मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में बड़ी सफलता, तीसरी पहाड़ी सुरंग का निर्माण पूरा
मुंबई, महाराष्ट्र: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत महाराष्ट्र के पालघर जिले में तीसरी पहाड़ी सुरंग में सफल ब्रेकथ्रू हासिल कर लिया गया है। यह सुरंग पालघर जिले की दहानू तहसील के अंबेसरी गांव में स्थित है। यह सुरंग 417 मीटर लंबी और 14.4 मीटर चौड़ी है, जिसे बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की अप और डाउन दोनों पटरियों को समायोजित करने के लिए डिजाइन किया गया है।
सुरंग की खुदाई दोनों छोरों से नियंत्रित ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग तकनीक के माध्यम से की गई। निर्माण के दौरान संरचनात्मक स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्नत निगरानी प्रणालियों और भू-तकनीकी उपकरणों का उपयोग किया गया। खुदाई कार्य के दौरान कंपन, सुरंग के व्यवहार और आसपास की संरचनाओं की निगरानी के लिए सरफेस सेटलमेंट प्वाइंट (एसएसपी), 3डी टार्गेट, स्ट्रेन गेज और सिस्मोग्राफ जैसी रियल-टाइम मॉनिटरिंग प्रणालियां स्थापित की गई थीं।
परियोजना में कुल आठ पहाड़ी सुरंगें शामिल हैं
सुरंग के भीतर श्रमिकों की सुरक्षा के लिए बेहतर वेंटिलेशन सिस्टम, अग्नि सुरक्षा उपाय, नियंत्रित प्रवेश व्यवस्था और निरंतर भू-तकनीकी निगरानी पर विशेष ध्यान दिया गया। परियोजना में कुल आठ पहाड़ी सुरंगें शामिल हैं, जिनमें से सात महाराष्ट्र के पालघर जिला में और एक वलसाड जिले में स्थित है।
परियोजना के तहत अब तक चार सुरंगों की खुदाई पूरी हो चुकी है-
- एमटी-08 (350 मीटर) : 5 अक्टूबर 2023 को पूर्ण
- एमटी-05 (1.5 किलोमीटर) : 2 जनवरी 2026 को पूर्ण
- एमटी-06 (454 मीटर) : 3 फरवरी 2026 को पूर्ण
- एमटी-07 (417 मीटर) : 1 जून 2026 को पूर्ण
सभी तीन पहाड़ी सुरंगों की खुदाई सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई
शेष चार सुरंगों पर निर्माण कार्य तेजी से जारी है। एमटी-04 में लगभग 60 प्रतिशत, एमटी-03 में 80 प्रतिशत से अधिक खुदाई कार्य पूरा हो चुका है, जबकि एमटी-02 और एमटी-01 में भी काम लगातार आगे बढ़ रहा है। इस नवीनतम उपलब्धि के साथ महाराष्ट्र में पिछले पांच महीनों के भीतर तीन पहाड़ी सुरंगों की खुदाई पूरी हो चुकी है, जो परियोजना के सबसे जटिल हिस्सों में से एक में तेज प्रगति को दर्शाता है।
बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत वापी और बोइसर स्टेशनों के बीच स्थित सभी तीन पहाड़ी सुरंगों की खुदाई सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। यह मार्ग महाराष्ट्र के बोइसर और गुजरात के वापी के बीच स्थित महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र से होकर गुजरता है, जहां निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।