बॉलीवुड के दिग्गज निर्माता पहलाज निहलानी का निधन, 76 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
‘आंखें’, ‘शोला और शबनम’ जैसी फिल्मों के निर्माता और पूर्व CBFC चेयरमैन पहलाज निहलानी के निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर
मुंबई: हिंदी फिल्म जगत के जाने-माने निर्माता और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का गुरुवार को निधन हो गया। 76 वर्षीय निहलानी ने मुंबई के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे निहलानी के निधन की खबर सामने आते ही फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई।
पहलाज निहलानी भारतीय सिनेमा के उन निर्माताओं में गिने जाते थे जिन्होंने 1980 और 1990 के दशक में कई सफल फिल्मों का निर्माण किया। अपने चार दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने कई लोकप्रिय और व्यावसायिक रूप से सफल फिल्मों को दर्शकों तक पहुंचाया। उनके निधन को हिंदी फिल्म उद्योग के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।
कई सितारों के करियर को दी नई पहचान
पहलाज निहलानी ने फिल्म निर्माण की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1980 के दशक में की और जल्द ही सफल निर्माताओं की सूची में शामिल हो गए। उनकी फिल्मों ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की बल्कि कई कलाकारों के करियर को भी नई दिशा दी।
गोविंदा के शुरुआती फिल्मी सफर में उनका योगदान विशेष रूप से याद किया जाता है। फिल्म निर्माता के रूप में उन्होंने मनोरंजन प्रधान सिनेमा को बढ़ावा दिया और दर्शकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए कई यादगार फिल्में दीं।
सेंसर बोर्ड में भी निभाई अहम भूमिका
फिल्म निर्माण के अलावा पहलाज निहलानी ने 2015 से 2017 तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। इस दौरान उनके कई फैसले चर्चा का विषय बने। फिल्मों में सेंसरशिप, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रमाणन प्रक्रिया को लेकर उनके कार्यकाल में कई राष्ट्रीय स्तर की बहसें देखने को मिलीं।
हालांकि उनके कुछ निर्णयों को लेकर विवाद भी हुए, लेकिन उन्होंने हमेशा यह कहा कि उनका उद्देश्य भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के अनुरूप फिल्म प्रमाणन व्यवस्था को मजबूत बनाना है।
फिल्म जगत ने जताया शोक
पहलाज निहलानी के निधन की खबर के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई कलाकारों, निर्देशकों और निर्माताओं ने शोक व्यक्त किया। सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लोगों ने भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को याद किया।
उनका अंतिम संस्कार मुंबई में परिवार और करीबी लोगों की मौजूदगी में किया जाएगा। उनके जाने से भारतीय फिल्म उद्योग ने एक ऐसे निर्माता को खो दिया है जिसने दशकों तक मनोरंजन जगत को महत्वपूर्ण योगदान दिया।