मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निर्णय, मानसिक मंदित संवासियों की अनुदान राशि बढ़ेगी

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भर जीवन से जुड़ी योजनाओं को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

By  Mangala Tiwari July 2nd 2026 08:54 PM

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानसिक मंदित एवं निराश्रित दिव्यांगजनों के लिए संचालित आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केंद्रों और हाफ वे होम में रहने वाले संवासियों के भरण-पोषण के लिए मिलने वाली अनुदान राशि 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए यह फैसला दिव्यांगजनों को बेहतर भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है।


गुरुवार को दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भर जीवन से जुड़ी योजनाओं को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जिलों में नियमित रूप से दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण शिविर लगाए जाएं और पात्र लोगों को उनकी आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम अंग एवं अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।


मुख्यमंत्री ने श्रवण बाधित बच्चों की जल्द पहचान कर समयबद्ध कॉक्लियर इम्प्लांट कराने तथा उपचार के बाद उनके पुनर्वास की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और चिकित्सकीय पुनर्वास से जुड़ी सभी योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जाए।


बैठक में विशेष विद्यालयों की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यकतानुसार शिक्षकों की समयबद्ध तैनाती की जाए। नियमित भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और तब तक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। साथ ही शासकीय भवनों में बाधारहित वातावरण और आधुनिक सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया गया।


बैठक में अधिकारियों ने बताया कि विभाग द्वारा दिव्यांग पेंशन, कुष्ठावस्था पेंशन, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण, शादी-विवाह प्रोत्साहन, मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, कॉक्लियर इम्प्लांट, बचपन डे-केयर सेंटर, विशेष विद्यालय, जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र और रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा जैसी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।


वित्तीय वर्ष 2025-26 में 12.23 लाख से अधिक दिव्यांगजन पेंशन योजना से लाभान्वित हुए, जबकि 34,420 लाभार्थियों को 43,689 सहायक उपकरण वितरित किए गए। इसी अवधि में 226 श्रवण बाधित बच्चों का कॉक्लियर इम्प्लांट कराया गया। चालू वित्तीय वर्ष में 68 जिलों से 335 बच्चों की पहचान की जा चुकी है।


बैठक में यह भी बताया गया कि वर्ष 2017 में जहां केवल 10 जिलों में बचपन डे-केयर सेंटर संचालित थे, वहीं अब उनकी संख्या बढ़कर 25 हो गई है। इसके अलावा 28 अन्य जिलों में नए केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। विशेष विद्यालयों की संख्या भी 16 से बढ़कर 28 हो गई है, जहां दिव्यांग बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, छात्रावास, भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण, सहायक उपकरण और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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