नवरात्रि पर सीएम योगी का नारी शक्ति को संदेश, बोले- नारी सम्मान और स्वावलंबन ही रामराज्य का आधार

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र के पहले दिन और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर देवीपाटन मंदिर से नारी सशक्तीकरण, बालिका शिक्षा और सामाजिक समानता का संदेश दिया।

By  Mangala Tiwari October 12th 2026 01:02 AM

 उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र के पहले दिन और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर देवीपाटन मंदिर से नारी सशक्तीकरण, बालिका शिक्षा और सामाजिक समानता का संदेश दिया। लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र के पहले दिन और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर देवीपाटन मंदिर से नारी सशक्तीकरण, बालिका शिक्षा और सामाजिक समानता का संदेश दिया। कहा कि नारी को सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन मिलेगा तो राम राज्य की स्थापना को कोई ताकत नहीं रोक सकती. मां भगवती की आराधना का वास्तविक अर्थ भी यही है कि समाज हर महिला के सम्मान व सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हो।



मुख्यमंत्री ने रविवार को देवीपाटन मंदिर प्रांगण में शारदीय नवरात्रि की प्रतिपदा और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर आयोजित कार्यक्रम 'शिक्षा की उड़ान' पहल के तहत स्टडी टेबल एवं आशीर्वाद पत्र वितरण को संबोधित किया। उन्होंने नवदुर्गा स्वरूप नौ कन्याओं का तिलक किया, चुनरी ओढ़ाई और उपहार में चॉकलेट भी भेंट में दिया।




2017 से पहले हर पांचवी बेटी छोड़ देती थी स्कूल:



सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में हर पांचवीं बेटी स्कूल में दाखिला लेने के बाद बीच में ही पढ़ाई छोड़ देती थी। स्कूलों में शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाएं नहीं थीं। आज प्रदेश के 1.60 करोड़ बच्चों को हर साल दो यूनिफॉर्म, बैग, पुस्तकें, स्वेटर और जूते-मोजे उपलब्ध कराए जा रहे हैं।बेटियों की शिक्षा और महिलाओं का स्वावलंबन हमारी सरकार की प्राथमिकता है।




बेटियों को सम्मानित करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति की उपासना की परंपरा रही है। नवरात्रि इसी संकल्प को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने प्रदेशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं और विजयदशमी पर भगवान राम के विजय उत्सव को भव्यता से मनाने का आह्वान भी किया। 



स्कूल छोड़ने वाली बेटियों की जांच कराई तो हुआ बड़ा ख़ुलासा:



सीएम योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद जांच के लिए टीम गठित की तो सामने आया कि स्कूलों में शौचालय और पेयजल तक की व्यवस्था नहीं थी। साथ ही विद्यालय बहुत दूर होने का पता लगा ।इसके बाद बालक-बालिकाओं के लिए अलग शौचालय बनवाये पेयजल उपलब्ध कराने और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए। सरकार ने बच्चों को यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते-मोजे, बैग-बुक्स समेत अन्य सुविधाएं देने की व्यवस्था भी शुरू की।


सरकारी स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी' के साथ होगी स्मार्ट क्लास:



मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प से सरकारी विद्यालयों की तस्वीर बदली जा रही है। स्कूलों में बेहतर फर्श और फर्नीचर के साथ स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी विकसित हो रही हैं। जिन बच्चों की पहुंच कभी कंप्यूटर तक नहीं थी, वे भी आधुनिक शिक्षा से जुड़ रहे हैं। 


उन्होंने आकांक्षी जनपद में मंडलायुक्त और जिला प्रशासन की स्टडी टेबल वितरण पहल की सराहना की। कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और स्वावलंबन का लाभ बिना भेदभाव हर वर्ग तक पहुंचेगा। 



महिलाओं के नाम होगी आवास की धनराशि:


महिला सशक्तीकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास की धनराशि महिला मुखिया के नाम पर देने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को संपत्ति का अधिकार मिलने से उनका आत्मविश्वास और आर्थिक सुरक्षा मजबूत होती है।


उन्होंने उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं के नाम गैस कनेक्शन दिए जाने और घरौनी योजना में महिलाओं को मालिकाना अधिकार मिलने का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि घरों में शौचालय निर्माण नारी की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम है।


उन्होंने बताया कि प्रदेश में वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को सालाना 12 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।



अहिल्याबाई होलकर और रानी लक्ष्मीबाई का किया उल्लेख:



मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति की भूमिका का उल्लेख करते हुए माता कौशल्या, माता जानकी, शबरी, देवकी, यशोदा, द्रौपदी, मैत्रेयी और गार्गी जैसी विभूतियों को भारतीय नारी के सामर्थ्य का प्रतीक बताया।


उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के मंदिरों के पुनरुद्धार में योगदान और रानी लक्ष्मीबाई के साहस एवं बलिदान का उल्लेख किया। साथ ही अवंतीबाई लोधी, ऊदा देवी पासी और झलकारी बाई के संघर्ष को भी याद किया।




सीएम योगी ने कहा कि नवरात्रि नारी शक्ति के सम्मान और समाज में महिलाओं की भूमिका को समझने का अवसर है। उन्होंने प्रदेशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए विजयदशमी पर भगवान श्रीराम के विजय उत्सव को भव्यता से मनाने का आह्वान किया।


किसान मेले में कृषि उपकरण वितरित:


कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और कृषि, उद्यान, रेशम विकास, पराग मिल्क तथा कृषि विज्ञान केंद्र के स्टॉलों का निरीक्षण किया।


विराट किसान मेले में उन्होंने कस्टम हायरिंग सेंटर के तहत किसानों को चाबियां सौंपीं और कीटनाशक छिड़काव यंत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सरयू नहर परियोजना के पूरा होने से कृषि विकास को गति मिलेगी। नहर की शाखाओं का विस्तार किसानों के लिए उपयोगी साबित होगा। ऐसे मेलों से किसानों को नई तकनीक और आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी मिलती है।


बच्चों को आशीर्वाद पत्र और स्टेशनरी किट के साथ दिए स्टडी टेबल:


मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा विभाग और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के बच्चों को स्टडी टेबल देकर प्रोत्साहित किया। उन्होंने चयनित बच्चों को आशीर्वाद पत्र और स्टेशनरी किट वितरित की। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को ट्रैक सूट भी दिए गए।


इस अवसर पर बच्चों ने अपनी कविताओं की प्रकाशित पुस्तक मुख्यमंत्री को भेंट की। कार्यक्रम में तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ला ने कहा कि नवरात्रि में कन्या पूजन और प्रतिभाशाली बच्चों का सम्मान भारतीय सनातन परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।


कार्यक्रम में देवीपाटन मंदिर के महंत मिथलेश नाथ, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, विधायक पलटू राम और राम प्रताप वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, नगरपालिका परिषद अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू, पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू सहित प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।


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