“ज्योतिबा फुले के आदर्शों से मुंह मोड़ा”—सीएम फडणवीस का बड़ा बयान...
मुंबई, महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को विपक्षी दलों पर तीखा हमला करते हुए लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के गिरने को सामाजिक सुधारक ज्योतिबा फुले के आदर्शों का “त्याग” बताया। मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए फडणवीस ने विपक्षी दलों पर “महिला विरोधी” मानसिकता का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “17 अप्रैल देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन बन सकता था। जिस दिन महिला आरक्षण विधेयक पारित होना था, उस दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) और शिवसेना (UBT) ने अपनी महिला विरोधी सोच दिखाते हुए इस विधेयक को दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने दिया।”
विपक्ष ने इस विधेयक की हत्या की- देवेंद्र फडणवीस
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “70 करोड़ महिलाओं के साथ विश्वासघात करते हुए विपक्ष ने इस विधेयक की ‘हत्या’ कर दी। उन्होंने इसका जश्न मनाया और महात्मा ज्योतिबा फुले के आदर्शों को त्याग दिया। 2011 की जनगणना के आधार पर प्रक्रिया पूरी करने का निर्णय महिलाओं को जल्द न्याय दिलाने के लिए लिया गया था। अगर एनडीए के पास दो-तिहाई बहुमत होता, तो यह विधेयक आसानी से पारित हो जाता।”
298 पक्ष और 230 विरोध में वोट पड़े
लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक को एक साथ पारित करने के लिए पेश किया गया था। मतदान के दौरान 298 सदस्यों ने इसके पक्ष में और 230 ने विरोध में वोट दिया। संविधान संशोधन विधेयक के गिरने के बाद सरकार ने कहा कि वह इससे जुड़े अन्य दो विधेयकों को आगे नहीं बढ़ाएगी।
विधेयक पास होने पर लोकसभा की कुल सीटें 816 होती
इन विधेयकों का उद्देश्य लोकसभा की कुल सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करना था, जिसमें महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान था। परिसीमन 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाना था। इससे पहले, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की महिला कार्यकर्ताओं और नेताओं ने पटना में ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ निकालकर इस विधेयक के गिरने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।