6 साल से फरार बर्खास्त AIG राजजीत सिंह गिरफ्तार, ड्रग तस्करी और जबरन वसूली मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पंजाब पुलिस के बर्खास्त AIG राजजीत सिंह को करीब छह साल तक फरार रहने के बाद पटियाला पुलिस ने गिरफ्तार किया। ड्रग तस्करी, जबरन वसूली, भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामलों में उनका नाम सामने आया था।
पटियाला, पंजाब: पंजाब पुलिस के बर्खास्त AIG (Assistant Inspector General) राजजीत सिंह हुंदल को करीब छह साल तक फरार रहने के बाद पटियाला पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। राजजीत सिंह का नाम ड्रग तस्करी, जबरन वसूली और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच में सामने आया था। लंबे समय से फरार चल रहे राजजीत सिंह ने पटियाला पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। राजजीत सिंह का नाम बर्खास्त पुलिस इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह से जुड़े ड्रग नेटवर्क मामले की जांच के दौरान सामने आया था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, राजजीत सिंह पर इंदरजीत सिंह के साथ कथित मिलीभगत कर ड्रग तस्करों को संरक्षण देने, निर्दोष लोगों को कथित तौर पर झूठे ड्रग मामलों में फंसाने और जबरन वसूली से जुड़े गंभीर आरोप लगे थे। इंदरजीत सिंह के खिलाफ 2018 में दर्ज मामले की जांच आगे बढ़ने पर राजजीत सिंह को भी सह-आरोपी बनाया गया था। उस समय राजजीत सिंह तरनतारन के SSP के पद पर तैनात रह चुके थे। जांच में उनकी भूमिका और इंदरजीत सिंह के साथ कथित संबंधों को लेकर सवाल उठाए गए थे।
SIT रिपोर्ट के बाद हुई थी बर्खास्तगी
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया था। SIT की रिपोर्ट के आधार पर पंजाब सरकार ने अप्रैल 2023 में राजजीत सिंह को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया था। बर्खास्तगी से जुड़े आदेश में उन पर पद के कथित दुरुपयोग और ड्रग मामलों की जांच को प्रभावित करने जैसे आरोपों का उल्लेख किया गया था।
आय से अधिक संपत्ति का भी मामला
राजजीत सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया गया था। विजिलेंस ब्यूरो की जांच में उनके और उनकी पत्नी के बैंक खातों से जुड़े कथित संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की भी जांच की गई। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत भी कार्रवाई की गई थी।
लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर थे
मामलों में कार्रवाई के बाद राजजीत सिंह लंबे समय तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहे। उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था और अदालत की कार्रवाई के दौरान उन्हें भगोड़ा घोषित किए जाने की बात भी सामने आई। अब पटियाला पुलिस के सामने आत्मसमर्पण के बाद उनकी गिरफ्तारी हो गई है।
पुलिस करेगी पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां राजजीत सिंह से ड्रग नेटवर्क, कथित जबरन वसूली, वित्तीय लेन-देन और उनसे जुड़े अन्य मामलों के संबंध में पूछताछ करेंगी। जानकारी के मुताबिक, एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) विभिन्न मामलों में पूछताछ के लिए अदालत से रिमांड की मांग कर सकती है। राजजीत सिंह की गिरफ्तारी से इस लंबे समय से चल रहे मामले की जांच में आगे की कड़ियों और अन्य आरोपों से जुड़े तथ्यों को सामने लाने की संभावना है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष अदालत की कार्यवाही के बाद ही तय होगा।