अयोध्या में दिखेगा रोशनी का सागर, 41 मठ-मंदिर होंगे जगमग

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आयोजित होने जा रहे दसवें दीपोत्सव को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए रामनगरी में तैयारियां तेज हो गई हैं।

By  Mangala Tiwari October 29th 2026 09:28 PM

अयोध्या: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आयोजित होने जा रहे दसवें दीपोत्सव को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए रामनगरी में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार रामपथ के साथ अयोध्या के 41 प्रमुख मठ-मंदिरों और धार्मिक स्थलों को भी आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा। श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद इन स्थलों पर झालरों और लाइटिंग की विशेष व्यवस्था कर रही है, जिससे दीपोत्सव के दौरान रामनगरी का आध्यात्मिक वैभव और निखरकर सामने आएगा।


परिषद ने इसके लिए 41 मठ-मंदिरों और धार्मिक स्थलों की सूची तैयार की है। इन स्थानों पर अलग-अलग संख्या में झालरें लगाई जाएंगी। सैकड़ों झालरों से सजे धार्मिक स्थल दीपोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेंगे। योगी सरकार के प्रयासों से अयोध्या को भव्य धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में यह सजावट भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


छोटी छावनी से दशरथ महल तक, 41 स्थलों पर होगी रोशनी:


श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद की सूची में छोटी छावनी मंदिर, वाल्मीकि मंदिर, दूबे मंदिर, चारधाम मंदिर, दिगम्बर अखाड़ा, बड़ा भक्त महल, दशरथ महल, सनकादिक आश्रम, जानकी घाट, कौशल्या सदन, अशर्फी भवन, रामवल्लभाकुंज, डाडिया मंदिर, लक्ष्मण किला, सुग्रीव किला, श्रीधाम रामकोट, रंग महल, क्षीरेश्वर मंदिर, तोत्रादिमठ, तिवारी मंदिर, रामनिदेशाचार्यजी मंदिर और सतगुरु आश्रम सहित प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल हैं। इसके अलावा झुनकीघाट मंदिर, नाका हनुमानगढ़ी मंदिर अयोध्या, उदासीन संगत आश्रम (रानोपाली), फटिक शिला, रामकचेहरी, रामवल्लभाचार्य मंदिर, गुरुद्वारा ब्रह्मकुंड, राजसदन, सहादतगंज हनुमानगढ़ी, दरिद्री आश्रम, श्री हनुमान मंदिर पक्का घाट, हनुमत सदन आचार्य राजकिशोर, कच्चा घाट बन्धा तिराहा, कारसेवकपुरम परिसर, कारसेवकपुरम कार्यशाला, मंगल भवन, सुन्दरधाम, भजन सभ्य स्थल और महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ को भी रोशनी से सजाया जाएगा।


पारंपरिक झालरों के साथ आधुनिक लाइटिंग का संगम:


परिषद की योजना के तहत प्रत्येक स्थल पर जरूरत के अनुसार झालरों की संख्या निर्धारित की गई है। पारंपरिक सजावट और आधुनिक लाइटिंग के मेल से मठ-मंदिरों को आकर्षक स्वरूप दिया जाएगा। इससे रात के समय धार्मिक स्थलों की भव्यता और स्थापत्य की सुंदरता उभरकर सामने आएगी। पिछले दीपोत्सवों में लाखों दीयों से अयोध्या को रोशन किया गया था। इस बार मठ-मंदिरों की सजावट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि धार्मिक स्थलों की महत्ता भी प्रमुखता से दिखाई दे। परिषद के अनुसार, लाइटिंग का काम जल्द शुरू किया जाएगा और दीपोत्सव से पहले पूरा करने की योजना है।


दीपोत्सव से पहले पूरी होगी सजावट:


श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद के सीईओ जयेंद्र कुमार ने बताया कि दीपोत्सव के दौरान मठ-मंदिरों को पारंपरिक और आधुनिक लाइटिंग के मिश्रण से सजाया जाएगा। रात के समय ये स्थल रोशनी से नहाए हुए दिखाई देंगे, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रयास दीपोत्सव के दौरान रामनगरी को और अधिक भव्य एवं आकर्षक बनाने की दिशा में किया जा रहा है। स्थानीय लोगों और संत-महंतों में भी इन तैयारियों को लेकर उत्साह है। उनका मानना है कि जब 41 मठ-मंदिर एक साथ रोशनी से जगमगाएंगे, तो पूरा अयोध्या क्षेत्र रोशनी के सागर जैसा दिखाई देगा। योगी सरकार के दसवें दीपोत्सव में रामपथ के साथ प्रमुख मठ-मंदिरों की सजावट अयोध्या के धार्मिक और सांस्कृतिक वैभव को एक नया रूप देने की तैयारी है।


© Copyright Galactic Television & Communications Pvt. Ltd. 2026. All rights reserved.