CJP का दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम, सौरव दास बोले- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तारीख बताएं

CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। पार्टी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तारीख और समय तय करने की मांग की। इस बीच, CJI सूर्यकांत ने विपक्षी नेताओं से मुलाकात न कर पाने के कारणों की जानकारी दी।

By  Laxman October 12th 2026 02:57 PM

नई दिल्ली:  मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली पुलिस से 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है। पार्टी ने पुलिस से कहा है कि वह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए तारीख और समय तय करे। CJP के नेता आशुतोष रांका और सह-संस्थापक सौरव दास सोमवार को अपनी मांग लेकर संसद मार्ग पुलिस थाने पहुंचे। पार्टी का कहना है कि वह प्रदर्शन के लिए पुलिस की ओर से तय की गई तारीख और समय पर जुटने को तैयार है।

CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि आम तौर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगने वाले आयोजकों को पुलिस से लगभग 10 दिन पहले संपर्क करने के लिए कहा जाता है। लेकिन इस बार पार्टी ने प्रदर्शन की तारीख और समय तय करने का फैसला पुलिस पर छोड़ दिया है। उनके मुताबिक, पुलिस को अब इस मामले में स्पष्ट जवाब देना चाहिए और इसे अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रखना चाहिए।

सौरव दास ने कहा कि पार्टी ने पुलिस को 24 घंटे का समय दिया है। CJP का तर्क है कि जब वह तय स्थान पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के लिए तैयार है, तो पुलिस को तारीख और समय बताने में देरी नहीं करनी चाहिए।

आशुतोष रांका ने क्या कहा?

CJP नेता आशुतोष रांका ने भी दिल्ली पुलिस से प्रदर्शन की तारीख तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पार्टी जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करना चाहती है और पुलिस से केवल यह जानना चाहती है कि इसके लिए कौन-सा दिन और समय निर्धारित किया जा सकता है।

रांका के अनुसार, यदि पुलिस निर्धारित समय में प्रदर्शन की तारीख नहीं बताती है, तो पार्टी अगले 24 घंटे के भीतर फिर से प्रदर्शन का आह्वान करेगी। वहीं, अगर पुलिस तारीख तय कर देती है, तो पार्टी ने 24 घंटे के भीतर तय स्थान पर पहुंचने की बात कही है।

उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर जैसे निर्धारित प्रदर्शन स्थल पर विरोध दर्ज कराने को लेकर पुलिस और आयोजकों के बीच संवाद होना चाहिए। पार्टी का कहना है कि वह प्रशासन के साथ बातचीत के जरिए आगे बढ़ना चाहती है, लेकिन उसे अपने कार्यक्रम को लेकर स्पष्टता भी चाहिए।


SIR में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन

CJP ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया था। पार्टी इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रही है और अपने विरोध को जारी रखने की बात कह चुकी है।

यह विवाद 10 अक्टूबर को भी सामने आया था, जब दिल्ली में प्रदर्शन करने जा रहे लोगों को पुलिस ने जंतर-मंतर की ओर बढ़ने से रोक दिया था। उस दौरान प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की खबरें भी सामने आई थीं। इसके बाद प्रदर्शन की अनुमति और पुलिस की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई।

हालांकि, मतदाता सूची में गड़बड़ियों से जुड़े आरोप CJP के दावे हैं। इन आरोपों और SIR प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों का आकलन संबंधित तथ्यों तथा आधिकारिक प्रतिक्रियाओं के आधार पर किया जाना जरूरी है।

त्योहारों के दौरान पाबंदियों पर भी सवाल

प्रदर्शन की तारीख को लेकर मांग के साथ-साथ CJP ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगाए गए प्रतिबंधों पर भी आपत्ति जताई है। आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि इन पाबंदियों के कारण व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और त्योहारों के मौसम में दुकानों का कामकाज प्रभावित हो रहा है।

पार्टी के सह-संस्थापक सौरव दास ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को संवैधानिक अधिकार बताते हुए कहा कि CJP पुलिस को तारीख और समय तय करने का अवसर दे रही है। पार्टी की मांग है कि इस मामले में जल्द निर्णय लिया जाए, ताकि प्रदर्शन को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सके।

अब इस मामले में दिल्ली पुलिस का जवाब अहम होगा। यदि पुलिस तारीख और समय निर्धारित करती है, तो CJP के मुताबिक उसके कार्यकर्ता तय कार्यक्रम के अनुसार प्रदर्शन में शामिल होंगे। यदि ऐसा नहीं होता, तो पार्टी ने आगे विरोध का आह्वान करने की बात कही है।

CJI सूर्यकांत ने विपक्षी नेताओं से मुलाकात पर क्या कहा?

इसी बीच, विपक्षी नेताओं के साथ मुलाकात के लिए समय देने से जुड़े सवाल पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत का बयान भी सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्षी नेताओं के अनुरोध पर वह उनसे मुलाकात नहीं कर पाएंगे और इस संबंध में पत्र लिखकर कारण बता दिए गए हैं।

CJI सूर्यकांत के मुताबिक, उन्हें विपक्षी नेताओं का पत्र एक दिन पहले मिला था और उन्होंने उसी रात जवाब भेज दिया। उन्होंने बताया कि पत्र पहले लिखा गया था, लेकिन उनके बाहर होने के कारण वह उन्हें बाद में प्राप्त हुआ। CJI ने कहा कि उन्होंने अपने जवाब में उन कारणों का उल्लेख किया है, जिनकी वजह से उन्होंने मुलाकात करने में असमर्थता जताई।

विपक्षी नेताओं से मुलाकात न होने के बावजूद CJI ने न्यायिक प्रक्रिया के संदर्भ में यह संदेश दिया कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। इसका अर्थ है कि संबंधित पक्ष अपने मुद्दों को न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से अदालत के सामने रख सकते हैं।

CJP के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगने और विपक्षी नेताओं की CJI से मुलाकात का मुद्दा अलग-अलग घटनाक्रम हैं। पहला मामला प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की तारीख और अनुमति से जुड़ा है, जबकि दूसरा न्यायपालिका के प्रमुख से मुलाकात के अनुरोध से संबंधित है। दोनों मामलों में आगे की स्थिति संबंधित अधिकारियों के निर्णय और आधिकारिक जानकारी पर निर्भर करेगी।

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