'भारतीय सच्चे मन से भगवान की पूजा करते हैं': पुरी रथ यात्रा की से मंत्रमुग्ध हुए विदेशी श्रद्धालु...

अमेरिका के कैलिफोर्निया निवासी एरिक पार्कर, जो अब तक 126 देशों की यात्रा कर चुके हैं, ने बताया कि वह पिछले एक दशक से पुरी की रथ यात्रा देखने का इंतजार कर रहे थे। इस वर्ष की रथ यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रिलायंस ने पुरी प्रशासन के सहयोग से Puri Rath Yatra Seva Services 2026 के तहत विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराईं।

By  Preeti Kamal July 16th 2026 10:50 AM -- Updated: July 16th 2026 10:27 AM

पुरी, ओडिशा: भगवान जगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध रथ यात्रा में इस वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पवित्र नगरी पुरी में आयोजित इस भव्य उत्सव में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक और श्रद्धालु भी पहुंचे, जिन्होंने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के दिव्य रथों के दर्शन किए और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया।

दुनिया के विभिन्न देशों से आए श्रद्धालुओं ने पुरी की सड़कों पर उमड़ी आस्था, श्रद्धा और अनुशासन की सराहना की। एक विदेशी श्रद्धालु ने ANI से बातचीत में कहा, "यह जगह अद्भुत है। भारतीय लोग भगवान की पूजा पूरे समर्पण और सच्चे मन से करते हैं। यह दृश्य मेरे दिल को छू गया। यहां इतनी बड़ी संख्या में लोग एक साथ श्रद्धा के साथ मौजूद हैं, यह वास्तव में अविश्वसनीय है।"

रथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह

एक अन्य विदेशी श्रद्धालु ने कहा कि वह पिछले 10 वर्षों से रथ यात्रा देखने का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा, "मैं इस पूरे अनुभव को महसूस करना चाहता हूं—रथों को सड़क पर आते देखना, श्रद्धालुओं को उन्हें खींचते देखना और लोगों का उत्साह देखना। मैं 126 देशों की यात्रा कर चुका हूं और तीन बार भारत आ चुका हूं। इस रथ यात्रा को देखने के लिए मैं खास तौर पर यहां आया हूं।"

धर्मेंद्र प्रधान ने दी शुभकामनाएं

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए इसे सनातन संस्कृति की अद्वितीय और सर्वोच्च परंपरा बताया।

उन्होंने कहा, "आज पवित्र रथ यात्रा का दिन है। भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा मंदिर से निकलकर 'पाहंडी' अनुष्ठान के बाद अपने रथों पर विराजमान होंगे और मौसी मां के घर यानी गुंडिचा मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे। यह अवसर करोड़ों श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन का सौभाग्य प्रदान करता है। मैं स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली मानता हूं कि आज मुझे महाप्रभु के दर्शन का अवसर मिला।"

रेत पर उकेरी गई भव्य कलाकृति

पद्मश्री सम्मानित प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने पुरी बीच पर भगवान जगन्नाथ और 100 लघु रथों की आकर्षक रेत कला बनाकर रथ यात्रा को विशेष श्रद्धांजलि दी।

विदेशी श्रद्धालुओं में भी दिखा उत्साह

अमरीका के कैलिफोर्निया निवासी एरिक पार्कर, जो अब तक 126 देशों की यात्रा कर चुके हैं, ने बताया कि वह पिछले एक दशक से पुरी की रथ यात्रा देखने का इंतजार कर रहे थे। इस वर्ष की रथ यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रिलायंस ने पुरी प्रशासन के सहयोग से Puri Rath Yatra Seva Services 2026 के तहत विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराईं।

रथ यात्रा भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की वार्षिक यात्रा है, जिसमें तीनों देवता श्री जगन्नाथ मंदिर से गुंडिचा मंदिर तक भव्य रथों में विराजमान होकर जाते हैं। यह हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें हर साल लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से शामिल होते हैं। रथ यात्रा से पहले मंगलवार को NDRF, ओडिशा फायर सर्विस, स्काउट्स एंड गाइड्स और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त रूप से मॉक ड्रिल आयोजित कर सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और आपदा तैयारियों की समीक्षा भी की।

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