटिबल (अनुकूल) हैं।
  • सर्टिफिकेशन: इन गाड़ियों को सरकारी एजेंसियों द्वारा E20 फ्यूल पर चलने के लिए प्रमाणित किया गया है।

असली वजह 'मिलावट'?: Mercedes-Benz India के CEO संतोष अय्यर ने एक महत्वपूर्ण संकेत दिया। उन्होंने कहा कि कई ग्राहकों को समस्या आ रही है, लेकिन इसकी वजह इथेनॉल नहीं, बल्कि पेट्रोल पंपों पर होने वाली अवैध मिलावट हो सकती है। उनके अनुसार, E20 के नाम पर ईंधन के साथ जो खेल हो रहा है, वह इंजन के परफॉर्मेंस को खराब कर रहा है।

नितिन गडकरी की खुली चुनौती: "यह एक सोची-समझी झूठी कहानी है"

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, जो देश में इथेनॉल ब्लेंडिंग के सबसे बड़े समर्थक रहे हैं, ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे एक 'गलत नैरेटिव' (झूठा प्रचार) करार दिया।

नितिन गडकरी ने आलोचकों को चुनौती देते हुए कहा, "यदि E20 पेट्रोल की वजह से किसी भी गाड़ी का इंजन खराब हुआ है, तो उसका नाम और पुख्ता सबूत सामने लाएं। अब तक ऐसा एक भी प्रमाणित मामला सामने नहीं आया है।" उन्होंने कहा कि सरकार प्रदूषण कम करने और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने के लिए प्रतिबद्ध है और E20 इसका सबसे बड़ा जरिया है।

मनीष कश्यप और Toyota का पुराना विवाद

यह पहली बार नहीं है जब E20 पेट्रोल पर सवाल उठे हैं। कुछ समय पहले बिहार के यूट्यूबर और नेता मनीष कश्यप ने अपनी Toyota Innova Hycross को लेकर भी यही सवाल उठाए थे। उस समय Toyota ने जांच के बाद बयान दिया था कि कार के कंपोनेंट खराब होने की वजह इथेनॉल नहीं, बल्कि 'दूषित पेट्रोल' (Contaminated Petrol) था। यानी समस्या पेट्रोल की क्वालिटी में थी, न कि उसकी कंपोजिशन (E20) में।

जनता की राय: क्या वाकई E20 फेल है?

भले ही सरकार और कंपनियाँ इसे सुरक्षित बता रही हों, लेकिन हाल ही में आए एक सर्वे के आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां करते हैं:

  • 53% कार मालिकों ने E20 पेट्रोल को अब तक का 'फेल' प्रयोग बताया है।
  • 66% लोगों ने शिकायत की है कि E20 पर शिफ्ट होने के बाद उनकी गाड़ियों के माइलेज में गिरावट आई है।
  • पब्लिक का मानना है कि माइलेज कम होने की वजह से उनकी जेब पर बोझ बढ़ रहा है, भले ही पेट्रोल की कीमत कम न हुई हो।


सरकार का पक्ष: क्यों जरूरी है E20 पेट्रोल?

तमाम विवादों के बावजूद भारत सरकार पीछे हटने को तैयार नहीं है। सरकार के पास इसके पीछे ठोस आर्थिक और पर्यावरणीय तर्क हैं:

  • किसानों को लाभ: इथेनॉल गन्ने और अनाज से बनता है, जिससे देश के किसानों की आमदनी बढ़ेगी।
  • विदेशी मुद्रा की बचत: भारत हर साल अरबों डॉलर का कच्चा तेल आयात करता है। इथेनॉल के इस्तेमाल से इस आयात बिल में भारी कटौती होगी।
  • कम प्रदूषण: E20 पेट्रोल साधारण पेट्रोल के मुकाबले कम कार्बन उत्सर्जन करता है, जो पर्यावरण के लिए बेहतर है।


निष्कर्ष: क्या सावधानी बरतें?

विवाद अपनी जगह है, लेकिन एक कार मालिक के तौर पर आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आप हमेशा अधिकृत और भरोसेमंद पेट्रोल पंपों से ही ईंधन भरवाएं। अगर आपकी गाड़ी 2020 के बाद की BS6 मॉडल है, तो तकनीकी रूप से वह E20 के लिए तैयार है। माइलेज में 5-10% की गिरावट सामान्य मानी जाती है, लेकिन सौरव जोशी जैसा बड़ा ड्रॉप (17 से 5) निश्चित रूप से जांच का विषय है।

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