आरजी कर केस: TMC के पूर्व विधायक निर्मल घोष पर हमला, अंडे-चप्पल फेंके; लगे ‘चोर-चोर’ के नारे

आरजी कर रेप-मर्डर केस में गिरफ्तार टीएमसी के पूर्व विधायक निर्मल घोष को शुक्रवार को कोर्ट ले जाते समय भीड़ के विरोध का सामना करना पड़ा। खरदह थाने के बाहर लोगों ने उन पर अंडे, जूते-चप्पल और कीचड़ फेंका। पुलिस ने सुरक्षा के लिए उन्हें हेलमेट पहनाकर कोर्ट तक पहुंचाया।

By  Laxman August 14th 2026 05:38 PM

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में आरजी कर अस्पताल रेप-मर्डर केस से जुड़ी जांच के बीच शुक्रवार को टीएमसी के पूर्व विधायक निर्मल घोष को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। उत्तर 24 परगना जिले के खरदह थाने से जब पुलिस उन्हें बैरकपुर उपमंडलीय अदालत में पेश करने के लिए ले जा रही थी, तभी बाहर मौजूद लोगों की भीड़ ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शन कर रहे लोगों ने घोष की ओर अंडे, जूते-चप्पल और कीचड़ फेंकना शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों ने भीड़ को रोकने की कोशिश की और आरोपी को सुरक्षित निकालने के लिए सुरक्षा घेरा बनाया। संभावित हमले से बचाने के लिए जवानों ने निर्मल घोष के सिर पर हेलमेट भी पहनाया।

घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सुरक्षाकर्मी घोष को चारों तरफ से घेरकर जेल वैन की ओर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान भीड़ की ओर से विरोध और नारेबाजी होती नजर आती है।

कोर्ट परिसर में भी लगे नारे

निर्मल घोष को बैरकपुर उपमंडलीय अदालत में पेश किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट परिसर में भी कुछ लोगों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। पुलिस को आरोपी की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।

घोष से पहले इस मामले में गिरफ्तार किए गए एक अन्य आरोपी संजीव मुखर्जी को भी विरोध का सामना करना पड़ा था। संजीव मुखर्जी पीड़िता के पड़ोसी और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व पार्षद बताए गए हैं। उन्हें अदालत ले जाते समय भी लोगों ने घेरने की कोशिश की और नारेबाजी की थी।

ओडिशा से हुई थी निर्मल घोष की गिरफ्तारी

निर्मल घोष को एक दिन पहले ओडिशा से गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी आरजी कर अस्पताल में महिला डॉक्टर के रेप और हत्या के मामले में ‘जल्दबाजी में अंतिम संस्कार’ किए जाने से जुड़े आरोपों की जांच के दौरान हुई।

पुलिस के अनुसार, पीड़िता के पिता की ओर से दर्ज कराई गई नई शिकायत के बाद मामले में कार्रवाई आगे बढ़ी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि महिला डॉक्टर की मौत के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका थी और क्या इस दौरान किसी तरह के नियमों या कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ।

पुलिस ने निर्मल घोष पर सबूत मिटाने, आपराधिक साजिश रचने और किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के खिलाफ काम करने के लिए मजबूर करने जैसे आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा।

एक अन्य आरोपी अभी फरार

इस मामले में पानीहाटी नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ डे का नाम भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, वह अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।

आरजी कर अस्पताल की महिला डॉक्टर की रेप और हत्या की घटना ने पूरे देश में आक्रोश पैदा किया था। मामले की जांच और उससे जुड़े घटनाक्रम लगातार राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बने हुए हैं। अब ‘जल्दबाजी में अंतिम संस्कार’ से जुड़े आरोपों की जांच में पूर्व विधायक निर्मल घोष की गिरफ्तारी के बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में है।

आगे की जांच पर नजर

निर्मल घोष की गिरफ्तारी के बाद जांच में कई सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। पुलिस यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है कि अंतिम संस्कार से जुड़ी घटनाओं में किसकी क्या भूमिका थी और क्या किसी स्तर पर सबूतों से छेड़छाड़ या प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया गया।

इस बीच, आरोपी को कोर्ट ले जाते समय हुआ सार्वजनिक विरोध भी चर्चा में है। पुलिस के सामने भीड़ द्वारा अंडे और जूते-चप्पल फेंके जाने की घटना ने मामले को लेकर लोगों में मौजूद गुस्से को सामने ला दिया है। अब जांच और अदालत की कार्यवाही से यह तय होगा कि आरोपों के संबंध में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है।

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