बीजेपी की महिला सांसदों ने राष्ट्रपति मुर्मू से की मुलाकात, बिमोल अकोइजम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
बीजेपी की महिला सांसदों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर जेएनयू प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विश्वविद्यालय ने उन्हें बर्खास्त किया है, जबकि दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की महिला सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस सांसद और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों के मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में लोकसभा सांसद कमलजीत सहरावत, बांसुरी स्वराज और मालविका देवी के साथ राज्यसभा सांसद एस. फांगनोन कोन्याक और गीता शाक्य तथा बीजेपी की वरिष्ठ नेता रेखा शर्मा शामिल थीं। उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जवाबदेही तय करने के लिए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की।
बांसुरी स्वराज ने कांग्रेस नेतृत्व पर उठाए सवाल
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद नई दिल्ली से बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने सांसद के खिलाफ लगे आरोपों पर उचित कार्रवाई नहीं कर रही है। बांसुरी स्वराज ने दावा किया कि एक दिन पहले कांग्रेस मुख्यालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही बीजेपी की महिला कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस के पदाधिकारी संजीव सिंह ने कथित तौर पर मारपीट और अभद्र व्यवहार किया।
उन्होंने कांग्रेस के ‘स्मैश द पैट्रिआर्की’ नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों की बात करने वाली पार्टी को अपने नेताओं के आचरण पर भी जवाब देना चाहिए। बांसुरी स्वराज ने कहा कि जेएनयू की 11 छात्राओं को न्याय दिलाने के लिए उनकी पार्टी प्रयास जारी रखेगी। उनके बयान में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकी है।
रेखा शर्मा ने 11 छात्राओं के उत्पीड़न का आरोप लगाया
राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रेखा शर्मा ने आरोप लगाया कि जेएनयू में एक नहीं, बल्कि कई छात्राओं को अनुचित व्यवहार का सामना करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि शैक्षणिक बातचीत के बहाने छात्राओं को फिल्मों के कुछ दृश्य दिखाए गए और उनसे निजी संबंधों को लेकर सवाल पूछे गए।
रेखा शर्मा के अनुसार, कथित तौर पर 11 छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न हुआ। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किया कि महिलाओं के अधिकारों की बात करने वाली पार्टी इस मामले में कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है। रेखा शर्मा ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से आरोपी सांसद को संसद की सदस्यता से हटाने के लिए हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। हालांकि, किसी सांसद की सदस्यता समाप्त करने की प्रक्रिया संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के अधीन होती है।
जेएनयू ने 9 अक्टूबर को प्रोफेसर को सेवा से हटाया
यह मामला जेएनयू प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के बाद और चर्चा में आया। विश्वविद्यालय ने 9 अक्टूबर को जारी आदेश के तहत प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया था।
विश्वविद्यालय के आदेश के अनुसार, आंतरिक समिति ने जांच के निष्कर्षों के आधार पर उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी। अकोइजम जेएनयू के सामाजिक विज्ञान संकाय के अंतर्गत सामाजिक व्यवस्था अध्ययन केंद्र से जुड़े थे। अकोइजम ने अपने ऊपर लगे आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है। ऐसे में आरोपों और संबंधित पक्षों के बयानों के बीच अंतर करना महत्वपूर्ण है।
दिल्ली पुलिस ने भी दर्ज की प्राथमिकी
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने जेएनयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की है। प्राथमिकी 11 अक्टूबर 2026 को वसंत कुंज नॉर्थ थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 75(1)(i), 75(1)(iv) और 79 के तहत दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार, मामले की आगे जांच की जा रही है। प्राथमिकी दर्ज होना आरोपों की न्यायिक पुष्टि नहीं है। मामले में पुलिस की जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया आगे महत्वपूर्ण होगी।