किशाऊ बांध परियोजना पर अमित शाह की छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक आज

किशाऊ बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना को लेकर अमित शाह छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। परियोजना से सिंचाई, बिजली उत्पादन और पेयजल आपूर्ति बढ़ाने की योजना है। केंद्र जल घटक की 90 प्रतिशत लागत उठाएगा, जबकि बाकी राज्यों द्वारा साझा होगी।

By  Preeti Kamal September 15th 2026 12:31 PM -- Updated: September 15th 2026 12:09 PM

नई दिल्ली: किशाऊ बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ अहम बैठक करेंगे। बैठक दोपहर 12 बजे नई दिल्ली स्थित गृह मंत्रालय के कार्यालय में हाइब्रिड मोड में होगी। इसमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

बैठक में केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के शामिल होने की संभावना है। छह राज्यों के मुख्य सचिवों के अलावा गृह मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहेंगे। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन भी बैठक में शामिल होंगे। ज्यादातर मुख्यमंत्रियों के बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने की संभावना है।

16 जून की बैठक में बनी थी सहमति

यह बैठक 16 जून को गृह मंत्रालय में हुई पिछली बैठक के करीब तीन महीने बाद हो रही है। उस बैठक की अध्यक्षता भी अमित शाह ने की थी। इसमें यमुना नदी के पुनर्जीवन के लिए लंबे समय से लंबित किशाऊ बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना को आगे बढ़ाने पर संबंधित राज्यों के बीच सहमति बनी थी। अमित शाह की पहल के बाद हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान ने परियोजना के क्रियान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने पर सहमति जताई थी। माना जा रहा है कि परियोजना को जल्द ही केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए रखा जा सकता है।

केंद्र उठाएगा 90 प्रतिशत जल घटक की लागत

पिछली बैठक में तय हुआ था कि किशाऊ बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना के जल घटक की 90 प्रतिशत लागत केंद्र सरकार केंद्रीय सहायता के रूप में वहन करेगी। बाकी 10 प्रतिशत वित्तीय बोझ छह भागीदार राज्यों के बीच साझा किया जाएगा। बैठक में हिमाचल प्रदेश के हिस्से के पानी को दिल्ली और राजस्थान को देने पर भी सहमति बनी थी। इसके बदले हिमाचल प्रदेश के बिजली घटक से जुड़े हिस्से की लागत साझा करने का प्रस्ताव रखा गया। इस व्यवस्था को यमुना में स्वच्छ पानी का प्रवाह बढ़ाने और नदी के पुनर्जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यमुना की सहायक नदी टोंस पर बन रही परियोजना

किशाऊ बांध परियोजना टोंस नदी पर विकसित की जा रही है। टोंस, यमुना नदी की प्रमुख सहायक नदियों में शामिल है। यह एक बहुउद्देश्यीय जल भंडारण और जलविद्युत परियोजना है। परियोजना के जलाशय में संग्रहित पानी का इस्तेमाल सिंचाई, बिजली उत्पादन और पेयजल आपूर्ति बढ़ाने के लिए किया जाएगा। परियोजना के पूरा होने से संबंधित राज्यों में जल उपलब्धता और बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ यमुना नदी में पानी के प्रवाह को बेहतर करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

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