Paper Leak: परिवारों का दर्द देख बोले राहुल गांधी- 'शिक्षा व्यवस्था को नए सिरे से बनाना होगा'

पेपर लीक संकट के बीच राहुल गांधी ने भारत की परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की मांग की है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था को नए सिरे से बनाया जाना चाहिए, ताकि छात्रों को तनाव नहीं बल्कि सुरक्षा मिले और अभिभावकों को अपने त्याग का फल आंसुओं के रूप में न देखना पड़े।

By  Preeti Kamal July 18th 2026 01:30 PM -- Updated: July 18th 2026 01:10 PM

नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने कई परिवारों को गहरा दर्द दिया है। उन्होंने छात्रों की सुरक्षा और अभिभावकों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह नए सिरे से तैयार करने की मांग की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने NEET पेपर लीक विवाद के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाली छात्रा रिया के पिता से हुई मुलाकात को याद किया।

उन्होंने कहा कि यह घटना देश के कई परिवारों के दर्द को दर्शाती है। राहुल गांधी ने लिखा, "रिया के पिता राजेश जी अपनी बेटी को इस तरह खोने के बाद पूरी तरह टूट गए थे। उन्हें देखने वाले हर व्यक्ति की आंखों में आंसू आ गए। यह सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं है। पेपर लीक ने ऐसे कई परिवारों से उनके बच्चों को छीन लिया है।"

"हर नाम के पीछे एक मां और एक पिता हैं, जिनके लिए अब कोई कल नहीं है"

अपने पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा, "हर नाम के पीछे एक मां और एक पिता हैं, जिनके लिए अब कोई कल नहीं है। इस व्यवस्था को जड़ से नए सिरे से बनाना होगा, जहां बच्चों को तनाव नहीं, सुरक्षा मिले। और माता-पिता को उनके त्याग का फल मिले, आंसू नहीं।" कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी शुक्रवार को देहरादून में उनके 'छात्रों की गूंज' (Chhatron Ki Goonj) अभियान के दौरान रिया के पिता से हुई मुलाकात के बाद आई।

रिया के पिता ने बेटी को खोने का दर्द साझा किया

बन्नू स्कूल ग्राउंड में हुई बातचीत के दौरान रिया के पिता ने अपनी बेटी को खोने का दर्द साझा किया और राहुल गांधी से इस मुद्दे को संसद में उठाने की अपील की, ताकि किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा, "मेरी बेटी 3 मई को खुशी-खुशी घर आई थी। मैंने उससे परीक्षा के बारे में पूछा। वह बहुत खुश थी, लेकिन जब पेपर लीक की खबर सामने आई तो उसने मुझे अपने मोबाइल पर दिखाया। मैंने उस खबर को झूठा मानकर खारिज कर दिया, लेकिन उसने कहा कि पेपर वास्तव में लीक हुआ है।"

इसके आगे उन्होंने आगे कहा, "मेरी बेटी के साथ जो हुआ, मैं नहीं चाहता कि किसी और के साथ ऐसा हो। कृपया इस मुद्दे को संसद में उठाइए, ताकि किसी और को यह सब न झेलना पड़े। मैं अपनी बेटी के बिना जी नहीं पा रहा हूं।" राहुल गांधी ने परीक्षा में अनियमितताओं और छात्रों के सामने आने वाली समस्याओं को उजागर करने के लिए 17 जून को राजस्थान के कोटा से राष्ट्रव्यापी 'छात्रों की गूंज' अभियान की शुरुआत की थी।

राहुल गांधी ने पेपर लीक मामले पर सरकार को घेरा

देहरादून कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि पिछले एक दशक में करीब 7.5 करोड़ युवा छात्र पेपर लीक से प्रभावित हुए हैं और सरकार इस समस्या का समाधान करने में विफल रही है। उन्होंने कहा था, "भारत में परीक्षा के पेपर लीक कराने के लिए हाई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है। अगर आपके पास करोड़ों रुपये हैं तो आप इन पेपरों को इंटरनेट, टेलीग्राम या सिग्नल पर पा सकते हैं। यही भारत की शिक्षा व्यवस्था की स्थिति है।"

राहुल गांधी ने आगे दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं और इनमें किसी को सजा नहीं मिली। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "यह भारत के युवाओं के भविष्य से जुड़ा केंद्रीय मुद्दा है। यह आपके और आपके माता-पिता का अपमान है। यह आपकी मेहनत और समर्पण का अपमान है।"

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