दीया मिर्जा के दिवाली वीडियो पर बॉम्बे HC सख्त, BMC को दोबारा अपलोड करने का निर्देश

दीया मिर्जा के प्रदूषण मुक्त दिवाली संदेश को BMC द्वारा हटाए जाने पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई है। अदालत ने महानगरपालिका को अभिनेत्री का वीडियो दोबारा अपलोड करने का निर्देश दिया।

By  Laxman November 3rd 2026 12:52 PM

बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा के पर्यावरण जागरूकता वाले दिवाली वीडियो को लेकर उठा विवाद अब बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंच गया है। वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटाने पर अदालत ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के रवैये पर नाराजगी जताई और क्लिप को फिर से अपलोड करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के जन-जागरूकता अभियान को विवाद का रूप दिए जाने से उसे बेहद दुख हुआ है।

अदालत ने इस मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि वीडियो का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण और ध्वनि प्रदूषण के प्रति जागरूक करना था। ऐसे संदेश को राजनीतिक या दूसरे विवादों में उलझाना उचित नहीं है। कोर्ट ने इस बात पर भी चिंता जताई कि एक सार्वजनिक जागरूकता अभियान से जुड़ी अपील को गलत दिशा दे दी गई।

क्या था पूरा विवाद?

मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए BMC ने दिवाली के मौके पर लोगों से पर्यावरण के अनुकूल त्योहार मनाने की अपील की थी। इसके लिए महानगरपालिका ने कई चर्चित हस्तियों के वीडियो संदेश अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किए थे। इनमें अभिनेत्री दीया मिर्जा, माधुरी दीक्षित, निशिगंधा वाड और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे शामिल थे।

दीया मिर्जा ने अपने संदेश में लोगों से पटाखों के इस्तेमाल से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण को कम करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि त्योहार मनाते समय पर्यावरण और लोगों की सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है।

हालांकि, मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने दीया मिर्जा के वीडियो पर आपत्ति जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि दिवाली मनाने का तरीका सिखाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि भारतीय परंपराएं अपनी संस्कृति में गहराई से जुड़ी हैं।

इसके कुछ ही समय बाद BMC ने दीया मिर्जा का वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया। खास बात यह रही कि इसी अभियान में शामिल दूसरे कलाकारों और क्रिकेटर के वीडियो उपलब्ध रहे। इस फैसले के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सवाल उठने लगे।

कोर्ट ने क्यों जताई नाराजगी?

मामले की सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाई कोर्ट की पीठ ने वीडियो हटाए जाने पर अप्रसन्नता जाहिर की। अदालत ने कहा कि इस तरह की अपील का मकसद किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि लोगों को प्रदूषण के नुकसान के बारे में जागरूक करना था।

कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि आम लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाले जिम्मेदार व्यक्तियों से ऐसी संकीर्ण सोच की उम्मीद नहीं की जाती। अदालत ने BMC को दीया मिर्जा का वीडियो तत्काल दोबारा अपलोड करने का निर्देश दिया।

दीया मिर्जा ने क्या कहा था?

वीडियो हटाए जाने के बाद दीया मिर्जा ने भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि उनका संदेश किसी परंपरा या त्योहार के खिलाफ नहीं था। वीडियो केवल जनहित में बनाया गया था, ताकि लोग स्वस्थ और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार तरीके से दिवाली मना सकें।

अभिनेत्री ने कहा था कि वायु प्रदूषण सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है और इसे कम करने के हर प्रयास का स्वागत किया जाना चाहिए।

इस पूरे मामले में अदालत के निर्देश के बाद अब BMC को वीडियो फिर से साझा करना होगा। विवाद ने त्योहारों के दौरान पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक जागरूकता और नागरिक संस्थाओं की जिम्मेदारी को लेकर एक नई चर्चा शुरू कर दी है।

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