GST 2.0: दरों के बाद अब प्रक्रिया आसान करने पर जोर, कारोबारियों को रजिस्ट्रेशन से ITC तक राहत

GST Council की बैठक में दरों में बदलाव का फैसला नहीं हुआ, लेकिन कारोबारियों के लिए GST registration, refund, ITC और compliance प्रक्रिया आसान बनाने पर जोर दिया गया। सरकार ने GST व्यवस्था को ज्यादा सरल और automated बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

By  Laxman October 8th 2026 06:43 PM

नई दिल्ली: देश की GST व्यवस्था में अब अगला बड़ा फोकस टैक्स की दरों में बदलाव के बजाय व्यापारियों और करदाताओं के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने पर है। GST Council की 57वीं बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार का लक्ष्य GST व्यवस्था को ज्यादा सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है।

बैठक में GST rates में किसी नए बदलाव का फैसला नहीं किया गया। हालांकि, GST registration, returns, refunds और Input Tax Credit यानी ITC से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इसका उद्देश्य कारोबारियों के लिए compliance का बोझ कम करना और GST system को ज्यादा सुविधाजनक बनाना है।

सरकार के मुताबिक GST 2.0 के एक साल के दौरान taxable supply में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। यह आंकड़ा करीब ₹40.19 लाख करोड़ प्रति माह से बढ़कर ₹50.58 लाख करोड़ हो गया, जो लगभग 25.8% की वृद्धि है। वित्त वर्ष 2025-26 में taxable supply की growth 25% से अधिक रही, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में यह करीब 13% थी।

ग्राहकों को की जाने वाली supply भी बढ़ी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यह ₹5.98 लाख करोड़ प्रति माह से बढ़कर ₹7.58 लाख करोड़ हो गई। वहीं gross tax liability करीब ₹5.85 लाख करोड़ से बढ़कर ₹6.64 लाख करोड़ प्रति माह पहुंच गई।

GST व्यवस्था में एक और महत्वपूर्ण बदलाव effective tax burden से जुड़ा है। घरेलू supply पर प्रभावी GST rate 14.55% से घटकर 13.13% रह गई है। सरकार का कहना है कि अब GST framework में rate changes की तुलना में system और process को बेहतर बनाने पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा।

Registration और ITC प्रक्रिया होगी आसान

आने वाले समय में GST registration और refund की प्रक्रिया को ज्यादा streamlined बनाया जा सकता है। ITC से जुड़े सिस्टम को भी अधिक automated किया जा रहा है। GST platform seller और buyer के invoices का मिलान करता है, जिससे गलत या फर्जी ITC claims की पहचान शुरुआती स्तर पर करने में मदद मिल सकती है।

वित्त वर्ष 2026-27 में GST revenue में भी करीब 11% की वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार अब technology के इस्तेमाल से compliance को आसान बनाने और tax system में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दे रही है।
इस बदलाव का उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि कारोबारियों के लिए GST को ऐसी व्यवस्था बनाना है जिसमें registration से लेकर return filing, refund और ITC तक की प्रक्रियाएं कम जटिल हों। 

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