रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन को वर्चुअली दिखाई हरी झंडी...

By  Preeti Kamal May 17th 2026 05:35 PM

नई दिल्ली, भारत: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को बेंगलुरु और मुंबई के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन को वर्चुअली हरी झंडी दिखाई। इसे कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि दक्षिण और उत्तर कर्नाटक की लंबे समय से लंबित मांगें अब पूरी की जा रही हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि बेंगलुरु और मुंबई के बीच जल्द ही वंदे भारत स्लीपर सेवा शुरू होने की उम्मीद है। रेल मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में रेलवे बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे कर्नाटक में रेलवे परियोजनाओं के कार्यों में तेजी आई है।

 61 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास

रेल मंत्रालय के अनुसार, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 2,160 करोड़ रुपये की लागत से 61 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें से 9 स्टेशन पूरे हो चुके हैं। बेंगलुरु कैंटोनमेंट स्टेशन का 485 करोड़ रुपये और यशवंतपुर स्टेशन का 367 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि 2014 से अब तक कर्नाटक में करीब 1,750 किलोमीटर नई रेलवे लाइनें बिछाई गई हैं। हासन-मंगलुरु सेक्शन में जटिल विद्युतीकरण कार्य पूरा हो चुका है और परीक्षण जारी है।


चारों कॉरिडोर पर काम तेजी से चल रहा है- अश्विनी वैष्णव

बेंगलुरु सबअर्बन रेलवे प्रोजेक्ट पर जानकारी देते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि चारों कॉरिडोर पर काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने बताया कि बैयप्पनहल्ली-चिक्कबनावरा और हीलालिगे-राजनुकुंटे कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है और स्टेशन निर्माण कार्य जारी है।

केएसआर बेंगलुरु-देवनहल्ली कॉरिडोर के एलाइनमेंट को राज्य सरकार और रेलवे ने संयुक्त रूप से मंजूरी दे दी है तथा जियोटेक्निकल सर्वे पूरा हो चुका है। केंगरी-व्हाइटफील्ड एलाइनमेंट को हाल ही में मंजूरी मिली है और जल्द ही सर्वे कार्य शुरू होगा। उन्होंने कहा कि उपनगरीय रेल नेटवर्क हवाईअड्डे, इलेक्ट्रॉनिक सिटी, मराठाहल्ली और हेब्बल जैसे प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ेगा।

कर्नाटक में 12 जोड़ी वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं

रेल मंत्री ने कहा कि वर्तमान में कर्नाटक में 12 जोड़ी वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं। बेंगलुरु-मंगलुरु रूट पर परीक्षण जारी है, जिससे जल्द ही तटीय क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मडगांव तक बेहतर होगी।

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बेंगलुरु को हैदराबाद और चेन्नई से जोड़ने वाले बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को भी मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि मुंबई, बेंगलुरु और अन्य बड़े शहरों को जोड़ने वाला हाई-स्पीड नेटवर्क भविष्य में 7,000 किलोमीटर तक विस्तारित होने की उम्मीद है।

12 जोड़ी वंदे भारत ट्रेनें 14 जिलों को कर रही हैं कवर

इस दौरान केंद्रीय रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने नई बेंगलुरु-मुंबई ट्रेन को मंजूरी देने के लिए अश्विनी वैष्णव का आभार जताया और कहा कि यह देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक पर यात्रियों को बड़ी राहत देगा। वी. सोमन्ना ने बताया कि कर्नाटक में फिलहाल 12 जोड़ी वंदे भारत ट्रेनें 14 जिलों को कवर कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि थानिसांद्रा में 270 करोड़ रुपये की लागत से वंदे भारत स्लीपर मेंटेनेंस डिपो बनाया जाएगा, जबकि एसएमवीटी बेंगलुरु में 52.73 करोड़ रुपये की लागत से चेयर कार मेंटेनेंस सुविधा विकसित की जाएगी। बैयप्पनहल्ली-होसुर डबलिंग परियोजना (1,116 करोड़ रुपये), बेट्टाहलासुरु-राजनुकुंटे (248 करोड़ रुपये) और बेंगलुरु के आसपास चौथी लाइन परियोजनाओं (1,347 करोड़ रुपये) पर भी काम चल रहा है।


कर्नाटक को 7,748 करोड़ रुपये का रेलवे बजट आवंटित

वी. सोमन्ना ने कहा कि यशवंतपुर, केएसआर बेंगलुरु, लोट्टेगोल्लाहल्ली, बैयप्पनहल्ली, पेनुकोंडा, मैसूर और जोलारपेट्टई जैसे प्रमुख सेक्शनों में 6,396 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमैटिक सिग्नलिंग कार्य किए जा रहे हैं।

वी. सोमन्ना ने बताया कि कर्नाटक को इस बार रिकॉर्ड 7,748 करोड़ रुपये का रेलवे बजट आवंटन मिला है। उन्होंने कहा कि 2014 से अब तक राज्य में करीब 3,840 किलोमीटर रेलवे लाइनों का विकास और 3,742 किलोमीटर का विद्युतीकरण किया गया है, जिससे राज्य लगभग 100 प्रतिशत विद्युतीकरण के करीब पहुंच गया है।

अगले साल तक 146 और परियोजनाएं पूरी होंगी

इसके अलावा, रेलवे ओवरब्रिज (ROB) और अंडरब्रिज (RUB) की संख्या 2014 से पहले लगभग 150 थी, जो अब बढ़कर 707 हो गई है। अगले एक साल में 146 और परियोजनाएं पूरी होंगी और अगले तीन वर्षों में सभी लेवल क्रॉसिंग खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है।

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