संसद गतिरोध पर किरेन रिजिजू का विपक्ष पर हमला, बोले- ‘सरकार चर्चा को तैयार, विपक्ष भाग रहा’

संसद में जारी गतिरोध के बीच किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार हर सवाल का जवाब देने और छात्र प्रदर्शन से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है।

By  Laxman August 12th 2026 07:00 PM -- Updated: August 12th 2026 06:40 PM

नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संसद में चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने को तैयार है, लेकिन विपक्ष बहस से पीछे हट रहा है। रिजिजू ने मौजूदा स्थिति को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं बताया।

संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत में रिजिजू ने कहा कि अपने संसदीय जीवन में उन्होंने पहली बार ऐसी स्थिति देखी है, जहां सरकार खुद किसी मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए तैयार है, जबकि विपक्ष चर्चा से बच रहा है। उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर विपक्ष चर्चा की मांग करता है और सरकार को जवाब देना होता है, लेकिन इस बार स्थिति इसके उलट नजर आ रही है।

‘मैं पूरी तरह निराश हूं’

किरेन रिजिजू ने कहा, “मैं पूरी तरह निराश हूं। अपने जीवन में पहली बार मैं ऐसी स्थिति देख रहा हूं, जहां सरकार संसद में चर्चा चाहती है, लेकिन विपक्ष इससे भाग रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने विपक्ष से कई बार चर्चा शुरू करने की अपील की है। सरकार का रुख साफ है कि वह सदन में विस्तृत बहस के लिए तैयार है और विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले सवालों का जवाब देने के लिए भी तैयार है।

रिजिजू ने विपक्ष से सदन की कार्यवाही को बाधित करने के बजाय चर्चा में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद का उद्देश्य अलग-अलग मुद्दों पर बहस और संवाद के जरिए समाधान तलाशना है।

गृह मंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र

संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष को एक और पत्र लिखा है। इस पत्र के जरिए सरकार ने खुले और विस्तृत तरीके से चर्चा कराने की अपनी इच्छा दोहराई है।

रिजिजू के मुताबिक, गृह मंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष से विपक्षी नेताओं को चर्चा के लिए तैयार कराने का आग्रह भी किया है। उन्होंने इसे मौजूदा स्थिति का असामान्य पहलू बताया कि सरकार खुद लोकसभा अध्यक्ष से विपक्ष को चर्चा में शामिल होने के लिए मनाने की अपील कर रही है।

उनका कहना था कि सरकार संसद में सभी संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को अपने सवाल सदन में रखने चाहिए।

‘विपक्ष के पास चर्चा का साहस नहीं’

रिजिजू ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह चर्चा से बच रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सरकार से सवाल पूछने का पूरा अधिकार है, लेकिन इसके लिए सदन में चर्चा करनी होगी।

उन्होंने कहा कि नारेबाजी और पोस्टर के जरिए सदन की कार्यवाही को बाधित करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का समाधान नहीं है। सरकार और विपक्ष दोनों की अपनी जिम्मेदारियां हैं और संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने में दोनों पक्षों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

रिजिजू ने विपक्ष से अपील की कि वह संसद में तुरंत चर्चा शुरू करे और सरकार के जवाब सुने।

छात्र प्रदर्शन बना गतिरोध की वजह

संसद के दोनों सदनों में जारी हंगामे के बीच छात्र प्रदर्शनों से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए जा रहे हैं। गतिरोध की एक प्रमुख वजह 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन से जुड़ी मांगें हैं।

प्रदर्शनकारियों ने परीक्षाओं और छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की थी। इनमें NEET से संबंधित मांगें भी शामिल थीं। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है और संसद में इसे लेकर चर्चा चाहता है।

इसी मुद्दे को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच लगातार टकराव बना हुआ है। विपक्ष सरकार पर छात्रों से जुड़े सवालों का पर्याप्त जवाब नहीं देने का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि वह चर्चा के लिए तैयार है।

‘संसद संवाद का मंच है’

रिजिजू ने कहा कि संसद लोकतंत्र में चर्चा और संवाद का सबसे महत्वपूर्ण मंच है। अलग-अलग राजनीतिक दलों के बीच मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन उन मतभेदों को सदन में बहस के जरिए सामने रखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही कई बार चर्चा के लिए अपनी तत्परता जाहिर कर चुकी है। ऐसे में विपक्ष को भी सदन में आकर अपने सवाल रखने चाहिए और सरकार के जवाब सुनने चाहिए।

संसदीय कार्य मंत्री ने मौजूदा गतिरोध को लोकतंत्र और देश के हित में उचित नहीं बताया। अब देखना होगा कि सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत से संसद की कार्यवाही आगे बढ़ती है या छात्र प्रदर्शन से जुड़े मुद्दे को लेकर गतिरोध जारी रहता है।

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