2013 रेप केस में तरुण तेजपाल ने गोवा कोर्ट में किया सरेंडर, SC के आदेश के बाद उठाया कदम
तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल ने 2013 के दुष्कर्म मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद गोवा की मापुसा अदालत में आत्मसमर्पण किया। अदालत ने अपील से पहले सरेंडर प्रमाण पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी।
मापुसा, गोवा: तहलका के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल ने सोमवार को 2013 के दुष्कर्म मामले में गोवा की मापुसा अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के बाद उठाया गया, जिसमें उन्हें अपनी दोषसिद्धि के खिलाफ अपील पर सुनवाई से पहले सरेंडर करने को कहा गया था।
पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने तेजपाल की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने सरेंडर से छूट देने की मांग की थी। अदालत ने उन्हें तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने और इसका प्रमाण पत्र पेश करने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट की एकल पीठ, न्यायमूर्ति अलोक अराधे (Justice Alok Aradhe) के समक्ष मामले की सुनवाई हुई थी। अदालत ने कहा था कि यदि तेजपाल सरेंडर प्रमाण पत्र दाखिल करते हैं, तो उनकी आपराधिक अपील को 22 सितंबर को सूचीबद्ध किया जाएगा।
बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को दी है चुनौती
तेजपाल ने बॉम्बे हाई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, जिसमें उनकी पहले की बरी होने की स्थिति को पलटते हुए उन्हें दोषी ठहराया गया था। तेजपाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी थी कि उचित मामलों में अदालत सरेंडर की शर्त से छूट दे सकती है और आरोपी के आत्मसमर्पण किए बिना भी उसकी आपराधिक अपील को सूचीबद्ध किया जा सकता है। हालांकि, गोवा सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस मांग का विरोध किया था। उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट के निष्कर्षों का हवाला देते हुए कहा था कि मामले में दुष्कर्म का गंभीर अपराध शामिल है और तेजपाल को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।
क्या है 2013 का मामला?
यह मामला नवंबर 2013 में सामने आया था। एक महिला पत्रकार ने तेजपाल पर आरोप लगाया था कि उन्होंने 7 और 8 नवंबर, 2013 को एक होटल की लिफ्ट के अंदर उनका यौन उत्पीड़न किया था। इन आरोपों के बाद तेजपाल को 30 नवंबर, 2013 को गिरफ्तार किया गया था। मामले में बाद की न्यायिक प्रक्रिया के दौरान निचली अदालत के फैसले और बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्णय के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।
22 सितंबर को हो सकती है अपील पर सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि सरेंडर प्रमाण पत्र मिलने के बाद तेजपाल की बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर आपराधिक अपील को 22 सितंबर को सूचीबद्ध किया जाएगा। अब तेजपाल के आत्मसमर्पण के बाद उनकी अपील की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में आगे की प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है।