JPSC आंदोलन में 13 साल का छात्र बना आवाज, रांची का इकदिस हैदर क्यों वायरल?
JPSC आंदोलन में लगातार नए चेहरे जुड़ रहे हैं। प्रतियोगी छात्र, अभिभावक, सामाजिक संगठन और आम नागरिक भी आंदोलनकारियों के समर्थन में सामने आ रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। सरकार की ओर से बातचीत की पहल जरूर हुई है, लेकिन छात्र लिखित आश्वासन और ठोस फैसले की मांग पर अड़े हुए हैं।
रांची: झारखंड में JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया को लेकर जारी छात्र आंदोलन अब केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं रह गया है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे इस आंदोलन को समाज के अलग-अलग वर्गों का समर्थन मिल रहा है। इसी बीच एक 13 वर्षीय स्कूली छात्र चर्चा का केंद्र बन गया है, जिसकी बेबाक बातें और आत्मविश्वास से भरा अंदाज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
छठी कक्षा में पढ़ने वाला जैन इकदिस हैदर इन दिनों आंदोलन स्थल पर मौजूद रहने और युवाओं के समर्थन में खुलकर अपनी राय रखने की वजह से सुर्खियों में है। उसकी वीडियो क्लिप्स इंटरनेट पर तेजी से साझा की जा रही हैं। कई लोग उसकी तुलना दिल्ली के जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान चर्चित हुए इरफान से भी कर रहे हैं, क्योंकि दोनों की बोलने की शैली और सामाजिक मुद्दों पर स्पष्ट विचार लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।
छात्रों के समर्थन में पहुंचा स्कूली छात्र
रांची निवासी जैन इकदिस हैदर का कहना है कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों से प्रभावित छात्रों के समर्थन के लिए आंदोलन स्थल पर पहुंचा है। उसके मुताबिक, लगातार सोशल मीडिया पर छात्र आंदोलनों और पेपर लीक से जुड़ी खबरें देखने के बाद उसे महसूस हुआ कि यह केवल कुछ अभ्यर्थियों का नहीं, बल्कि पूरे देश के युवाओं के भविष्य का सवाल है।
उसने कहा कि कई छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन यदि भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष न हो तो उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। ऐसे हालात दोबारा न बनें, इसके लिए व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है।
क्यों हो रहा है वायरल?
इकदिस हैदर की लोकप्रियता की सबसे बड़ी वजह उसका आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति का तरीका है। कम उम्र होने के बावजूद वह हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में सहजता से अपनी बात रखता है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वह शिक्षा व्यवस्था, युवाओं के भविष्य और परीक्षा प्रणाली से जुड़े सवाल उठाता दिखाई देता है।
उसकी स्पष्ट सोच और प्रभावशाली संवाद शैली ने इंटरनेट पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। कई यूजर्स का कहना है कि नई पीढ़ी अब केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर भी अपनी राय खुलकर रख रही है।
आंदोलन को मिल रहा व्यापक समर्थन
JPSC आंदोलन में लगातार नए चेहरे जुड़ रहे हैं। प्रतियोगी छात्र, अभिभावक, सामाजिक संगठन और आम नागरिक भी आंदोलनकारियों के समर्थन में सामने आ रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। सरकार की ओर से बातचीत की पहल जरूर हुई है, लेकिन छात्र लिखित आश्वासन और ठोस फैसले की मांग पर अड़े हुए हैं।
आंदोलन के बीच युवाओं की भागीदारी ने इसे और व्यापक बना दिया है। खासकर जैन इकदिस हैदर जैसे स्कूली छात्र की मौजूदगी ने इस आंदोलन को नई पहचान दी है। सोशल मीडिया पर कई लोग इसे इस बात का संकेत मान रहे हैं कि अब केवल कॉलेज या प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थी ही नहीं, बल्कि स्कूली छात्र भी शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाने लगे हैं।
शिक्षा व्यवस्था पर बढ़ी बहस
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रक्रिया और युवाओं के भविष्य को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कम उम्र के बच्चे भी इन मुद्दों को गंभीरता से समझने लगे हैं, तो यह संकेत है कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े सवाल समाज के हर वर्ग तक पहुंच चुके हैं।
फिलहाल JPSC आंदोलन जारी है और सरकार तथा छात्र प्रतिनिधियों के बीच संभावित बातचीत पर सभी की नजर बनी हुई है। वहीं, जैन इकदिस हैदर की वायरल वीडियो यह दिखा रही है कि आज की नई पीढ़ी केवल दर्शक नहीं, बल्कि अपनी बात रखने के लिए भी तैयार है।