करण जौहर ने पिता यश जौहर को किया याद, पहली Burberry जैकेट का मजेदार किस्सा सुनाया...
करण जौहर ने पिता यश जौहर की जयंती पर भावुक पोस्ट साझा कर बचपन की यादें, पहली Burberry जैकेट का मजेदार किस्सा और पिता की अंतिम सीख सुनाई। उन्होंने यश जौहर को अपना हीरो और भगवान बताया।
मुंबई, महाराष्ट्र: फिल्ममेकर करण जौहर (Karan Johar) ने अपने दिवंगत पिता और दिग्गज फिल्म निर्माता यश जौहर (Yash Johar) की जयंती पर उन्हें भावुक अंदाज में याद किया। करण ने सोशल मीडिया पर बचपन की एक तस्वीर साझा करते हुए पिता के साथ अपने रिश्ते, उनकी सादगी, हास्यबोध और जीवन से मिली सीख को याद किया।
करण जौहर ने बताया कि फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ (Kuch Kuch Hota Hai) की सफलता के बाद उन्होंने जश्न मनाने के लिए अपनी पहली डिजाइनर जैकेट खरीदने का फैसला किया था। वह सीधे Burberry स्टोर पहुंचे और अपने आकार में उपलब्ध एकमात्र जैकेट खरीद ली।
“बेटा ये Burberry नहीं... बहुत बुरी है”
करण ने बताया कि उस समय उनका वजन काफी अधिक था। जैकेट पहनकर उन्हें लगा कि वह बेहद शानदार दिख रहे हैं। लेकिन जब उन्होंने अपने पिता को जैकेट दिखाई तो यश जौहर ने हैरानी से पूछा, “बेटा... ये क्या है?” जब करण ने गर्व से बताया कि जैकेट Burberry की है, तो पिता ने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया, “बेटा ये Burberry नहीं... बहुत बुरी है।”
करण ने बताया कि पिता की बात सुनकर वह पहले टूट गए, लेकिन तुरंत ही हंसने लगे। उन्होंने अपने पिता को “जमीन से जुड़े, सादगी पसंद और बहुत-बहुत मजाकिया” इंसान के रूप में याद किया।
पिता चाहते थे करण बनें अभिनेता
करण ने यह भी बताया कि उनके पिता हमेशा उन पर पूरा विश्वास करते थे। यश जौहर चाहते थे कि करण हिंदी फिल्मों के हीरो बनें। वह अक्सर उनसे कहते थे कि वह इतने हैंडसम हैं कि उन्हें अभिनेता बनना चाहिए और घुड़सवारी सीखनी चाहिए।
इसके विपरीत, करण की मां हीरू जौहर (Hiroo Johar) का मानना था कि करण कैमरे के सामने और घोड़े पर सहज नहीं रह पाएंगे। करण ने दोनों माता-पिता की सोच के इस अंतर को भी अपने पोस्ट में मजेदार अंदाज में साझा किया। करण ने लिखा कि उनके लिए उनके पिता ही उनके असली हीरो थे।
अंतिम दिनों में पिता ने दी थी सबसे बड़ी सीख
करण जौहर ने अपने पिता के जीवन के अंतिम दिनों की एक बेहद भावुक याद भी साझा की। उन्होंने बताया कि कीमोथेरेपी के एक सत्र के बाद यश जौहर ने उनसे कहा था कि उन्हें लगता है कि वह जल्द दुनिया छोड़ सकते हैं। यश जौहर ने करण से एक वादा करने को कहा था—वह हमेशा दयालु बने रहें और अपनी मां का उसी तरह ख्याल रखें, जैसे उन्होंने रखा था।
करण के अनुसार, उनके पिता ने उनसे कहा था कि सफलता का कोई अर्थ नहीं है अगर इंसान के भीतर दयालुता नहीं है। करण ने बताया कि उन्होंने पिता से वादा किया था कि वह अपनी मां का माता-पिता और बच्चे दोनों की तरह ख्याल रखेंगे।
‘जब माता-पिता को खोते हैं, तो एक भगवान पा जाते हैं’
करण ने अपने पिता की मृत्यु को याद करते हुए लिखा कि 22 साल बाद भी उनकी जिंदगी में बना खालीपन वह भरना नहीं चाहते। उनके मुताबिक, माता-पिता को खोने के बाद इंसान एक भगवान पा लेता है और उनके लिए वह भगवान उनके पिता हैं। करण ने कहा कि वह हर दिन अपने पिता से प्रार्थना करते हैं और उनके जीवन में यश जौहर की मौजूदगी को अपने लिए आशीर्वाद मानते हैं।
फिल्म जगत ने भी यश जौहर को किया याद
करण के भावुक पोस्ट पर फिल्म इंडस्ट्री के कई सितारों और दोस्तों ने प्रतिक्रिया दी। मनीष मल्होत्रा (Manish Malhotra) ने यश जौहर को याद करते हुए दिल वाले इमोजी साझा किए। करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) और रिद्धिमा कपूर साहनी (Riddhima Kapoor Sahni) ने भी प्यार जताया।
अनाइता श्रॉफ अदजानिया (Anaita Shroff Adajania) ने यश जौहर को बेहद दयालु बताया, जबकि फराह खान कुंदर (Farah Khan Kunder) ने उन्हें याद करते हुए मजाकिया अंदाज में लिखा कि वह सोचती हैं कि आज के करण के कपड़ों को देखकर यश जौहर क्या कहते।
1976 में की थी Dharma Productions की शुरुआत
यश जौहर ने वर्ष 1976 में Dharma Productions की स्थापना की थी। उन्होंने हिंदी फिल्म उद्योग में निर्माता के तौर पर लंबी और प्रभावशाली पारी खेली। वर्ष 2004 में उनका निधन हो गया।
यश जौहर की विरासत को करण जौहर ने आगे बढ़ाया। करण अक्सर सार्वजनिक रूप से अपने पिता के प्रभाव और उनसे मिली सीख का जिक्र करते रहे हैं। उन्होंने अपने बेटे का नाम भी अपने पिता की याद में यश रखा है।