CJP का आंदोलन खत्म होने पर अन्ना हजारे बोले- संवाद ही समाधान का रास्ता
CJP का 37 दिनों से जारी आंदोलन खत्म होने के बाद अन्ना हजारे ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान हिंसा से नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण आंदोलन और संवाद से होना चाहिए।
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 37 दिनों तक चले आंदोलन के खत्म होने के कुछ घंटे बाद सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान शांतिपूर्ण विरोध और संवाद के जरिए ही किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में टकराव और हिंसा किसी भी जनआंदोलन को कमजोर कर देती है।
अन्ना हजारे ने कहा, “यह लोकतंत्र है, किसी का हुक्म नहीं चलता। हमेशा लोकतंत्र का रास्ता अपनाना चाहिए।” अपने लंबे सामाजिक जीवन का जिक्र करते हुए 89 वर्षीय अन्ना हजारे ने कहा कि उन्होंने 22 बार अनशन किया, लेकिन कभी हिंसा का सहारा नहीं लिया। उनके मुताबिक, शांतिपूर्ण आंदोलनों के परिणामस्वरूप कई महत्वपूर्ण कानून भी बने।
"मैंने 22 बार अनशन किया, कभी हिंसा नहीं की"
अन्ना हजारे ने कहा, “मैंने 22 बार अनशन किया, कभी हिंसा नहीं की और इसी वजह से 10 कानून बने। हिंसा करना सही नहीं है। कोई भी व्यक्ति हो, उसे कभी हिंसा का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए।” अन्ना हजारे ने जोर देकर कहा कि विवादों और समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए ही संभव है। उन्होंने सरकार और जनता दोनों से लोकतांत्रिक तरीके से संवाद करने की अपील की।
उन्होंने कहा, “हर समस्या का समाधान संवाद से होता है। संवाद से रास्ता निकलता है। तनाव पैदा करने और गलत रास्ते पर जाने से कोई समाधान नहीं निकलेगा।”
"जनता क्या कह रही है, यह देखना जरूरी है"
अन्ना हजारे ने सरकारों से भी जनता की समस्याओं पर ध्यान देने और लोगों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा, “जनता क्या कह रही है, यह देखना जरूरी है। जनता के हित के लिए आगे आना पड़े तो इसमें कोई बुराई नहीं है। लेकिन जनहित होना चाहिए। समस्याओं का समाधान हिंसा से नहीं, बल्कि लोगों के बीच संवाद से होता है।”
CJP ने 37 दिनों बाद खत्म किया आंदोलन
अन्ना हजारे की यह प्रतिक्रिया उस समय आई है, जब CJP ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर 37 दिनों से जारी अपना आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया। संगठन ने केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई तीसरे दौर की बातचीत के बाद प्रदर्शन वापस लेने का फैसला किया।
CJP का यह आंदोलन 37 दिनों तक चला
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों पर भरोसा करते हुए “सद्भावना के साथ” आंदोलन वापस ले रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार तय समयसीमा के भीतर किए गए वादों को लागू करेगी। CJP का यह आंदोलन कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के मुद्दे को लेकर 37 दिनों तक चला। आंदोलन के दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई थी।
धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद आंदोलन खत्म हुआ। अन्ना हजारे ने अपने बयान में एक बार फिर शांतिपूर्ण आंदोलन और बातचीत को ही लोकतांत्रिक समाधान का रास्ता बताया।