महाराष्ट्र में UCC लागू होगा, समिति की रिपोर्ट का इंतजार: CM फडणवीस

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता समिति की रिपोर्ट आने के बाद लागू की जाएगी। उन्होंने BRICS नई दिल्ली घोषणा-पत्र को भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत बताया और विपक्ष पर उपलब्धि को कमतर आंकने का आरोप लगाया।

By  Preeti Kamal September 14th 2026 02:00 PM -- Updated: September 14th 2026 01:40 PM

मुंबई, महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने सोमवार को कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) लागू करने के लिए सरकार ने पहले ही समिति का गठन कर दिया है। समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद महाराष्ट्र में UCC लागू किया जाएगा। मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने समान नागरिक संहिता तैयार करने के लिए समिति बनाई है और समिति इस विषय पर काम कर रही है।

उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र सरकार ने समान नागरिक संहिता तैयार करने के लिए पहले ही एक समिति गठित कर दी है। समिति काम कर रही है और मुझे विश्वास है कि समिति की रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद हम इसे जल्द लागू करेंगे।” मुख्यमंत्री का यह बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि 2029 से पहले बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकारों वाले सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू कर दी जाएगी।

तीन राज्यों में UCC विधेयक पारित

समान नागरिक संहिता से संबंधित विधेयक अब तक तीन राज्यों में पारित हो चुका है। उत्तराखंड ने फरवरी 2024 में, गुजरात ने मार्च 2026 में और असम ने मई 2026 में UCC विधेयक पारित किया है। UCC का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत कानूनों में सभी नागरिकों के लिए समान व्यवस्था लागू करना है। हालांकि, इसके प्रावधानों और लागू करने के तरीके को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद जारी हैं।

BRICS घोषणा-पत्र को फडणवीस ने बताया कूटनीतिक जीत

मुख्यमंत्री फडणवीस ने BRICS शिखर सम्मेलन में नई दिल्ली घोषणा-पत्र को सर्वसम्मति से अपनाए जाने को भारत की बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताया। उन्होंने विपक्ष पर इस उपलब्धि को कमजोर करने के लिए “छोटे मुद्दे” उठाने का आरोप लगाया। फडणवीस ने कहा कि चीन, रूस और अन्य सभी भागीदार देशों द्वारा नई दिल्ली घोषणा-पत्र को सर्वसम्मति से स्वीकार किया जाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि घोषणा-पत्र में आतंकवाद की स्पष्ट निंदा की गई है और इसे ग्लोबल साउथ का समर्थन मिला है। उन्होंने कहा, “भारत के लिए इससे बड़ी कूटनीतिक या रणनीतिक जीत नहीं हो सकती। फिर भी कुछ लोग इस उपलब्धि को कमतर दिखाने के लिए कभी भोजन और कभी सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे छोटे मुद्दे उठा रहे हैं। यह बहुत संकीर्ण और गलत सोच है।”

12-13 सितंबर को हुआ BRICS सम्मेलन

दो दिवसीय BRICS शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया गया। इसमें 11 सदस्य देशों और साझेदार देशों के नेताओं ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में वैश्विक सहयोग, आतंकवाद, आर्थिक विकास, व्यापार, सुरक्षा और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। नई दिल्ली घोषणा-पत्र को सर्वसम्मति से अपनाया जाना सम्मेलन की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहा।

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