अंबाजी मंदिर दान चोरी मामला: CCTV में कैद हुई कथित वारदात, तीन कर्मचारी गिरफ्तार

अब दान की गिनती 20 से अधिक CCTV कैमरों की निगरानी में होगी। CCTV फुटेज को 30 दिनों की बजाय 6 महीने तक सुरक्षित रखा जाएगा। दान गिनने की पूरी प्रक्रिया मंदिर परिसर में लगे LED स्क्रीन पर लाइव दिखाई जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। दान गिनने वाले सभी कर्मचारियों की मेटल डिटेक्टर से जांच प्रवेश और निकास दोनों समय पुलिस की मौजूदगी में की जाएगी।

By  Preeti Kamal July 14th 2026 06:30 PM -- Updated: July 14th 2026 05:42 PM

अहमदाबाद, गुजरात: गुजरात के प्रसिद्ध अंबाजी मंदिर में कथित दान चोरी का मामला सामने आया है। यह मामला अयोध्या के राम मंदिर, उत्तराखंड के बद्रीनाथ मंदिर और मध्य प्रदेश के बगलामुखी मंदिर में सामने आए कथित दान गबन मामलों के बाद चर्चा में आया है। जानकारी के अनुसार, CCTV फुटेज में मुख्य आरोपी चिराग ठाकोर को दान की गिनती के दौरान नोटों की गड्डी पहले अपने पैर के नीचे छिपाते और फिर उसे पैंट के अंदर रखते हुए देखा गया है। बताया जा रहा है कि यह फुटेज 21 अप्रैल 2026 की है, जबकि चोरी का मामला 7 मई 2026 को सामने आया था।

बनासकांठा कलेक्टर मिहिर पटेल ने बताया कि चोरी का पता चलते ही मंदिर ट्रस्ट ने तत्काल एफआईआर दर्ज कराई, तीनों कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू की है।

करीब ₹1.04 लाख की कमी पाए जाने के बाद कथित चोरी का खुलासा हुआ

अधिकारियों के अनुसार, साप्ताहिक दान गिनती के दौरान करीब ₹1.04 लाख की कमी पाए जाने के बाद इस कथित चोरी का खुलासा हुआ। जांच में आरोप है कि दान गिनने वाले विभाग में तैनात चिराग ठाकोर ने नकदी को अपने कपड़ों में छिपाने की कोशिश की।

बताया गया कि जब वह गिनती कक्ष (Counting Room) से बाहर निकल रहा था, तब उसके कपड़ों से कुछ नोट नीचे गिर गए, जिसके बाद कथित चोरी का खुलासा हुआ। पुलिस जांच के दौरान मंदिर के दो अन्य कर्मचारियों विवेक शर्मा और निकुल पटेल को भी गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि दोनों तकनीकी संचालन (Technical Operations) संभालते थे और कथित चोरी के दौरान मंदिर के CCTV सिस्टम से छेड़छाड़ करने में शामिल थे। सोशल मीडिया पर चंदा चोरी मामले से जुड़ा वीडियो वायरल हो गया है।

तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया

तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। बाद में उन्हें जमानत मिल गई और फिलहाल वे बेल पर बाहर हैं। नई CCTV फुटेज सामने आने के बाद जांच और तेज हो गई है। जांचकर्ताओं को आशंका है कि इससे पहले भी इस तरह की घटनाएं हुई हो सकती हैं। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक पूर्व में चोरी होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है।

सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव

घटना के बाद बनासकांठा जिला प्रशासन और अंबाजी मंदिर ट्रस्ट ने दान गिनने की प्रक्रिया में कई बड़े बदलाव किए हैं।

  • अब दान की गिनती 20 से अधिक CCTV कैमरों की निगरानी में होगी।
  • CCTV फुटेज को 30 दिनों की बजाय 6 महीने तक सुरक्षित रखा जाएगा।
  • दान गिनने की पूरी प्रक्रिया मंदिर परिसर में लगे LED स्क्रीन पर लाइव दिखाई जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
  • दान गिनने वाले सभी कर्मचारियों की मेटल डिटेक्टर से जांच प्रवेश और निकास दोनों समय पुलिस की मौजूदगी में की जाएगी।
  • कर्मचारियों को बड़ी जेब वाले कपड़े पहनने पर रोक लगा दी गई है।

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