यूपी में BJP की सरकार बनी तो लागू होगा UCC, अमित शाह ने चुनाव से पहले किया बड़ा ऐलान

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले अमित शाह ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर प्रदेश में UCC लागू किया जाएगा। लखनऊ की कार्यसमिति बैठक में पंकज चौधरी ने संगठन की मजबूती और बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने पर भी जोर दिया।

By  Laxman October 30th 2026 03:45 PM -- Updated: October 30th 2026 03:16 PM

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) को अपने प्रमुख राजनीतिक और नीतिगत मुद्दों में शामिल करने के संकेत दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लखनऊ में आयोजित भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में कहा कि यदि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी दोबारा सत्ता में आती है, तो उत्तर प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में UCC का मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।

अमित शाह ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश के कई राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू की जा चुकी है। उत्तर प्रदेश में भी भाजपा की सरकार बनने पर इसे लागू करने की दिशा में कदम उठाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी चुनाव के बाद सरकार बनने की स्थिति में इस वादे को पूरा करना चाहती है।

लखनऊ में दिनभर चली इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करना और संगठन की रणनीति को मजबूत बनाना था। बैठक में प्रदेश सरकार के मंत्रियों, भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों, क्षेत्रीय नेताओं और जिला इकाइयों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था। अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

UCC को लेकर क्या बोले अमित शाह?

कार्यसमिति की बैठक में अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की बात दोहराई। उन्होंने पार्टी नेताओं से कहा कि यदि भाजपा प्रदेश में फिर से सरकार बनाती है तो UCC लागू किया जाएगा। उनके मुताबिक, कई राज्यों में इस दिशा में पहले ही कदम उठाए जा चुके हैं और उत्तर प्रदेश भी इस व्यवस्था को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

समान नागरिक संहिता का अर्थ सामान्य रूप से विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे नागरिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी प्रावधानों की व्यवस्था से है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य को नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास करने का निर्देश दिया गया है।

हालांकि, उत्तर प्रदेश में UCC लागू करने के लिए किस तरह का कानून या कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी, इसका विस्तृत खाका इस बयान में सामने नहीं आया। ऐसे में इसके प्रावधानों, संभावित प्रभावों और लागू करने की समयसीमा को लेकर आगे की राजनीतिक तथा विधायी चर्चा महत्वपूर्ण होगी।

पंकज चौधरी ने कार्यकर्ताओं से मांगा सक्रिय सहयोग

बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव को विकास और विनाश के साथ-साथ जातिवाद और राष्ट्रवाद के बीच मुकाबले के रूप में पेश किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि विपक्ष के आरोपों का जवाब केवल राजनीतिक बयानबाजी से नहीं, बल्कि तथ्यों और ठोस प्रमाणों के आधार पर दिया जाना चाहिए।

पंकज चौधरी ने अपने भाषण में विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके पास स्पष्ट नीति, नीयत और नेतृत्व की कमी है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को विपक्ष की आलोचनाओं से बचाव की मुद्रा में आने के बजाय जनता के सामने सरकार के कामकाज और उपलब्धियों को रखना चाहिए।

उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों की राजनीति पर भी सवाल उठाए। अपने संबोधन में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से प्रधानमंत्री के पिता को लेकर की गई कथित टिप्पणी का जिक्र किया और इसे विपक्ष की राजनीतिक भाषा का उदाहरण बताया। ये टिप्पणियां प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के राजनीतिक आरोप और विचार थे।

विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप

पंकज चौधरी ने अपने भाषण में यह भी आरोप लगाया कि देश को अस्थिर करने के लिए कुछ राष्ट्रविरोधी ताकतें साजिश कर रही हैं। उन्होंने विदेशी फंडिंग के जरिए युवाओं को गुमराह करने और समाज में नफरत फैलाने की कोशिशों का दावा किया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष को सोशल मीडिया पर आरोप लगाने और नकारात्मक प्रचार करने के बजाय नीतियों और जनहित के मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे विपक्ष की ओर से लगाए जाने वाले आरोपों का जवाब तथ्यों के साथ दें। हालांकि, उनके भाषण में लगाए गए इन आरोपों के समर्थन में बैठक के दौरान कोई विस्तृत प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया गया।

चुनाव से पहले संगठन की मजबूती पर जोर

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आगामी चुनाव को देखते हुए संगठन के भीतर आत्मनिरीक्षण की जरूरत बताई। उन्होंने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के सामने चार अहम सवाल रखे। इनमें यह जानने पर जोर दिया गया कि क्या हर बूथ पर पार्टी कार्यकर्ता सक्रिय हैं, बूथ कमेटियां नियमित रूप से काम कर रही हैं, पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं और मंडल से लेकर जिला स्तर तक के नेता जनता के बीच मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि चुनावी सफलता केवल बड़े नेताओं की रैलियों या भाषणों से नहीं मिलती, बल्कि इसके लिए बूथ स्तर पर लगातार काम करना जरूरी है। पार्टी के स्थानीय संगठन को मजबूत करना और मतदाताओं के साथ सीधा संपर्क बनाए रखना चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

हर वर्ग तक पहुंचने की रणनीति

पंकज चौधरी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को समाज के सभी वर्गों तक पहुंचने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा की पहुंच केवल किसी एक सामाजिक समूह तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसके लिए सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों के साथ किसानों, युवाओं और महिलाओं के बीच भी संवाद बढ़ाना होगा।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे लोगों की समस्याओं को सुनें और उनकी अपेक्षाओं को समझें। उनके मुताबिक, संगठन में संवाद एकतरफा नहीं होना चाहिए। नेताओं को केवल अपनी बात रखने के बजाय कार्यकर्ताओं की बात भी ध्यान से सुननी चाहिए।

UCC और चुनावी रणनीति से तय होगा राजनीतिक एजेंडा

लखनऊ में हुई भाजपा कार्यसमिति की बैठक से यह संकेत मिला कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव के लिए विकास, संगठन की मजबूती और समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों को प्रमुखता देने की तैयारी में है। अमित शाह का UCC पर बयान चुनावी चर्चा को नई दिशा दे सकता है।

हालांकि, UCC को लेकर अंतिम कानूनी स्वरूप और उसे लागू करने की प्रक्रिया अभी स्पष्ट नहीं है। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष का बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और सभी सामाजिक वर्गों तक पहुंचने का संदेश बताता है कि भाजपा चुनाव से पहले संगठनात्मक तैयारियों को भी प्राथमिकता दे रही है। अब देखना होगा कि पार्टी इन मुद्दों को चुनावी अभियान में किस तरह जनता के सामने रखती है और विपक्ष इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है।

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