तिरंगा लहराने पर जेल में क्यों? CJP कार्यकर्ताओं की हिरासत पर अजिंक्य शिंदे ने उठाए सवाल
एक्स पर पोस्ट किए गए वीडियो संदेश में प्रकाश राज ने कहा कि सरकार ने लोगों से हर घर तिरंगा अभियान के माध्यम से देशभक्ति प्रदर्शित करने की अपील की थी। ऐसे में तिरंगा लेकर प्रदर्शन करने वाले युवाओं को गिरफ्तार करने और हिरासत में रखने को लेकर उन्होंने सवाल उठाए।
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने पार्टी कार्यकर्ताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के पांच दिन पूरे होने पर उनकी हिरासत पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने ही देश में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लहराने के लिए युवाओं को जेल में रखा जा रहा है। अजिंक्य शिंदे ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा, “आशु और सौरव की अवैध गिरफ्तारी का पांचवां दिन। तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है!”
दिल्ली पुलिस ने 12 अक्टूबर को सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य लोगों को कथित तौर पर जंतर-मंतर पर अनधिकृत प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किए जाने का हवाला दिया गया था। इसके बाद सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। पार्टी नेता अजिंक्य शिंदे ने कहा कि इस कार्रवाई से कार्यकर्ताओं का हौसला कमजोर नहीं होगा। उन्होंने तिरंगा लहराने को अपराध मानने पर सवाल उठाया।
प्रकाश राज ने भी केंद्र सरकार को घेरा
अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज ने भी राष्ट्रीय ध्वज लहराने वाले युवाओं की हिरासत पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से देशभक्ति को लेकर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। एक्स पर पोस्ट किए गए वीडियो संदेश में प्रकाश राज ने कहा कि सरकार ने लोगों से हर घर तिरंगा अभियान के माध्यम से देशभक्ति प्रदर्शित करने की अपील की थी। ऐसे में तिरंगा लेकर प्रदर्शन करने वाले युवाओं को गिरफ्तार करने और हिरासत में रखने को लेकर उन्होंने सवाल उठाए।
प्रकाश राज ने यह भी आरोप लगाया कि युवाओं पर लाठीचार्ज और उनके खिलाफ कार्रवाई से सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार बदलने का अधिकार मतदाताओं के पास है।
अभिजीत दीपके की पेशी को लेकर वकील ने दी जानकारी
इस बीच, CJP कार्यकर्ता अभिजीत दीपके को शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली से पहले एहतियातन हिरासत में लिया था। उनके कानूनी पक्ष के अनुसार, उन्हें शनिवार दोपहर करीब 12 बजे मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट (एसईएम) के सामने पेश किया जाना था।
वकील रत्ना सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर पेशी के समय की जानकारी दी। पुलिस ने दीपके के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा का हवाला दिया था। CJP के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि उन्हें हिरासत में लेकर अज्ञात स्थान पर ले जाया गया और शुरुआत में वकीलों तक उनकी पहुंच नहीं थी।
तिरंगा रैली के बाद दिल्ली पुलिस ने दर्ज कीं एफआईआर
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार को नई दिल्ली के कनॉट प्लेस और अन्य इलाकों में निषेधाज्ञा के उल्लंघन को लेकर कई प्राथमिकी दर्ज की गईं। पुलिस का कहना है कि कनॉट प्लेस के आसपास लोगों के जुटने पर बार-बार घोषणाएं कर उन्हें वहां से हटने के लिए कहा गया था।
यह कार्रवाई कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क के बाहर आयोजित तिरंगा रैली के बाद हुई। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक भी चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर निर्वाचन आयोग के खिलाफ तिरंगा रैली में शामिल हुए थे। मामले में CJP कार्यकर्ताओं की हिरासत, पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के आरोपों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।