शेयर बाजार में मुनाफावसूली से दबाव, सेंसेक्स 130 अंक टूटा; निफ्टी 22,980 के नीचे
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को मुनाफावसूली के कारण सेंसेक्स 130 अंक से अधिक गिरा और निफ्टी 22,980 के नीचे कारोबार करने लगा। आईटी शेयरों में तेजी रही, जबकि निवेशकों की नजर यस बैंक, रिलायंस और दूसरी तिमाही के नतीजों पर है।
मुंबई: भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को सपाट शुरुआत की, लेकिन शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी पर बिकवाली का दबाव देखने को मिला। गुरुवार की तेजी के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली से बाजार कमजोर हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 130 अंक से अधिक गिर गया, जबकि निफ्टी 22,980 के स्तर से नीचे कारोबार करता नजर आया।
शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स 74,341.08 पर खुला और रिपोर्टिंग के समय 130.02 अंक यानी 0.17 प्रतिशत गिरकर 74,185.59 पर कारोबार कर रहा था। इसका पिछला बंद स्तर 74,315.61 था। इसी तरह, निफ्टी 23,065.10 पर खुलने के बाद 23.30 अंक यानी 0.10 प्रतिशत गिरकर 22,974.05 पर आ गया। इसका पिछला बंद स्तर 22,997.35 था।
आईटी शेयरों में तेजी, ज्यादातर सेक्टर लाल निशान में
शुरुआती कारोबार में व्यापक बाजार के ज्यादातर प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। हालांकि, निफ्टी आईटी सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रीय सूचकांकों में शामिल रहा और इसमें 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई।
दूसरी ओर, ऑटो, वित्तीय सेवाएं, बैंकिंग, रियल्टी, तेल एवं गैस, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, हेल्थकेयर और सीमेंट जैसे क्षेत्रों में दबाव देखने को मिला। बीएसई पर टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टीसीएस, भारती एयरटेल, टाइटन, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एचसीएल टेक शुरुआती कारोबार के प्रमुख लाभार्थियों में शामिल रहे।
कई कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे
वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज फिनसर्व, एलएंडटी, कोटक बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, ट्रेंट और आईटीसी समेत कई शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। एनएसई पर भी टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक, भारती एयरटेल, इटरनल और टाइटन जैसे शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। दूसरी ओर, बीएसई, एचडीएफसी लाइफ, रिलायंस, बजाज फिनसर्व, कोल इंडिया, ट्रेंट और पावर ग्रिड प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।
रुपये में मजबूती, कच्चे तेल की कीमतों पर नजर
विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपये ने भी मजबूती दिखाई। रिपोर्टिंग के समय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 35 पैसे मजबूत होकर 94.71 प्रति डॉलर पर खुला। कमोडिटी बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 105.28 डॉलर प्रति बैरल और कच्चे तेल का भाव लगभग 97.28 डॉलर प्रति बैरल था।
विश्लेषकों के मुताबिक, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत के आयात बिल, रुपये और महंगाई के परिदृश्य पर दबाव डाल सकती हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी बाजार की दिशा को प्रभावित करने वाला प्रमुख कारक बनी हुई है।
यस बैंक और रिलायंस के शेयरों पर रहेगी नजर
बाजार विश्लेषक विपिन दीक्षेना के अनुसार, गुरुवार की मजबूत तेजी के बाद भारतीय बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिल रही है। उन्होंने यस बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज को निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण शेयरों के रूप में रेखांकित किया।
यस बैंक के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 2020 के पुनर्गठन के दौरान 8,415 करोड़ रुपये के अतिरिक्त टियर-1 (AT1) बॉन्ड को बट्टे खाते में डालने के फैसले को रद्द करने वाले बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्णय को बरकरार रखा। इस फैसले से बैंक पर पड़ने वाले वित्तीय प्रभाव को लेकर बाजार की नजर बनी हुई है। जापान के सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन (SMBC) की यस बैंक में सबसे बड़ी हिस्सेदारी है।
निफ्टी के लिए 23,000 का स्तर अहम
वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर दूसरी तिमाही के नतीजों से जुड़े घटनाक्रम और जियो के प्रस्तावित आईपीओ को लेकर भी निवेशकों की नजर रहने की उम्मीद है। विपिन दीक्षेना के तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,000 का स्तर तत्काल महत्वपूर्ण बाधा है। उनके मुताबिक, यदि सूचकांक इस स्तर के ऊपर टिकाऊ कारोबार करता है, तो 23,200 से 23,300 के स्तर की ओर बढ़ने की संभावना बन सकती है। वहीं, 22,800 से 22,700 का दायरा अहम सपोर्ट जोन है।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, रुपये की मज़बूती से बाज़ार को मिला सहारा
Religare Broking के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और शोध प्रमुख अजीत मिश्रा ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रुपये में मजबूती से बाजार की धारणा को सहारा मिला है। हालांकि, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी से बाजार में स्थायी सुधार के सामने जोखिम बने हुए हैं।
मिश्रा के अनुसार, निफ्टी अपने अल्पकालिक मूविंग एवरेज से ऊपर आया है। 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (20-DEMA) करीब 22,865 पर है। उन्होंने कहा कि यदि निफ्टी 23,000 के ऊपर टिकता है, तो 23,200 और उसके बाद 23,500 के स्तर की ओर बढ़ने की संभावना बन सकती है। गिरावट की स्थिति में 22,500 से 22,700 का दायरा तत्काल सपोर्ट दे सकता है। उन्होंने व्यापक बाजार में कमजोर भागीदारी और आर्थिक अनिश्चितताओं को देखते हुए निवेशकों को चुनिंदा शेयरों पर ध्यान देने तथा जोखिम प्रबंधन में अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी।
कॉरपोरेट नतीजों से मिलेगी बाजार को दिशा
विश्लेषकों के मुताबिक, दूसरी तिमाही के कॉरपोरेट नतीजे आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। खासकर बैंकिंग और आईटी कंपनियों के परिणामों तथा प्रबंधन की टिप्पणियों पर निवेशकों की नजर रहेगी।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली, कच्चे तेल की कीमतें, रुपये की चाल और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां भी बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में आने वाले सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी की दिशा इन कारकों के साथ-साथ अहम तकनीकी स्तरों पर निर्भर रहने की संभावना है।