भारतीय सेना के जज़्बे को सलाम, 'Romeo Force' ने राजौरी GMC अस्पताल में किया 20 यूनिट रक्तदान...

By  Preeti Kamal March 2nd 2026 11:25 AM

राजौरी, जम्मू-कश्मीर: भारतीय सेना की रोमियो फोर्स (राष्ट्रीय राइफल्स) ने सोमवार को सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) राजौरी में रक्तदान शिविर आयोजित कर 20 से अधिक यूनिट रक्तदान किया, जिससे अस्पताल के ब्लड बैंक को मजबूत करने और जरूरतमंद मरीजों की सहायता करने में मदद मिलेगी। यह पहल आपातकालीन चिकित्सा तैयारियों को बेहतर बनाने और गंभीर परिस्थितियों में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई थी।

GMC अस्पताल के डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. जावेद इकबाल ने सेना की सराहना करते हुए कहा, “जब भी GMC में रक्त की आवश्यकता होती है, भारतीय सेना के जवान तुरंत आगे आते हैं। आज सेना के जवानों ने 20 यूनिट रक्तदान किया है, जिसे जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया जाएगा।” सेना अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान न केवल देश की सीमाओं की रक्षा करने, बल्कि स्थानीय समुदाय की सेवा करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने दोहराया कि आपात स्थितियों में नागरिकों की सहायता करना उनकी जनसंपर्क पहल का अभिन्न हिस्सा है।

भारतीय सेना का आभार व्यक्त किया

स्थानीय निवासी मोहम्मद आज़म चौधरी ने कहा, “मैं भारतीय सेना का हृदय से आभारी हूं। हमारे राजौरी जिले में रोज़ाना दो से पांच सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन अक्सर यहां रक्त उपलब्ध नहीं होता। यह कोई एक बार की पहल नहीं है; सेना हमेशा जरूरत के समय राजौरी के लोगों के साथ खड़ी रही है। हादसों के तुरंत बाद रक्त उपलब्ध कराकर उन्होंने कई जिंदगियां बचाई हैं। समुदाय की ओर से मैं सेना का धन्यवाद करता हूं।”

इस कार्यक्रम ने क्षेत्र में भारतीय सेना की मानवीय भूमिका को उजागर किया और सशस्त्र बलों व स्थानीय लोगों के बीच विश्वास के संबंध को और मजबूत किया। इससे पहले, सेना ने Operation Sadbhavana के तहत राजौरी सेक्टर के धारहाल ब्लॉक के दूरदराज पहाड़ी इलाकों में निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किया था, जिससे जम्मू-कश्मीर के कई गांवों के पशुपालकों को लाभ मिला।

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पशुओं को पेशेवर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना उद्देश्य था

जारी बयान के अनुसार, उज्हान गांव में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पशुओं को पेशेवर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना था, जहां दुर्गम भूभाग और कठोर जलवायु के कारण पशु चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच मुश्किल होती है। पशु चिकित्सक डॉ. वकार और डॉ. कुर्रत अल सहित पांच अन्य सहायकों ने स्थानीय निवासियों द्वारा लाए गए पशुओं का उपचार किया। कार्यक्रम में पूर्व सरपंच वसीम मिर्जा, शब्बीर मिर्जा, जावेद इकबाल और मोहम्मद राशिद मिर्जा भी उपस्थित रहे।

पशुओं के बीमार होने से आर्थिक संकट की समस्या होती है

डॉ. वकार के अनुसार, दूरदराज पहाड़ी क्षेत्रों में एक गाय या भेड़ का बीमार होना किसी परिवार के लिए आर्थिक संकट बन सकता है। जब सेना गांव वालों के ‘द्वार’ पर क्लिनिक लेकर आती है, तो वह केवल पशुओं का इलाज ही नहीं करती, बल्कि स्थानीय आबादी के साथ विश्वास और सुरक्षा का मजबूत संबंध भी बनाती है।” इस शिविर का व्यापक प्रभाव रहा। उज्हान सहित आसपास के गांवों, मलहुत, रकीबान, नादियान, कोठरान और लीरान के कुल 290 लोग (266 पुरुष और 24 महिलाएं) अपने पशुओं को उपचार के लिए लेकर पहुंचे।

© Copyright Galactic Television & Communications Pvt. Ltd. 2026. All rights reserved.