संसद में विपक्ष का हंगामा, लोकसभा में चार अहम बिल पेश; दोनों सदन 2 बजे तक स्थगित...
संसद के मानसून सत्र में विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में चार अहम विधेयक पेश किए गए। जंतर मंतर छात्र प्रदर्शन और राम मंदिर के चंदा चोरी के मामले पर विपक्ष ने जवाब मांगा।
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा (Lok Sabha) में चार महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए गए। इनमें ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक, 2026, खनन और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026, केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 शामिल हैं।
विपक्षी सांसदों के लगातार विरोध और नारेबाजी के बीच इन विधेयकों को लोकसभा में पेश किया गया। हंगामा जारी रहने के बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। राज्यसभा (Rajya Sabha) की कार्यवाही भी हंगामे के चलते 2 बजे तक स्थगित रही।
सोमवार को लोकसभा में चार प्रमुख विधेयक पेश किए गए—
- ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक, 2026
- खनन और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026
- केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026
- राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026
सरकार की ओर से इन विधेयकों को सदन में पेश किए जाने के दौरान विपक्षी सांसदों ने लगातार विरोध किया।
जंतर मंतर पर छात्र प्रदर्शन को लेकर विपक्ष का हंगामा
विपक्षी सांसदों ने जंतर मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगा। विपक्ष का आरोप है कि 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया था। विपक्षी सांसद इस मामले पर सदन में सरकार से स्पष्टीकरण की मांग कर रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर लोकसभा में हंगामा हुआ और कार्यवाही बाधित हुई।
राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर भी विपक्ष ने मांगा जवाब
विपक्ष ने अयोध्या के राम मंदिर चंदा चोरी में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। विपक्षी सांसदों ने इस मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा की मांग की है। समाजवादी पार्टी (SP) सांसद अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भी संसद के बाहर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और Ayodhya में राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा मामले पर जवाब मांगा।
अखिलेश यादव ने FCRA Bill को लेकर सरकार पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने Foreign Contribution (Regulation) Act (FCRA) Amendment Bill को लेकर भी सरकार से सवाल किए। उन्होंने जंतर मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष सरकार से इस मामले में जवाब मांग रहा है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार FCRA के जरिए संस्थाओं पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब देना चाहिए।
John Brittas बोले- बिना जवाब दिए बिल लाना स्वीकार नहीं
CPI(M) सांसद John Brittas ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने 20 जुलाई के छात्र प्रदर्शन को लेकर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है।Brittas के मुताबिक, विपक्ष चाहता है कि इस घटना पर संसद में विस्तृत चर्चा हो। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की चिंताओं का जवाब दिए बिना विधेयकों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने FCRA से जुड़े प्रावधानों को लेकर भी चिंता जताई और इसे नागरिक समाज तथा अल्पसंख्यक संस्थाओं के लिए कठोर बताया।
मॉनसून सत्र में लगातार हो रहा व्यवधान
संसद के मॉनसून सत्र में पिछले कुछ दिनों से विपक्ष के विरोध के कारण कार्यवाही लगातार प्रभावित हुई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, लोकसभा में अब तक पारित आठ विधेयकों में से छह बिना चर्चा के पारित किए गए हैं। विपक्ष का कहना है कि महत्वपूर्ण विधेयकों पर पर्याप्त चर्चा होनी चाहिए, जबकि सरकार की ओर से विधायी कामकाज आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
अब आगे क्या होगा?
विपक्ष के विरोध के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित की गई है। सदन दोबारा शुरू होने के बाद भी जंतर मंतर छात्र प्रदर्शन, अयोध्या के राम मंदिर चंदा चोरी मामले और लंबित विधेयकों को लेकर हंगामा जारी रहने की संभावना है। चारों विधेयकों पर आगे की संसदीय प्रक्रिया विपक्ष के विरोध और सदन में होने वाली चर्चा पर निर्भर करेगी।