कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिशों को रोकना जरूरी: सीजेपी के प्रदर्शन पर दिलीप घोष

पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने सीजेपी के जंतर-मंतर प्रदर्शन पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत बताई। प्रदर्शन से पहले दिल्ली में 35 हजार से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती, सीमाओं पर जांच और मेट्रो प्रतिबंध लगाए गए।

By  Preeti Kamal October 10th 2026 10:33 AM

नई दिल्ली/कोलकाता: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने शनिवार को कहा कि दिल्ली में अशांति पैदा करने की कोशिशों से आम जनता को परेशानी हो सकती है। उन्होंने कहा कि भारत में विरोध प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी है।

पत्रकारों से बातचीत में घोष ने कहा कि सरकार ने पहले से ही ऐसी व्यवस्थाएं की हैं, ताकि दिल्ली के निवासियों सहित आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के नाम पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिशों को रोका जाना चाहिए।

दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, सीमाओं पर वाहनों की जांच

सीजेपी के प्रदर्शन से पहले शनिवार को दिल्ली और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई। दिल्ली-हरियाणा सीमा पर सिंघु बॉर्डर पर वाहनों की सघन जांच की गई। वहीं, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित तुलसी निकेतन बॉर्डर पर भी पुलिस ने वाहनों की जांच की, जिसके कारण इलाके में भारी जाम की सूचना मिली।

इसके अलावा, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों ने मंडी हाउस सर्कल से फ्लैग मार्च किया। जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए सीजेपी कार्यकर्ता अभिजीत दिपके के आगमन से पहले इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई। दिल्ली पुलिस ने इससे पहले कनॉट प्लेस इलाके में फ्लैग मार्च किया और जनपथ के पास कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

35 हजार से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर बुलाए गए प्रदर्शन से पहले राष्ट्रीय राजधानी में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के तहत दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 35 हजार से अधिक जवानों को तैनात किया गया।

दिल्ली पुलिस ने पूर्व में हुई हिंसा की घटनाओं का हवाला देते हुए प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी थी। अधिकारियों ने प्रदर्शन करने की कोशिश करने वालों को हिरासत में लेने के निर्देश दिए। इसके लिए छत्रसाल और राजीव गांधी स्टेडियम सहित छह स्टेडियमों और सामुदायिक केंद्रों को अस्थायी हिरासत केंद्रों के रूप में निर्धारित किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के तहत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों को आग्नेयास्त्र नहीं ले जाने के निर्देश दिए गए, जबकि पुलिसकर्मियों को लाठी के साथ तैनात किया गया। उन्हें मौखिक विवाद से बचने के निर्देश भी दिए गए।

बॉडी कैमरों से होगी पुलिस कार्रवाई की रिकॉर्डिंग

पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी टकराव की स्थिति में घटनाक्रम का रिकॉर्ड रखने के लिए ड्यूटी पर तैनात दिल्ली पुलिसकर्मियों को वर्दी पर लगाए जाने वाले बॉडी कैमरे दिए गए। ये कैमरे कम रोशनी में भी रिकॉर्डिंग करने में सक्षम हैं।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इन कैमरों से यह रिकॉर्ड किया जा सकेगा कि किसी घटना के दौरान पुलिस ने क्या कार्रवाई की। उनके मुताबिक, इससे पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगाए जाने वाले आरोपों की जांच में भी मदद मिल सकती है।

दिल्ली मेट्रो के कुछ स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद

सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने मध्य दिल्ली के कुछ चुनिंदा मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए। यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। सीजेपी का यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर बुलाया गया है। प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है, जबकि पुलिस और प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर ध्यान दे रहे हैं।

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