दिल्ली से पटना और सिलीगुड़ी तक दौड़ेगी बुलेट ट्रेन, 22 स्टेशनों से जुड़ेगा हाईस्पीड रेल नेटवर्क

दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को आगे पटना होते हुए सिलीगुड़ी से जोड़ने की योजना है। हाईस्पीड रेल नेटवर्क दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के प्रमुख शहरों को जोड़ेगा। प्रस्तावित ट्रेन से दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी यात्रा समय काफी घटने की उम्मीद है।

By  Preeti Kamal September 15th 2026 03:30 PM -- Updated: September 15th 2026 02:46 PM

नई दिल्ली: भारत में हाईस्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर को आगे वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक जोड़ने की योजना है। इस पूरे नेटवर्क के जरिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के कई प्रमुख शहरों को तेज रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

प्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की लंबाई करीब 865 किलोमीटर बताई गई है। इस रूट पर ट्रेन की डिजाइन स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटा और परिचालन गति करीब 320 किलोमीटर प्रति घंटा रखे जाने की योजना है। रेलवे मंत्रालय के अनुसार दिल्ली से वाराणसी का सफर लगभग 3 घंटे 50 मिनट में पूरा हो सकता है। इस कॉरिडोर में दिल्ली के सराय काले खां से लेकर नोएडा, जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ने का प्रस्ताव है।

वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक विस्तार

दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल नेटवर्क को आगे वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी कॉरिडोर से जोड़ने की योजना है। इससे उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच तेज कनेक्टिविटी विकसित होगी। प्रस्तावित रूट में वाराणसी के बाद बिहार के बक्सर, पटना, बेगूसराय/खगड़िया, पूर्णिया, किशनगंज और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी जैसे शहर शामिल हो सकते हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में कुछ स्टेशनों के नाम और संख्या को लेकर बदलाव की संभावना बताई गई है, क्योंकि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और अंतिम अलाइनमेंट अभी तय होने की प्रक्रिया में हैं।

पटना से दिल्ली का सफर करीब साढ़े 4 घंटे में

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार प्रस्तावित हाईस्पीड रेल नेटवर्क के तैयार होने के बाद दिल्ली से पटना के बीच यात्रा का समय काफी कम हो सकता है। जून 2026 में रेल मंत्रालय की ओर से बताया गया था कि दिल्ली से पटना की यात्रा करीब 4 घंटे 41 मिनट में पूरी करने की परिकल्पना है। फिलहाल दिल्ली और पटना के बीच रेल यात्रा में कई घंटे लगते हैं। हाईस्पीड रेल के आने से दोनों शहरों के बीच व्यापार, पर्यटन और रोजगार से जुड़ी आवाजाही को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

22 से अधिक शहरों को मिल सकती है हाईस्पीड कनेक्टिविटी

दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के 22 से अधिक जिलों से होकर गुजरने की योजना के साथ तैयार किया जा रहा है। प्रस्तावित नेटवर्क में प्रमुख आर्थिक, धार्मिक और पर्यटन केंद्रों को जोड़ा जाएगा। जेवर एयरपोर्ट को भी हाईस्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। इससे दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचने में भी सुविधा मिल सकती है। वहीं आगरा, मथुरा, अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक केंद्रों के बीच तेज कनेक्टिविटी विकसित होगी।

बिहार के लिए भी बड़ा बदलाव

वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी कॉरिडोर बिहार के कई महत्वपूर्ण शहरों को हाईस्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ सकता है। पटना के अलावा बक्सर, बेगूसराय, खगड़िया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज जैसे इलाकों को संभावित रूट में शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि अंतिम स्टेशन सूची डीपीआर और तकनीकी अध्ययन के बाद स्पष्ट होगी। रेल मंत्रालय का कहना है कि वाराणसी-सिलीगुड़ी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के महत्वपूर्ण धार्मिक, शैक्षणिक और चिकित्सा केंद्रों को जोड़ेगा। इससे क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

कितना होगा फायदा?

हाईस्पीड रेल नेटवर्क से यात्रा का समय घटने के साथ-साथ कारोबार, पर्यटन, निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच तेज संपर्क एक बड़े आर्थिक गलियारे को विकसित करने में मदद कर सकता है। हालांकि, इन परियोजनाओं के रूट, स्टेशन, लागत और निर्माण की समयसीमा में डीपीआर, सर्वेक्षण और अंतिम मंजूरी के बाद बदलाव संभव है। इसलिए फिलहाल सामने आए स्टेशन और यात्रा समय को प्रस्तावित योजना के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

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