ट्विशा शर्मा केस में CBI चार्जशीट का बड़ा खुलासा, हत्या नहीं बल्कि मानसिक प्रताड़ना के बाद आत्महत्या का दावा

भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मामले में CBI की शुरुआती चार्जशीट ने केस की दिशा बदल दी है। जांच एजेंसी के मुताबिक फॉरेंसिक रिपोर्ट में हत्या या संघर्ष के स्पष्ट निशान नहीं मिले और मौत फांसी के कारण हुई। CBI ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर कथित क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाने समेत धाराओं में आरोप लगाए हैं। हालांकि दहेज और डिजिटल सबूतों से जुड़ी जांच अभी जारी है।

By  Laxman August 18th 2026 01:29 PM

भोपाल का चर्चित ट्विशा शर्मा मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। इस केस में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI की ओर से अदालत में दाखिल शुरुआती चार्जशीट ने जांच की दिशा को काफी हद तक बदल दिया है। शुरुआत में ट्विशा की मौत को लेकर हत्या का संदेह जताया गया था, लेकिन CBI की 30 पन्नों की चार्जशीट के मुताबिक उपलब्ध फॉरेंसिक और मेडिकल साक्ष्यों से हत्या की पुष्टि नहीं हुई है।

जांच एजेंसी ने एम्स दिल्ली की मेडिकल रिपोर्ट, CCTV फुटेज, डायरी और WhatsApp संदेशों सहित कई साक्ष्यों का हवाला देते हुए कहा है कि ट्विशा की मौत फांसी लगाने के कारण हुई। साथ ही जांच में उसके शरीर पर संघर्ष या हाथापाई से जुड़े स्पष्ट चोटों के निशान नहीं पाए गए।

हालांकि, CBI ने मामले को केवल आत्महत्या बताकर खत्म नहीं किया है। चार्जशीट में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर कथित मानसिक प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है।

परिवार ने जताया था हत्या का शक

ट्विशा की मौत के बाद उनके परिवार की ओर से इसे सामान्य आत्महत्या मानने से इनकार किया गया था। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई और शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए थे। इसके बाद मामले की जांच में मेडिकल साक्ष्यों को लेकर भी गंभीरता से पड़ताल की गई।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद 24 मई को एम्स दिल्ली के डॉक्टरों की टीम ने दोबारा पोस्टमार्टम किया। CBI के मुताबिक, इस मेडिकल जांच में मौत का कारण फांसी से दम घुटना पाया गया।

जांच एजेंसी का कहना है कि दोबारा पोस्टमार्टम में ऐसा कोई स्पष्ट शारीरिक प्रमाण नहीं मिला, जिससे ट्विशा के साथ हाथापाई या हिंसक संघर्ष की पुष्टि हो सके। यही मेडिकल निष्कर्ष मामले को हत्या की आशंका से हटाकर आत्महत्या की परिस्थितियों की ओर ले गया।

शादी के कुछ समय बाद शुरू हुआ तनाव?

CBI की चार्जशीट में ट्विशा और समर्थ सिंह के रिश्ते से जुड़े कई पहलुओं का उल्लेख किया गया है। चार्जशीट के अनुसार दोनों की मुलाकात फरवरी 2025 में एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी और 9 दिसंबर 2025 को दोनों ने शादी की।

जांच एजेंसी के अनुसार, शादी के बाद ट्विशा को कथित तौर पर अपने अतीत और पुराने रिश्तों को लेकर अपमानजनक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। चार्जशीट में यह भी दावा किया गया है कि समय के साथ पति-पत्नी के बीच तनाव बढ़ता गया।

जांच में अप्रैल 2026 की कथित अनचाही प्रेग्नेंसी का भी जिक्र है। CBI के अनुसार, इस दौरान ट्विशा मानसिक दबाव में थी। चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि गर्भपात की प्रक्रिया के दौरान भी उसे कथित तौर पर अपमानजनक बातें सुननी पड़ीं।

हालांकि इन आरोपों का अंतिम कानूनी निर्धारण अभी अदालत में होना बाकी है। चार्जशीट में दर्ज आरोपों को अदालत द्वारा दोष सिद्ध किया जाना नहीं माना जा सकता।

20 लाख रुपये की शेयर होल्डिंग का भी जिक्र

मामले में आर्थिक विवाद का एक पहलू भी सामने आया है। CBI के अनुसार ट्विशा के डिमैट अकाउंट में लगभग 20 लाख रुपये मूल्य के शेयर थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि समर्थ इन शेयरों को संयुक्त खाते में ट्रांसफर कराकर चीनी शेयर बाजार में निवेश करना चाहते थे।

