परिसीमन मुद्दे पर तेलंगाना में सियासी जंग, BJP विधायक का CM रेवंत पर तीखा हमला...
हैदराबाद, तेलंगाना: बीजेपी विधायक अलेटी महेश्वर रेड्डी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा परिसीमन को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कहा, “मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा गलत नैरेशन दिया जा रहा है। अगर आप परिसीमन प्रक्रिया को देखें, तो यह संवैधानिक है। अनुच्छेद 81 और 82 में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि हर दशक में परिसीमन होना चाहिए। कांग्रेस ने 1952, 1962 और 1972 में जनसंख्या के आधार पर परिसीमन किया था।”
उन्होंने राहुल गांधी के बयान का जिक्र करते हुए कहा, “‘जितनी आबादी, उतना हक’—अगर इस सिद्धांत पर चलें, तो दक्षिणी राज्यों को कम सीटें मिलेंगी। राहुल गांधी या कांग्रेस वही बात कह रहे हैं, जो उन्होंने 1962 और 1972 में की थी, जिसके कारण दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हुआ था।”
198 सीटों का लाभ मिलने का दावा
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “अगर केंद्र सरकार के नए फॉर्मूले को देखें, तो हमें 198 सीटों का लाभ मिलने वाला है। यह सभी क्षेत्रों को समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करता है, जो बीजेपी की मुख्य विचारधारा में से एक है। मुझे समझ नहीं आता कि रेवंत रेड्डी क्यों कह रहे हैं कि हमें नुकसान होगा। हम 100 प्रतिशत लाभ में रहेंगे। यह बीजेपी का सबसे बेहतर फॉर्मूला और सोच है, जिसके जरिए हमें 198 सीटें और 1972 की तरह 24 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद है।”
मुख्यमंत्री के असंगत और असंवैधानिक तर्क पर सवाल
बीजेपी विधायक ने आगे कहा, “उनकी चिंता क्या है और वे क्या कहना चाहते हैं? क्या मुख्यमंत्री रेड्डी दक्षिण को फायदा पहुंचाने के इच्छुक नहीं हैं, या फिर उनकी कोई और योजना है कि वे केंद्रीय राजनीति में जाना चाहते हैं? इसलिए वे पार्टी में बेहतर स्थिति पाने के लिए आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रहे हैं। मुझे समझ नहीं आता कि एक मुख्यमंत्री होने के नाते वे इतना असंगत और असंवैधानिक तर्क कैसे दे सकते हैं।”
इससे पहले, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को केंद्र सरकार के खिलाफ लंबी लड़ाई की बात करते हुए मांग की थी कि परिसीमन के दौरान दक्षिणी राज्यों को सीटें प्रो-राटा (अनुपातिक) सिद्धांत के आधार पर दी जाएं।