PM CARES Fund पर खड़गे के सवाल, बोले- 8,452 करोड़ जमा तो सिर्फ 87.85 लाख क्यों खर्च?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने PM CARES Fund के 2024-25 के वित्तीय विवरण का हवाला देते हुए फंड के खर्च, पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि फंड का क्लोजिंग बैलेंस करीब 8,452 करोड़ रुपये था, जबकि वर्ष के दौरान 87.85 लाख रुपये खर्च हुए।
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने PM CARES Fund की वित्तीय स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। 2024-25 की वित्तीय रिपोर्ट का हवाला देते हुए खड़गे ने फंड में जमा राशि और साल के दौरान हुए खर्च को लेकर जवाबदेही की मांग की।
खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में दावा किया कि वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में PM CARES Fund का क्लोजिंग बैलेंस करीब 8,452 करोड़ रुपये था, जबकि पूरे वर्ष के दौरान केवल 87.85 लाख रुपये खर्च किए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि आपात स्थितियों के लिए बनाए गए फंड में हजारों करोड़ रुपये जमा क्यों किए जा रहे हैं, जबकि उसके मुकाबले बेहद कम राशि खर्च की गई। खड़गे के अनुसार, 2024-25 में खर्च फंड के क्लोजिंग बैलेंस का लगभग 0.01 प्रतिशत रहा।
'चंदा चोरी' वाले बयान से साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने पोस्ट में राम मंदिर ट्रस्ट का भी जिक्र किया और प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा राजनीतिक हमला किया। उन्होंने लिखा, "PM does not CARE: Public Authority Without Public Accountability?" इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि PM CARES Fund और राम मंदिर ट्रस्ट दोनों प्रधानमंत्री मोदी की निगरानी में घोषित हुए और दोनों को चंदा मिलता है। खड़गे ने इसी संदर्भ में "चंदा चोरी" शब्द का इस्तेमाल करते हुए प्रधानमंत्री से जवाबदेही की मांग की।
RTI और CAG को लेकर भी सवाल
खड़गे ने PM CARES Fund की जवाबदेही और निगरानी की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फंड RTI के दायरे में नहीं आता और न ही CAG ऑडिट या संसद की सामान्य जवाबदेही व्यवस्था के अधीन है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इस फंड के चेयरमैन हैं, जबकि रक्षा, गृह और वित्त मंत्री इसके ट्रस्टी हैं। खड़गे के मुताबिक फंड में CSR योगदान और टैक्स में छूट वाले दान भी स्वीकार किए जाते हैं।
खड़गे ने पूछे दो सवाल
खड़गे ने प्रधानमंत्री से विशेष रूप से दो सवाल पूछे। पहला, प्रधानमंत्री के नाम वाले फंड को सार्वजनिक जांच की सामान्य व्यवस्था से बाहर क्यों रखा गया है?दूसरा, जब यह आपातकालीन फंड है और 2024-25 में उसके क्लोजिंग बैलेंस का महज 0.01 प्रतिशत खर्च हुआ, तो इसमें हजारों करोड़ रुपये जमा होने का क्या औचित्य है?
विदेशी और घरेलू दान से जुटाई गई राशि
खड़गे द्वारा साझा किए गए वित्तीय विवरण के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में PM CARES Fund को घरेलू और विदेशी स्रोतों से दान प्राप्त हुआ। इसके अलावा बैंक बचत खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट से ब्याज के जरिए भी आय हुई।
2020 में बनाया गया था PM CARES Fund
प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपातकालीन स्थिति राहत कोष (PM CARES Fund) को आपात और संकट की परिस्थितियों में सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया गया था। इसका गठन COVID-19 महामारी के दौरान राहत और सहायता के लिए विशेष रूप से चर्चा में आया था। यह ट्रस्ट 27 मार्च 2020 को नई दिल्ली में Registration Act, 1908 के तहत पंजीकृत किया गया था। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय संकटों के दौरान योगदान प्राप्त करना और जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने के लिए धन का उपयोग करना है।