तिरंगा लेकर बैरिकेड पर चढ़े राहुल गांधी, चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA गठबंधन का प्रदर्शन

राहुल गांधी तिरंगा लेकर दिल्ली में बैरिकेड पर चढ़े, जहां INDIA गठबंधन ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया। विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं, एसआईआर प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई।

By  Preeti Kamal October 6th 2026 12:40 PM

नई दिल्ली: मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष और निर्वाचन आयोग के बीच टकराव तेज हो गया है। मंगलवार को दिल्ली में INDIA गठबंधन के सांसदों ने चुनाव आयोग के मुख्यालय निर्वाचन सदन की ओर मार्च निकाला। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी हाथ में तिरंगा लेकर भारी लोहे के बैरिकेड पर चढ़ गए। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से मार्च को रोकने की कोशिश की, जिसके बाद कई विपक्षी सांसद बैरिकेड पर चढ़कर विरोध जताते नजर आए।

नीति आयोग कार्यालय के पास हुए इस घटनाक्रम में समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क समेत कई विपक्षी सांसद भी बैरिकेड पर चढ़ गए। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारे लगाए। बाद में INDIA गठबंधन के सांसदों ने नीति आयोग कार्यालय के पास बैठकर विरोध प्रदर्शन किया।

इस मार्च में कई बड़े नेता भी शामिल

इस मार्च में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले और विभिन्न विपक्षी दलों के अन्य नेता भी शामिल हुए। विपक्ष ने निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर जवाब देने और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।

राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर साधा निशाना

प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसते हुए सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “ज्ञानेश, हो गया भाई। अब इस्तीफा देने का समय है।”

राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्षी दल मतदाता सूची के पुनरीक्षण और फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग को लेकर निर्वाचन आयोग पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में नाम हटाने की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और आयोग को इन मामलों पर जवाब देना चाहिए। हालांकि, मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनावी प्रक्रिया में कथित हेरफेर से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।

मल्लिकार्जुन खरगे बोले- लोगों के अधिकार छीने जा रहे हैं

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों के अधिकारों को कमजोर कर रही है और मुख्य चुनाव आयुक्त सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं।

खरगे ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश को मिला सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार लोकतंत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार इस अधिकार को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठा रहा है।

अखिलेश यादव ने बीजेपी और निर्वाचन आयोग को घेरा

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रदर्शन के दौरान भारतीय जनता पार्टी और निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर नाम हटाने की कोशिश की गई है और निर्वाचन आयोग को इन आरोपों पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।

पुलिस बैरिकेडिंग के बीच पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी तेज धूप और पसीने से नहीं डरती। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी विपक्ष के बढ़ते दबाव से घबराई हुई है, जिसके कारण जगह-जगह बैरिकेड लगाए गए हैं।

अखिलेश यादव ने नंदलाल निषाद पर लगाए गंभीर आरोप 

अखिलेश यादव ने नंदलाल निषाद के नाम पर कथित तौर पर हस्ताक्षर में गड़बड़ी और दशरथ के नाम पर 100 फॉर्म भरे जाने के आरोप भी लगाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से इन मामलों पर जवाब देने की मांग की।

सपा प्रमुख ने दावा किया कि नियमों के अनुसार पांच से अधिक वोट हटाने या पांच से अधिक फॉर्म-7 आवेदन जमा करने पर निर्धारित प्रक्रिया लागू होती है, लेकिन इसके बावजूद कथित तौर पर 100 से अधिक फॉर्म जमा किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने पहले भी चुनावों के दौरान हुई कथित अनियमितताओं पर ध्यान नहीं दिया। ये आरोप अखिलेश यादव ने लगाए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि और निर्वाचन आयोग का विस्तृत पक्ष उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।

फॉर्म-6 विवाद पर पी. चिदंबरम ने उठाए सवाल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने भी फॉर्म-6 में कथित बदलाव को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि भारत के मुख्य न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट में खुली अदालत के दौरान स्पष्ट किया था कि अदालत ने फॉर्म-6 में किसी भी बदलाव को मंजूरी नहीं दी है।

चिदंबरम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा है। उन्होंने बीजेपी के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि फॉर्म-6 में अतिरिक्त प्रावधान जोड़ना भी संशोधन के दायरे में आता है। कांग्रेस नेता ने कहा, “मैंने घोषणा-पत्र देखा है और यह वास्तव में फॉर्म-6 में संशोधन है। यह फॉर्म-6 में एक अतिरिक्त प्रावधान है और कुछ जोड़ना भी संशोधन ही होता है।”

चिदंबरम ने निर्वाचन आयोग का बचाव करने के लिए बीजेपी की आलोचना की। हालांकि, अदालत की टिप्पणी और फॉर्म-6 में बदलाव की कानूनी स्थिति को स्पष्ट रूप से समझने के लिए संबंधित न्यायिक आदेश और आधिकारिक दस्तावेजों का संदर्भ महत्वपूर्ण है।

‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के तहत विपक्ष का मार्च

INDIA गठबंधन का यह मार्च विपक्ष की ओर से चलाए जा रहे ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान का हिस्सा है। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं, एसआईआर प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठाए हैं।

विपक्ष की मांग है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी हो तथा कथित अनियमितताओं की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। निर्वाचन सदन की ओर मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शन के बीच राहुल गांधी का तिरंगा लेकर बैरिकेड पर चढ़ना इस राजनीतिक टकराव का प्रमुख दृश्य बन गया।

मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष और निर्वाचन आयोग के बीच जारी विवाद आने वाले दिनों में और तेज होने के आसार हैं। इस पूरे मामले में लगाए गए आरोपों पर निर्वाचन आयोग का आधिकारिक पक्ष और संबंधित दस्तावेजों की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।

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