योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर हमला, बोले- राजनीति परिवारवाद और जातिवाद से ग्रस्त रही
मेरठ में शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर परिवारवाद और जातिवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने BJP के राष्ट्र प्रथम दृष्टिकोण, उत्तर प्रदेश के विकास और 2017 के बाद हुए बदलाव का उल्लेख किया।
मेरठ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मेरठ में आयोजित शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन में विपक्षी दलों पर परिवारवाद और जातिवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि BJP ने राजनीति के सामने ‘राष्ट्र प्रथम’ की अलग सोच रखी है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लंबे समय तक देश की राजनीति परिवारवाद और जातिवाद जैसी प्रवृत्तियों से प्रभावित रही। उनके मुताबिक, कांग्रेस और उसके राजनीतिक सहयोगियों ने राजनीति को परिवार के हितों और निजी लाभ का माध्यम बनाया।
उन्होंने BJP के संगठनात्मक ढांचे में शक्ति केंद्र संयोजकों की भूमिका पर भी बात की और कहा कि संगठन के स्तर पर कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी चुनावी गतिविधियों के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति भी है। मुख्यमंत्री ने BJP के राजनीतिक दृष्टिकोण को ‘राष्ट्र प्रथम’ बताते हुए कहा कि उनके लिए राजनीति केवल सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का जरिया है।
‘मुझे क्या’ वाली सोच पर भी निशाना
योगी ने अपने संबोधन में ‘मुझे क्या’ वाली मानसिकता की आलोचना करते हुए इसे ‘मंथरा-बुद्धि’ बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी सोच व्यक्ति के साथ-साथ समाज को भी प्रभावित करती है और लोगों को सामाजिक जिम्मेदारियों से दूर कर सकती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को व्यक्ति से ऊपर, समाज को संगठन से ऊपर और राष्ट्र को समाज से ऊपर रखने की अपील की।
2014 के बाद बदलाव का दावा
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 के बाद देश में आए बदलाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी विरासत पर गर्व करने और विकास की अपनी गति तय करने वाला देश बन रहा है। योगी ने काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में राम मंदिर को ऐसे कार्यों के उदाहरण के तौर पर पेश किया, जिन्हें पहले कठिन या असंभव माना जाता था। उन्होंने मथुरा-वृंदावन में विकास कार्यों और शुकतीर्थ के पुनरुद्धार का भी उल्लेख किया।
2017 के बाद UP की बदली पहचान का दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की स्थिति को लेकर अपनी सरकार के कामकाज का उल्लेख करते हुए कहा कि 2017 से पहले राज्य को ‘BIMARU’ राज्यों में गिना जाता था और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की स्थिति खराब थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के दौरान करीब 9.5 लाख सरकारी नौकरियां दी गईं। साथ ही उन्होंने One District One Product (ODOP) योजना के जरिए पारंपरिक उद्योगों को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर पैदा करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने मेरठ के उत्पाद, आगरा के पेठे और मुजफ्फरनगर के गुड़ सहित स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग का भी उल्लेख किया।
एक्सप्रेसवे, रैपिड रेल और औद्योगिक परियोजनाओं का जिक्र
योगी ने उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास से जुड़ी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने दिल्ली-मेरठ नमो भारत रैपिड रेल, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मेरठ में मेजर ध्यानचंद के नाम पर खेल विश्वविद्यालय, फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और सेमीकंडक्टर इकाइयों का जिक्र किया। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल फोन उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी बढ़ने का भी दावा किया।
जाति के आधार पर महापुरुषों को बांटने से बचने की अपील
मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को जातिगत आधार पर समाज को विभाजित करने की कोशिशों से सावधान रहने को कहा। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोबिंद सिंह जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को किसी एक जाति तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुष पूरे समाज और राष्ट्र की विरासत हैं।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां
योगी आदित्यनाथ का यह बयान उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले आया है। कार्यक्रम में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, प्रदेश अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने BJP कार्यकर्ताओं से ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ काम करने और संगठन के संदेश को लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।