अभिषेक बनर्जी के कोलकाता कार्यालय में तोड़फोड़ का आरोप, पुलिस ने 6 लोगों को किया गिरफ्तार
कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय में कथित तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया। पार्टी ने BJP से जुड़े लोगों पर हमला करने, सुरक्षाकर्मियों से मारपीट और इलेक्ट्रॉनिक सामान ले जाने का आरोप लगाया है।
कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित कैमक स्ट्रीट कार्यालय में कथित तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है। यह घटना गुरुवार तड़के हुई, जिसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े लोगों पर कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ करने और सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया। पुलिस ने छह लोगों को मामले में गिरफ्तार किए जाने की पुष्टि की है और घटना की जांच जारी है।
टीएमसी आईटी सेल की प्रभारी उपासना चौधरी ने आरोप लगाया कि गुरुवार सुबह करीब 3:30 बजे कथित तौर पर बीजेपी से जुड़े लोग कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय पहुंचे। उनके अनुसार, सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट की गई और समूह ने जबरन कार्यालय में प्रवेश कर परिसर में तोड़फोड़ की। चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान पुलिस से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिली। उन्होंने कहा कि पार्टी सीसीटीवी और अन्य वीडियो फुटेज की मदद से घटना में शामिल लोगों की पहचान कर पुलिस को जानकारी देगी।
महुआ मोइत्रा ने बताया 20-25 लोगों के पहुंचने का दावा
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने दिल्ली से आरोप लगाया कि सीसीटीवी फुटेज में करीब 20 से 25 लोगों को तड़के लगभग 4:30 बजे इमारत में पहुंचते देखा गया। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों ने चेहरे ढके हुए थे और सुरक्षाकर्मियों से मोबाइल फोन छीनकर उन्हें धातु की छड़ों से धमकाया गया। मोइत्रा के अनुसार, कथित तौर पर समूह ने कार्यालय की छठी और सातवीं मंजिल में प्रवेश किया और वहां तोड़फोड़ की। उन्होंने कहा कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने छह लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया।
इलेक्ट्रॉनिक सामान ले जाने का भी आरोप
टीएमसी ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान कार्यालय से एयर प्यूरिफायर, प्रिंटर और टेलीविजन समेत कई इलेक्ट्रॉनिक सामान भी ले जाए गए। सामने आए कथित सीसीटीवी फुटेज में नकाबपोश लोगों को कार्यालय परिसर से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बाहर ले जाते हुए देखा गया है। हालांकि, घटना के पीछे किसकी भूमिका थी, इस पर अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा।
अभिषेक बनर्जी ने BJP पर साधा निशाना
अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पोस्ट में घटना को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके अमतला और कैमक स्ट्रीट स्थित दोनों कार्यालयों में पिछले एक महीने के दौरान तोड़फोड़ की गई है। उन्होंने इसे “बर्बरता, हिंसा और कानूनहीनता” बताते हुए सवाल उठाया कि क्या न्यायपालिका कानून के शासन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए हस्तक्षेप करेगी।
बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस और बीजेपी से जुड़े लोगों को कानून या न्यायपालिका का भय नहीं है। उनके बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर टीएमसी और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
कैमक स्ट्रीट कार्यालय पहले भी रहा है विवादों में
अभिषेक बनर्जी का कैमक स्ट्रीट कार्यालय पिछले कुछ दिनों से एक अन्य विवाद को लेकर भी चर्चा में रहा है। 27 अगस्त को कथित अनधिकृत होर्डिंग हटाने पहुंची कोलकाता नगर निगम (KMC) और पुलिस की टीम के साथ टीएमसी कार्यकर्ताओं की झड़प हुई थी। इस मामले में अभिषेक बनर्जी और अन्य नेताओं से पुलिस पूछताछ कर चुकी है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज निदेशालय ने कार्यालय में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी कथित कमियों को लेकर नोटिस भी जारी किया है।
जांच के बाद साफ होगी घटना की पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस छह लोगों की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर घटना की परिस्थितियों और कथित तौर पर शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। टीएमसी ने इसे राजनीतिक हमला बताया है, जबकि बीजेपी ने आरोपों को खारिज करते हुए घटना पर अलग रुख अपनाया है। इसलिए घटना में राजनीतिक संगठनों की कथित भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के आधार पर ही निकाला जाना बाकी है।