UPI MDR Charge: त्योहारों से पहले व्यापारियों को राहत की उम्मीद, NPCI से शुल्क टालने की मांग
₹2,000 से अधिक के UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित 0.4% MDR चार्ज को टालने की मांग तेज हो गई है। व्यापारिक संगठनों ने फेस्टिव सीजन को देखते हुए NPCI से इसे 31 दिसंबर तक स्थगित करने का आग्रह किया है।
देश में UPI से भुगतान करने वाले ग्राहकों और व्यापारियों के लिए अक्टूबर में प्रस्तावित बदलाव पर फिलहाल असमंजस बना हुआ है। ₹2,000 से अधिक के कुछ मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर 15 अक्टूबर से 0.4% MDR चार्ज लागू होने की चर्चा के बीच व्यापारिक संगठनों ने इस फैसले को कुछ समय के लिए आगे बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।
व्यापारियों का कहना है कि अक्टूबर से दिसंबर तक देश में खरीदारी का सीजन अपने चरम पर रहता है। दशहरा, दिवाली और अन्य त्योहारों के दौरान दुकानों, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और विभिन्न कारोबारी प्रतिष्ठानों पर डिजिटल भुगतान की मात्रा काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय में अतिरिक्त शुल्क लागू होने से व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए व्यापारिक संगठनों की ओर से NPCI को प्रस्ताव भेजकर MDR चार्ज को फेस्टिव सीजन खत्म होने तक टालने का अनुरोध किया गया है। मांग है कि यदि शुल्क लागू करना जरूरी है तो इसे 31 दिसंबर के बाद, यानी नए साल से शुरू किया जाए।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि NPCI इस प्रस्ताव को स्वीकार करेगा या नहीं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस मुद्दे पर संबंधित हितधारकों के साथ बातचीत चल रही है और अंतिम निर्णय अभी सामने नहीं आया है।
अगर शुल्क लागू होने की तारीख आगे बढ़ाई जाती है, तो त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारियों को तत्काल राहत मिल सकती है। वहीं, अंतिम फैसला आने तक UPI MDR को लेकर व्यापारियों और पेमेंट इंडस्ट्री की नजर NPCI के अगले कदम पर रहेगी।