GST Council का बड़ा फैसला: टैक्स अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति खत्म, Prosecution Limit ₹5 करोड़ हुई

57वीं GST Council Meeting में GST मामलों को लेकर कई अहम बदलाव किए गए हैं। टैक्स अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति खत्म करने के साथ prosecution threshold को ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ किया गया है।

By  Laxman October 8th 2026 06:59 PM

नई दिल्ली: 57वीं GST Council Meeting में टैक्स व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। केंद्र और राज्यों के बीच हुई चर्चा के बाद काउंसिल ने GST मामलों में टैक्स अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति खत्म करने का फैसला किया है। इसके साथ ही prosecution यानी मुकदमा चलाने की मौद्रिक सीमा को भी बढ़ाया गया है।

वित्त मंत्रालय के अनुसार, अब GST के तहत prosecution की सीमा ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दी गई है। इसका मतलब है कि पहले की तुलना में कम राशि वाले मामलों में सीधे prosecution की कार्रवाई का दायरा सीमित होगा। यह फैसला खास तौर पर कारोबार और उद्योग जगत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

काउंसिल ने GST व्यवस्था को लेकर यह संकेत भी दिया है कि अब मुख्य जोर tax rates में बार-बार बदलाव करने के बजाय system और compliance process को सरल बनाने पर रहेगा। सरकार के मुताबिक GST rate structure अब व्यापक रूप से तय है और भविष्य में दरों में बदलाव साल में एक बार किए जाने की दिशा में काम किया जाएगा।

ITC विवादों के लिए बनेगी अधिकारियों की कमेटी

GST Council ने Input Tax Credit यानी ITC claims से जुड़े विवादों को देखने के लिए अधिकारियों की एक समिति गठित करने का फैसला किया है। इस समिति का मुख्य उद्देश्य उन genuine buyers के लिए समाधान तलाशना होगा, जिनके पास वैध invoice है, सामान प्राप्त हो चुका है और supplier को भुगतान भी किया जा चुका है।

कई मामलों में खरीदार को supplier की गलती या compliance में कमी का असर ITC पर पड़ सकता है। नई समिति ऐसे मामलों में वास्तविक खरीदारों को राहत देने के संभावित उपायों पर विचार करेगी।

समिति को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया है। इसके बाद रिपोर्ट को अगली GST Council Meeting में विचार के लिए रखा जाएगा।

Minimum Punishment का प्रावधान खत्म

GST मामलों में सजा से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। काउंसिल ने minimum punishment के प्रावधान को हटाने का फैसला किया है। अब किसी मामले में जुर्माना, जेल या दोनों में से क्या सजा दी जानी है, इसका फैसला अदालत के विवेक पर निर्भर करेगा।

इसके अलावा, जिन GST offences में अलग से penalty निर्धारित नहीं है, वहां लागू होने वाली general penalty को भी कम किया गया है। इसे ₹25,000 से घटाकर ₹10,000 करने का निर्णय लिया गया है।

गिरफ्तारी प्रावधान पर लंबे समय से चर्चा

GST के तहत गिरफ्तारी के प्रावधानों को लेकर केंद्र और राज्यों के बीच पिछले कई महीनों से चर्चा चल रही थी। इन प्रावधानों को लेकर कारोबारी संगठनों और उद्योग जगत की ओर से भी समय-समय पर चिंता जताई जाती रही है।

नई व्यवस्था का उद्देश्य GST enforcement और compliance के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का फोकस अब ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर है, जिसमें genuine taxpayers को अनावश्यक कानूनी जटिलताओं से राहत मिले, जबकि गंभीर मामलों में कार्रवाई का रास्ता बना रहे।

57वीं GST Council Meeting के फैसलों से साफ है कि GST के अगले चरण में tax rate changes की तुलना में procedural reforms को अधिक महत्व दिया जा रहा है। गिरफ्तारी, prosecution, ITC और penalty से जुड़े बदलाव इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

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