चार्जशीट के अनुसार ट्विशा इसके लिए तैयार नहीं थीं और इस मुद्दे को लेकर भी दोनों के बीच तनाव था। यह आर्थिक पहलू जांच के दौरान सामने आए उन बिंदुओं में शामिल है, जिन्हें CBI ने मामले की परिस्थितियों को समझने के लिए महत्वपूर्ण माना है।

इसके अलावा ट्विशा के पूर्व बॉस से भी जांच एजेंसी ने पूछताछ की। उनके हवाले से यह बात सामने आई कि ट्विशा को घर में लगातार निगरानी रखे जाने और फोन ट्रैक किए जाने का डर था। कथित तौर पर वह घर से बाहर जाकर फोन पर बातचीत करती थीं।

डायरी और मोबाइल चैट से क्या मिला?

CBI ने मामले की जांच के दौरान ट्विशा की डायरी, CCTV फुटेज और WhatsApp संदेशों को भी खंगाला। एजेंसी का दावा है कि इन डिजिटल और व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स से ट्विशा की मानसिक स्थिति और उसके वैवाहिक जीवन में चल रहे तनाव के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

यही सामग्री CBI के उस निष्कर्ष का हिस्सा है, जिसके आधार पर एजेंसी ने मौत को हत्या के बजाय आत्महत्या माना है। हालांकि, जांच एजेंसी अभी ट्विशा के मोबाइल फोन से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की और पड़ताल कर रही है।

डिलीटेड डेटा और CCTV की जांच जारी

CBI ने अभी जांच को पूरी तरह बंद नहीं किया है। एजेंसी ट्विशा के प्राथमिक iPhone से डिलीट डेटा और कथित रूप से छिपी चैट्स को रिकवर करने के लिए फॉरेंसिक जांच कर रही है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि घटना से पहले ट्विशा किन परिस्थितियों से गुजर रही थीं।

घर के CCTV DVR को भी दिल्ली स्थित CFSL भेजे जाने की बात चार्जशीट में सामने आई है। इसका उद्देश्य फुटेज की तकनीकी जांच करना और यह पता लगाना है कि रिकॉर्डिंग में किसी तरह की छेड़छाड़ हुई थी या नहीं।

इसके अलावा पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के वॉयस सैंपल की रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है। रिकॉर्ड की गई ऑडियो क्लिप्स के साथ इन आवाजों का मिलान जांच का एक अहम हिस्सा है।

दहेज एंगल पर भी आगे बढ़ सकती है जांच

CBI की शुरुआती चार्जशीट में आत्महत्या और कथित मानसिक प्रताड़ना पर जोर है, लेकिन एजेंसी ने दहेज से जुड़े पहलुओं की जांच का रास्ता बंद नहीं किया है। जांच एजेंसी ने अदालत से आगे की जांच के लिए अनुमति मांगी है।

इसका मतलब है कि मामले में आने वाले दिनों में और सबूत सामने आ सकते हैं। खासकर मोबाइल डेटा, CCTV, ऑडियो रिकॉर्डिंग और दहेज से जुड़े आरोपों की जांच से केस की परिस्थितियों पर नई जानकारी मिल सकती है।

अब अदालत की कार्रवाई पर टिकी नजर

ट्विशा शर्मा केस में CBI की चार्जशीट ने हत्या की शुरुआती आशंका को एक अलग दिशा दे दी है। एजेंसी के अनुसार मेडिकल और फॉरेंसिक साक्ष्य आत्महत्या की ओर इशारा करते हैं, जबकि चार्जशीट में यह आरोप लगाया गया है कि कथित मानसिक प्रताड़ना ने ट्विशा को इस कदम तक पहुंचाया।

अब इस मामले में अदालत के सामने चार्जशीट में रखे गए साक्ष्यों और आरोपों की कानूनी जांच होगी। आरोपी पक्ष का बचाव, आगे आने वाली फॉरेंसिक रिपोर्ट और लंबित डिजिटल साक्ष्य मामले की अगली दिशा तय करेंगे।

फिलहाल CBI की जांच का निष्कर्ष यह है कि ट्विशा की मौत हत्या नहीं बल्कि आत्महत्या थी, लेकिन एजेंसी के मुताबिक इसके पीछे कथित मानसिक प्रताड़ना और वैवाहिक तनाव की भूमिका की जांच जरूरी है। इसलिए इस मामले की पूरी तस्वीर सामने आने में अभी और समय लग सकता है।

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