बच्चों को कब से खिलाना चाहिए अंडा? नई रिसर्च में सामने आए चौंकाने वाले फायदे
विशेषज्ञों का दावा- सही उम्र में अंडा शुरू करने से कम हो सकता है एलर्जी का खतरा, मिलते हैं कई पोषण लाभ
नई दिल्ली: बच्चों की परवरिश के दौरान माता-पिता के मन में सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि शिशु को कौन-सी चीज कब खिलानी चाहिए। खासकर अंडे को लेकर अक्सर असमंजस बना रहता है। कई परिवारों में यह धारणा रही है कि अंडा जल्दी देने से बच्चों में एलर्जी का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि अब हालिया शोध इस सोच को बदलता नजर आ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सही समय पर अंडा शुरू करना न केवल सुरक्षित हो सकता है बल्कि इससे बच्चों में भविष्य में होने वाली खाद्य एलर्जी का जोखिम भी कम हो सकता है। हाल में प्रकाशित एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन ने इस विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जिससे माता-पिता को बच्चों के आहार को लेकर बेहतर निर्णय लेने में मदद मिल सकती है।
6 से 8 महीने की उम्र को माना गया उपयुक्त
शोधकर्ताओं के अनुसार, शिशु के छह से आठ महीने की उम्र के बीच अंडा आहार में शामिल करना लाभकारी हो सकता है। इस अवधि में बच्चे ठोस भोजन की शुरुआत कर चुके होते हैं और उनका पाचन तंत्र नए खाद्य पदार्थों को स्वीकार करने के लिए विकसित होने लगता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस उम्र में धीरे-धीरे अंडा शुरू करने से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली उसे पहचानना सीखती है, जिससे आगे चलकर एलर्जी की संभावना कम हो सकती है।
रिसर्च में क्या सामने आया?
अध्ययन में पाया गया कि जिन बच्चों को शुरुआती महीनों में अंडा दिया गया, उनमें अंडे से संबंधित एलर्जी के मामले अपेक्षाकृत कम देखे गए। खासकर उन बच्चों में इसका सकारात्मक प्रभाव अधिक दिखाई दिया जिन्हें त्वचा संबंधी समस्याएं, जैसे एक्जिमा, होने की संभावना थी।
विशेषज्ञ मानते हैं कि शुरुआती उम्र में नियंत्रित मात्रा में एलर्जी पैदा करने वाले खाद्य पदार्थ देने से शरीर उनके प्रति सहनशीलता विकसित कर सकता है।
अंडा क्यों है बच्चों के लिए फायदेमंद?
अंडा पोषण का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। इसमें प्रोटीन, विटामिन D, विटामिन B12, आयरन, कोलीन और कई आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं जो बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अंडे में मौजूद उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन मांसपेशियों के विकास में मदद करता है, जबकि कोलीन मस्तिष्क के विकास और याददाश्त को मजबूत बनाने में सहायक माना जाता है।
अंडा खाने के प्रमुख फायदे
- शरीर को उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन मिलता है
- मस्तिष्क के विकास में मदद करता है
- हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक
- प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाता है
- आंखों और त्वचा के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी
- बच्चों की वृद्धि और विकास को समर्थन देता है
शुरुआत कैसे करें?
बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार, पहली बार अंडा देते समय उसे पूरी तरह पकाकर ही देना चाहिए। कच्चा या अधपका अंडा बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता।
शुरुआत में अंडे की जर्दी को अच्छी तरह मैश करके कम मात्रा में दिया जा सकता है। यदि बच्चा उसे आसानी से पचा ले और कोई एलर्जी प्रतिक्रिया न दिखे, तो धीरे-धीरे मात्रा बढ़ाई जा सकती है।
किन बातों का रखें ध्यान?
यदि परिवार में पहले से खाद्य एलर्जी का इतिहास है, तो अंडा शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होगा। अंडा देने के बाद बच्चे में किसी प्रकार के चकत्ते, उल्टी, सांस लेने में परेशानी या सूजन जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि नया खाद्य पदार्थ शुरू करने के बाद कुछ दिनों तक बच्चे पर नजर रखनी चाहिए ताकि किसी संभावित प्रतिक्रिया का समय रहते पता चल सके।
स्वस्थ विकास के लिए संतुलित आहार जरूरी
डॉक्टरों का कहना है कि अंडा बच्चों के लिए पोषण का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है, लेकिन इसे संतुलित आहार के साथ ही शामिल करना चाहिए। फल, सब्जियां, दालें और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ भी बच्चे के संपूर्ण विकास के लिए आवश्यक हैं।
नई रिसर्च यह संकेत देती है कि सही उम्र में और सही तरीके से अंडा शुरू करने से बच्चों को पोषण संबंधी लाभ मिल सकते हैं और कुछ मामलों में एलर्जी का जोखिम भी कम हो सकता है। इसलिए माता-पिता को विशेषज्ञ सलाह के साथ बच्चों के आहार में इसे शामिल करने पर विचार करना चाहिए।