जम्मू-कश्मीर में आतंकी फंडिंग मॉड्यूल का भंडाफोड़, शोपियां से 10 संदिग्ध गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शोपियां में आतंकी फंडिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ कर 10 कथित आतंकवादी सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। जांच में लश्कर-ए-तैयबा और टीआरएफ से जुड़े वित्तीय लेनदेन तथा लॉजिस्टिक सहायता के आरोप सामने आए हैं।

By  Preeti Kamal October 30th 2026 12:00 PM -- Updated: October 30th 2026 11:54 AM

शोपियां, जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शोपियां में आतंकी फंडिंग से जुड़े एक नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 10 कथित आतंकवादी सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क केंद्र शासित प्रदेश के भीतर सक्रिय था और इसके तार आतंकवादी संगठनों तथा अलग-अलग जेलों में बंद आतंकियों और उनके सहयोगियों से जुड़े लोगों तक पहुंच रहे थे।

शुक्रवार को पुलिस ने बताया कि संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों की जांच के दौरान विभिन्न ऑनलाइन भुगतान प्लेटफॉर्म के जरिए किए गए लेनदेन का विश्लेषण किया गया। जांच में कई स्तरों पर पैसों के लेनदेन का पता चला, जिसके बाद एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ।

लश्कर-ए-तैयबा और टीआरएफ को फंडिंग का आरोप

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान ओवैस शफी नाइकू, तजामुल अहमद शाह, मोइज इकबाल, इमदाद यूसुफ गनी, साकिब जहूर वानी, आमिर अहमद गनी, फिरदौस ठोकर, लियाकत नजीर लोन, मोहम्मद हनीफ और काजू के रूप में हुई है। इस मामले में शोपियां पुलिस स्टेशन में एफआईआर संख्या 231/2026 दर्ज की गई है। पुलिस ने संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर आम लोगों से गुप्त रूप से धन एकत्र करते थे और फिर स्थापित वित्तीय नेटवर्क के माध्यम से इस रकम को आगे पहुंचाते थे। पुलिस को संदेह है कि इस धन का इस्तेमाल लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) की गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के लिए किया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, इस रकम का उपयोग आतंकवादी गतिविधियों के लिए लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने में भी किया जाता था। इसमें स्मार्टफोन जैसे उपकरण मुहैया कराना भी शामिल था।

ऑनलाइन लेनदेन की जांच से खुला नेटवर्क

पुलिस ने संदिग्ध ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन की जांच के दौरान विभिन्न भुगतान प्लेटफॉर्म के जरिए पैसों के प्रवाह का पता लगाया। जांच में सामने आया कि कथित तौर पर कई लोग इस नेटवर्क का हिस्सा थे और उनके संपर्क आतंकियों तथा विभिन्न जेलों में बंद उनके सहयोगियों से जुड़े हुए थे। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की अन्य वित्तीय कड़ियों का पता लगाने और इसमें शामिल दूसरे लोगों की पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों ने आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना भी जताई है।

आतंकी फंडिंग पर कार्रवाई तेज

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय में इस कार्रवाई को अंजाम दिया। इसका उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवाद को समर्थन देने वाले नेटवर्क को खत्म करना और अवैध वित्तीय गतिविधियों पर रोक लगाना है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ प्रयास तेज करने की अपील की है। भारत ने विशेष रूप से आतंकवादी फंडिंग और सीमा पार आतंकवाद के लिए जवाबदेही तय करने पर जोर दिया है।

FATF बैठक में भारत की भागीदारी पर विदेश मंत्रालय का बयान

बुधवार को नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय की द्वि-साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (FATF) की बैठक में भारत की भागीदारी से जुड़ी जानकारी उचित समय पर साझा की जाएगी।

फिलहाल शोपियां मामले में पुलिस की जांच जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क के जरिए कितनी धनराशि जुटाई गई और इसका इस्तेमाल किन-किन गतिविधियों के लिए किया गया। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं।

© Copyright Galactic Television & Communications Pvt. Ltd. 2026. All rights reserved.