Breaking: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया पद से इस्तीफा...

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और इस फैसले पर विभिन्न राजनीतिक एवं गैर-राजनीतिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

By  Preeti Kamal July 25th 2026 02:32 PM

नई दिल्ली, भारत: NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया। प्रधान ने कहा कि वे छात्रों के व्यापक हित में यह कदम उठा रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि देश के युवा "भ्रम के जाल में न फंसें।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे अपने इस्तीफे पत्र में, प्रधान ने शिक्षा के क्षेत्र से अपने लंबे जुड़ाव का जिक्र किया और भारत के युवाओं की आकांक्षाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधान ने कहा, "चार दशकों से अधिक समय से मैं छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के कार्यों से जुड़ा रहा हूं। मेरा हमेशा से मानना ​​रहा है कि एक मजबूत, समावेशी और भविष्योन्मुखी शिक्षा प्रणाली ही एक मजबूत राष्ट्र की नींव होती है।"

'परीक्षा में अनियमितताएं सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने तुरंत कार्रवाई की गई'

NEET-UG विवाद को याद करते हुए प्रधान ने कहा कि 3 मई की परीक्षा में अनियमितताएं सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने कहा, "हालांकि, 3 मई, 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताएं पाई गईं। भारत सरकार ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया, जांच CBI को सौंपी, परीक्षा रद्द कर दी और दोबारा परीक्षा की तारीख की घोषणा की। इसके साथ ही, यह निर्णय लिया गया कि अगले साल से परीक्षा कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी।"

"मेधावी छात्र के भविष्य को नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा"

संबलपुर के सांसद ने जोर देकर कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना था कि दोबारा परीक्षा प्रक्रिया के दौरान 20 लाख से अधिक छात्रों के हितों की रक्षा हो। प्रधान ने कहा, "इस दौरान हमारी मुख्य चिंता यह सुनिश्चित करना था कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित हो... पहले दिन से ही मैंने स्थिति की जिम्मेदारी ली और कभी इससे पीछे नहीं हटा। मेरा संकल्प था कि परीक्षा विवाद के कारण किसी भी मेधावी छात्र के भविष्य को नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा।"

उन्होंने कहा कि 16 जुलाई को घोषित NEET-UG परिणामों में कई मेधावी छात्रों की सफलता दिखी, जिनमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्र भी शामिल थे। उन्होंने कहा, "16 जुलाई को घोषित NEET-UG परिणाम संतोषजनक रहे, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के कई मेधावी छात्रों ने भी सफलता हासिल की।" इस मुद्दे से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर निराशा ज़ाहिर करते हुए, प्रधान ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की।

'छात्रों को गुमराह करने की कोशिश से बहुत दुख पहुँचा'

इसके आगे प्रधान  लिखा, "हालांकि, इस दौरान ज़िम्मेदार पदों पर बैठे कई लोगों ने बाधाएँ खड़ी करने और छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की, जिससे मुझे बहुत दुख हुआ।" अपने इस्तीफ़े की वजह बताते हुए प्रधान ने कहा कि चल रहे विरोध प्रदर्शनों का फ़ायदा देश-विरोधी ताकतों को नहीं उठाना चाहिए और ज़ोर दिया कि छात्रों को अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने में सक्षम होना चाहिए।

उन्होंने कहा, "पिछले 10 दिनों की घटनाओं ने मुझे दुखी किया है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का मामला नहीं है... मेरा संकल्प है कि हम देश की युवा शक्ति को भ्रम के जाल में नहीं फंसने देंगे। जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में जो स्थिति पैदा हुई है, उसका फ़ायदा देश-विरोधी ताकतों को नहीं उठाना चाहिए... इन बातों को ध्यान में रखते हुए, मैंने माननीय प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफ़ा भेज दिया है।"

धर्मेंद्र प्रधान ने पीएम मोदी का किया आभार व्यक्त

प्रधान ने शिक्षा मंत्री के तौर पर सेवा करने का मौका देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का शुक्रिया अदा किया और अपने कैबिनेट सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों और स्टाफ़ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "मैं माननीय प्रधानमंत्री का उनके मार्गदर्शन, भरोसे और लगातार समर्थन के लिए दिल से आभार व्यक्त करता हूं... देश की सेवा करना मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और मैं हमेशा इसके लिए समर्पित रहूंगा।" यह घटनाक्रम देश भर में हो रहे व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच और जंतर-मंतर पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की 26 दिन की भूख हड़ताल के बाद सामने आया है।

इस बीच, केंद्र सरकार पेपर लीक रोकने के लिए एक सख़्त कानून लाने की तैयारी कर रही है, जिसके तहत देश भर में पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए स्पेशल फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट और स्पेशल टास्क फ़ोर्स (STF) बनाने के साथ-साथ अन्य अहम प्रावधान भी किए जाएंगे।

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