पंजाब: नवनियुक्त दिल्ली के LG तरणजीत सिंह संधू ने स्वर्ण मंदिर में टेका मत्था...
अमृतसर, पंजाब: दिल्ली के नवनियुक्त उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू रविवार को अमृतसर पहुंचे, जहां उन्होंने हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) में मत्था टेककर आशीर्वाद लिया। अपने गृह नगर अमृतसर के दौरे पर पहुंचे संधू के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पर हजारों लोग पहुंचे। यहां उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
पत्रकारों से बातचीत में संधू ने कहा, “मैं दरबार साहिब में मत्था टेकने और आशीर्वाद लेने आया हूं।” उन्होंने आगे कहा, “कुछ दिन पहले मुझे दिल्ली की जिम्मेदारी भी दी गई है। मैंने दृढ़ संकल्प के साथ काम करने के लिए आशीर्वाद मांगा है। कई चुनौतियां हैं, लेकिन हम उन्हें अवसरों में बदलेंगे।”
SGPC प्रतिनिधियों ने किया सम्मान
अपने दौरे के दौरान संधू तेजा सिंह समुंद्री हॉल भी पहुंचे। वहां पहुंचने पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत और सम्मान किया। इस मौके पर कई धार्मिक और सामाजिक गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।
जलियांवाला बाग शहीद स्मारक पर दी श्रद्धांजलि
अपने दौरे के दौरान संधू ने जलियांवाला बाग स्थित शहीद स्मारक पर जाकर श्रद्धांजलि भी अर्पित की।आपको बता दें कि तरणजीत सिंह संधू प्रसिद्ध सिख नेता तेजा सिंह समुंदरी के पोते हैं।

देशभर में राज्यपाल और उपराज्यपालों का प्रशासनिक फेरबदल
तरणजीत सिंह संधू देशभर में राज्यपालों और उपराज्यपालों के बड़े प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा हैं। इस फेरबदल में उन्होंने विनय कुमार सक्सेना की जगह ली है, जिन्हें अब लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है।
इससे पहले 11 मार्च को संधू ने दिल्ली के उपराज्यपाल पद की शपथ ली थी। शपथ ग्रहण समारोह में दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय भी मौजूद थे। समारोह में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी उपस्थित थीं।
दिल्ली को बताया अपनी कर्मभूमि
पत्रकारों से बातचीत में संधू ने कहा कि दिल्ली उनकी कर्मभूमि रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी की चुनौतियों का समाधान सभी दलों को मिलकर निकालना होगा। उन्होंने कहा, “दिल्ली में कई हितधारक हैं और यह मेरी कर्मभूमि भी रही है। मैंने यहां पढ़ाई और काम किया है।
इसके आगे उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर दिल्ली के विकास के लिए काम करेंगे। Narendra Modi के पास भारत के लिए एक विजन है और दिल्ली देश की राजधानी है। चुनी हुई सरकार और सभी हितधारकों की जिम्मेदारी है कि वे मिलकर समस्याओं का समाधान खोजें और चुनौतियों को अवसरों में बदलें।”