लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर मरम्मत को लेकर सियासत तेज, वायरल वीडियो पर अखिलेश ने सरकार को घेरा

उद्घाटन के कुछ ही सप्ताह बाद एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में मरम्मत शुरू होने और सड़क सुखाने के लिए लगाए गए औद्योगिक पंखों का वीडियो वायरल होने के बाद निर्माण गुणवत्ता पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

By  Laxman August 6th 2026 12:24 PM

उन्नाव: उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में मरम्मत कार्य के दौरान सड़क को जल्दी सुखाने के लिए लगाए गए बड़े औद्योगिक पंखों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस वीडियो को साझा करते हुए निर्माण गुणवत्ता और सरकारी कार्यशैली पर सवाल उठाए, जबकि संबंधित एजेंसी का कहना है कि यह तकनीकी प्रक्रिया का हिस्सा है और सड़क को जल्द सुरक्षित बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।

वायरल वीडियो बना राजनीतिक मुद्दा

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक्सप्रेसवे के एक हिस्से पर मरम्मत का काम करते हुए कई बड़े पंखे लगाए गए दिखाई दे रहे हैं। इन पंखों का उपयोग पैचवर्क वाले हिस्से को जल्दी सुखाने के लिए किया जा रहा था। वीडियो सामने आते ही यह चर्चा का विषय बन गया और विपक्ष ने इसे निर्माण की गुणवत्ता से जोड़कर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

अखिलेश यादव ने साधा निशाना

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए कहा कि जिस सड़क का उद्घाटन कुछ ही दिन पहले हुआ हो, उसे इतनी जल्दी मरम्मत की जरूरत पड़ना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सड़क को सुखाने के लिए पंखे लगाने की नौबत आ गई है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक परियोजनाओं में गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि जनता के पैसे का सही उपयोग हो और बार-बार मरम्मत की आवश्यकता न पड़े।

 

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उन्नाव क्षेत्र में किलोमीटर संख्या 64 के पास सड़क का एक हिस्सा धंस गया था। इसके बाद संबंधित एजेंसी ने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया। मरम्मत के दौरान लगातार बारिश और अधिक नमी के कारण कार्य प्रभावित हो रहा था। ऐसे में पैचवर्क को तेजी से सूखाने के लिए मौके पर बड़े औद्योगिक पंखे लगाए गए।

निर्माण एजेंसी का कहना है कि यह तकनीकी प्रक्रिया का हिस्सा है और इसका उद्देश्य मरम्मत कार्य को समय पर पूरा कर सड़क को जल्द यातायात के लिए सुरक्षित बनाना है।

उद्घाटन के बाद गुणवत्ता पर उठे सवाल

एक्सप्रेसवे के शुरू होने के कुछ ही समय बाद सड़क के एक हिस्से में आई तकनीकी समस्या ने निर्माण गुणवत्ता को लेकर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में शुरुआती चरण में तकनीकी निरीक्षण और आवश्यक सुधार सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन यदि ऐसी घटनाएं बार-बार हों तो गुणवत्ता की विस्तृत जांच आवश्यक हो जाती है।

विपक्ष का आरोप है कि परियोजनाओं के उद्घाटन में जल्दबाजी के कारण कई बार निर्माण कार्य पूरी तरह परिपक्व होने से पहले ही जनता के लिए खोल दिया जाता है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक तौर पर ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं की गई है।

NHAI और निर्माण एजेंसी की तैयारी

संबंधित एजेंसी ने मरम्मत कार्य को प्राथमिकता देते हुए प्रभावित हिस्से पर लगातार काम जारी रखा है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क की मजबूती सुनिश्चित करने के बाद ही उसे पूरी तरह सामान्य यातायात के लिए खोला जाएगा। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए तकनीकी परीक्षण भी किए जा रहे हैं।

सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने इसे निर्माण गुणवत्ता का मुद्दा बताया, जबकि कुछ का कहना है कि खराब मौसम में मरम्मत कार्य के दौरान ऐसी तकनीकी व्यवस्था सामान्य हो सकती है। फिलहाल यह मामला तकनीकी से अधिक राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।

आगे क्या?

अब सभी की नजर इस बात पर है कि मरम्मत कार्य कितनी जल्दी पूरा होता है और संबंधित एजेंसियां सड़क धंसने के कारणों पर क्या रिपोर्ट पेश करती हैं। यदि जांच में निर्माण संबंधी कोई कमी सामने आती है तो आगे जवाबदेही तय होने की संभावना भी बन सकती है। फिलहाल एक्सप्रेसवे पर मरम्मत का काम जारी है और प्रशासन का दावा है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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