संसद में चर्चा को तैयार सरकार, अमित शाह बोले- ‘दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा’

संसद के मॉनसून सत्र में छात्र प्रदर्शनों और कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने चर्चा की पेशकश करते हुए कहा कि सरकार हर सवाल का जवाब देने को तैयार है, जबकि राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई के आदेश पर जवाब मांगा है।

By  Laxman August 12th 2026 01:03 PM

नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र में छात्र प्रदर्शनों और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। सदन में जारी गतिरोध के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि केंद्र इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से चर्चा में शामिल होने की अपील की और कहा कि बहस के बाद पूरे मामले की तस्वीर जनता के सामने साफ हो जाएगी।

अमित शाह ने विपक्ष को चर्चा के लिए समय का प्रस्ताव देते हुए कहा कि अगर विपक्ष तैयार है तो लोकसभा अध्यक्ष को दोपहर 2 बजे तक पत्र दिया जाए और इसके बाद दोपहर 3 बजे से चर्चा शुरू की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार जरूरत पड़ने पर चर्चा को अगले दिन दोपहर 3 बजे तक जारी रखने के लिए भी तैयार है।

‘सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं’

गृह मंत्री ने कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और वह विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि इतने गंभीर विषय पर केवल एक बयान देने के बजाय संसदीय प्रक्रिया के तहत विस्तृत चर्चा होनी चाहिए।

शाह के मुताबिक, चर्चा के दौरान वह खुद सदन में मौजूद रहेंगे और उठाए जाने वाले सभी मुद्दों का जवाब देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर लोकसभा अध्यक्ष अनुमति दें तो चर्चा के लिए प्रश्नकाल को स्थगित करने का विकल्प भी अपनाया जा सकता है।

गृह मंत्री ने विपक्ष पर चर्चा के बजाय हंगामा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब विपक्ष को तय करना है कि वह बहस करना चाहता है या सदन की कार्यवाही बाधित करना।

उन्होंने विपक्षी नेताओं की ओर से इस्तेमाल किए जा रहे ‘लापता’, ‘भगोड़े’ और ‘भाग गए’ जैसे शब्दों पर भी आपत्ति जताई और कहा कि इस तरह की भाषा उचित नहीं है।

राहुल गांधी ने उठाया पुलिस कार्रवाई का सवाल

अमित शाह के बयान के बाद लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सरकार के प्रस्ताव पर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने कहा कि संसद सत्र के अंतिम समय में सरकार की ओर से माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने गृह मंत्री से छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल के आदेश किसने दिए।

उन्होंने कहा कि अगर गृह मंत्री ने ऐसे आदेश दिए थे तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। राहुल गांधी ने यह भी सवाल उठाया कि अगर गृह मंत्री संसद में मौजूद रहते थे तो उन्होंने पहले सदन में इस मुद्दे पर जवाब क्यों नहीं दिया।

कांग्रेस चाहती है गृह मंत्री का जवाब

कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने भी सरकार के रुख पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष की मांग है कि गृह मंत्री सदन में आकर पूरे मामले पर जवाब दें।

इस तरह सरकार और विपक्ष के बीच विवाद केवल चर्चा कराने या न कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों पक्ष चर्चा के तरीके और जवाबदेही को लेकर अलग-अलग रुख अपना रहे हैं। सरकार विस्तृत संसदीय बहस के जरिए मुद्दे को स्पष्ट करने की बात कह रही है, जबकि विपक्ष सीधे गृह मंत्री से कथित पुलिस कार्रवाई के आदेश और उसकी जिम्मेदारी पर जवाब मांग रहा है।

अब चर्चा या हंगामा, फैसला विपक्ष पर

अमित शाह ने अपने बयान में विपक्ष को स्पष्ट विकल्प देते हुए कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और वह खुद सदन में मौजूद रहकर सवालों का जवाब देंगे। वहीं विपक्ष का कहना है कि सरकार को पहले पुलिस कार्रवाई और छात्रों के साथ हुए व्यवहार पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

मॉनसून सत्र के अंतिम चरण में यह मुद्दा सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव का प्रमुख केंद्र बन गया है। अब देखना होगा कि विपक्ष सरकार के चर्चा प्रस्ताव को स्वीकार करता है या सदन में गतिरोध आगे भी जारी रहता है।

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