अडानी को अमेरिका में बड़ी राहत, गौतम-सागर अडानी के खिलाफ आपराधिक मामला खत्म

अमेरिकी अदालत ने गौतम अडानी और सागर अडानी के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले को स्थायी रूप से खारिज कर दिया है। वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने फैसले को अपेक्षित बताया। न्याय विभाग की याचिका स्वीकार करते हुए अदालत ने आरोप हटाए, जबकि मामले की न्यायिक प्रक्रिया और अलग नागरिक कार्रवाई भी चर्चा में रही।

By  Preeti Kamal August 17th 2026 02:50 PM -- Updated: August 17th 2026 02:19 PM

नई दिल्ली: उद्योगपति गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी को अमरीका में चल रहे आपराधिक मामले में बड़ी राहत मिली है। न्यूयॉर्क की ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने अमेरिकी न्याय विभाग के अनुरोध पर दोनों के खिलाफ आपराधिक आरोपों को स्थायी रूप से खारिज (with prejudice) कर दिया। मामले में पूर्व अडानी ग्रीन एनर्जी प्रमुख विनीत जैन भी आरोपी थे।

अमेरिकी जिला न्यायाधीश निकोलस गारॉफिस ने अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से दायर याचिका को मंजूरी देते हुए आपराधिक अभियोग खारिज कर दिया। इसका अर्थ है कि इस मामले में आरोपों को दोबारा उसी आधार पर आगे बढ़ाना संभव नहीं होगा। यह मामला नवंबर 2024 में सामने आया था। अमेरिकी अभियोजकों ने आरोप लगाया था कि गौतम अडानी, सागर अडानी और अन्य अधिकारियों ने भारतीय सरकारी अधिकारियों को कथित तौर पर रिश्वत देने की योजना बनाई और अमेरिकी निवेशकों से संबंधित जानकारी छिपाई। अडानी पक्ष ने आरोपों से इनकार किया था।

वरिष्ठ वकीलों ने फैसले को बताया अपेक्षित

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने कहा कि आरोप खारिज होने के बाद अमरीका में अडानी के खिलाफ आपराधिक आरोपों के लिहाज से मामला पूरी तरह समाप्त हो गया है। उनके अनुसार, अमेरिकी सरकार ने अदालत की अनुमति से अभियोग वापस लेने का अनुरोध किया था और अदालत ने उसे स्वीकार कर लिया। वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने इसे अपेक्षित फैसला बताते हुए कहा कि आरोपों को ‘with prejudice’ खारिज किए जाने का मतलब है कि इसी मामले में अमरीका में दोबारा आपराधिक कार्रवाई की गुंजाइश नहीं रहती।

न्याय विभाग के फैसले पर उठे थे सवाल

गौरतलब है कि अमेरिकी अदालत ने शुरुआत में न्याय विभाग की आरोप वापस लेने की मांग पर तत्काल मंजूरी नहीं दी थी। न्यायाधीश गारॉफिस ने सरकार से इस फैसले के विस्तृत कारण बताने को कहा था। बाद में न्याय विभाग ने अदालत को अपने फैसले के आधार और परिस्थितियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। ख़बरों के अनुसार, अंतिम आदेश में न्यायाधीश ने न्याय विभाग की प्रक्रिया और कुछ निर्णयों को लेकर चिंता जताई, हालांकि उन्होंने यह नहीं माना कि अडानी समूह की अमरीका में निवेश की प्रतिबद्धता मामले को खारिज करने का कारण थी।

गौतम अडानी ने क्या कहा?

फैसले के बाद गौतम अडानी ने इसे विनम्रता और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति गहरे सम्मान के साथ स्वीकार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण दौर के दौरान भी उनका सत्य, निष्पक्षता और कानून के शासन में विश्वास कायम रहा। उन्होंने कहा कि वह देश के लिए निर्माण, दीर्घकालिक मूल्य सृजन और बड़े उद्देश्य की दिशा में काम जारी रखेंगे।

नागरिक मामले में अलग प्रक्रिया

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि आपराधिक मामले का खारिज होना और अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) की नागरिक कार्रवाई अलग कानूनी प्रक्रियाएं हैं। मई 2026 में अडानी ग्रीन एनर्जी के खुलासे के अनुसार, गौतम अडानी और सागर अडानी ने SEC से जुड़े नागरिक मामले में बिना आरोप स्वीकार या खारिज किए क्रमशः 60 लाख डॉलर और 1.2 करोड़ डॉलर के नागरिक दंड पर सहमति जताई थी।

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