खान सर को अग्रिम जमानत की उम्मीद, फायरिंग मामले में कानून पर टिकी नजर
पटना, बिहार: चर्चित शिक्षक फैसल खान उर्फ खान सर अपने कोचिंग संस्थान के बाहर हुई फायरिंग की घटना के मामले में अग्रिम जमानत (एंटिसिपेटरी बेल) की मांग कर रहे हैं। उनके वकील अरविंद कुमार मव्वर ने सोमवार को कहा कि जमानत को लेकर प्रक्रिया जारी है और सब कुछ कानून के अनुसार ही तय होगा। यह मामला 2 जून को पटना स्थित खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर हुई फायरिंग की घटना से जुड़ा है, जिसमें एक सुरक्षा गार्ड घायल हो गया था।
घटना के बाद कदमकुआं थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 और आर्म्स एक्ट की धाराओं 25(9), 27 और 35 के तहत खान सर सहित तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह एफआईआर एक वीडियो के आधार पर दर्ज हुई, जिसमें दो सुरक्षा गार्डों को कथित तौर पर फायरिंग करते हुए देखा गया था। बाद में दोनों गार्डों को गिरफ्तार कर लिया गया।
सब कुछ कानून पर निर्भर करता है- अरविंद कुमार मव्वर
अग्रिम जमानत की संभावना पर अरविंद कुमार मव्वर ने कहा, "काम चल रहा है। सब कुछ कानून पर निर्भर करता है। अभी तक अदालत ने कोई फैसला नहीं दिया है।" इस बीच, ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के शिक्षकों और छात्र नेताओं ने उसके निदेशक रौशन आनंद की तत्काल रिहाई की मांग की है। उनका कहना है कि रौशन आनंद की गिरफ्तारी निराधार है, जबकि खान सर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बावजूद उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
रौशन आनंद के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद- शशांक पाठक
इतिहास शिक्षक शशांक पाठक ने कहा कि रौशन आनंद के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद साबित हो चुके हैं, फिर भी उन्हें हिरासत में रखा गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें रिहा नहीं किया गया तो वे भूख हड़ताल करेंगे। एक अन्य शिक्षक वरुण ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि रौशन आनंद की गिरफ्तारी में तेजी दिखाई गई, लेकिन खान सर के मामले में वैसी तत्परता नहीं दिख रही। उन्होंने कहा कि यदि खान सर की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे आमरण अनशन पर बैठेंगे।
रौशन आनंद ने बिहार पुलिस पर संस्थान को बदनाम करने का लगाया आरोप
रौशन आनंद, अभिषेक और गौरव को 3 जून को पटना सिविल कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। रौशन आनंद ने आरोप लगाया कि बिहार पुलिस परीक्षा में सफलता के बाद उनके संस्थान को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। छात्र नेता खुशबू पाठक ने भी खान सर की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज है, वे खुलेआम कक्षाएं ले रहे हैं, जबकि निर्दोष लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
दूसरे पक्ष के खिलाफ खान सर ने कराया था मामला दर्ज
इससे पहले खान सर के वकील ने दावा किया था कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर प्रतिशोध की कार्रवाई है। उनका कहना है कि 2 जून को खान सर के स्टाफ ने पहले दूसरे पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए गार्डों ने हवाई फायरिंग की थी और कोई घायल नहीं हुआ था, लेकिन बाद में खान सर का नाम मामले में जोड़ दिया गया।
वीडियो में 2 लोग हवा में फायरिंग करने नजर आए
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान एक वीडियो मिला, जिसमें तोड़फोड़ के बाद दो लोग हवाई फायरिंग करते दिखाई दिए। वीडियो की पुष्टि के बाद दोनों गार्डों को हिरासत में लिया गया। जांच और हथियारों की बरामदगी के आधार पर पुलिस ने खान सर और दो अन्य लोगों को एफआईआर में नामजद किया। पुलिस ने बताया कि बरामद हथियारों को जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) भेज दिया गया है।