WB Bypoll: नंदीग्राम में BJP का बड़ा दांव, शुभेंदु अधिकारी के करीबी की मां हसीरानी रथ को टिकट; रेजीनगर में शाश्वर सरकार पर भरोसा

West Bengal Bypoll: बीजेपी ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ और रेजीनगर से शाश्वर सरकार को उम्मीदवार बनाया है। नंदीग्राम में हसीरानी रथ की उम्मीदवारी चंद्रनाथ रथ की हत्या के संदर्भ के कारण खास चर्चा में है।

By  Laxman September 15th 2026 12:17 PM

West Bengal Bypoll 2026: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। नंदीग्राम से बीजेपी ने हसीरानी रथ को मैदान में उतारा है, जबकि रेजीनगर से पार्टी ने शाश्वर सरकार को टिकट दिया है। नंदीग्राम की उम्मीदवारी को खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हसीरानी रथ, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी रहे चंद्रनाथ रथ की मां हैं।

चंद्रनाथ रथ की विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के दो दिन बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ऐसे में हसीरानी रथ को नंदीग्राम से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद यह सीट एक बार फिर राजनीतिक रूप से चर्चा में आ गई है।

नंदीग्राम से हसीरानी रथ पर BJP का भरोसा

बीजेपी ने नंदीग्राम में हसीरानी रथ के जरिए एक भावनात्मक और राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। उनके बेटे चंद्रनाथ रथ को शुभेंदु अधिकारी का करीबी बताया जाता था। 6 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के दो दिन बाद उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

मामले की जांच बाद में सीबीआई ने अपने हाथ में ली थी। जांच के दौरान कई संदिग्धों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई, जिनमें सागर सोनकर और साहेब सोनकर के नाम भी शामिल हैं।

उम्मीदवार बनाए जाने के बाद हसीरानी रथ ने कहा कि पार्टी ने उन्हें नंदीग्राम उपचुनाव में उम्मीदवार बनने का अवसर दिया है। उन्होंने संगठन के समर्थन और नंदीग्राम की जनता के भरोसे चुनाव लड़ने की बात कही।

उनकी उम्मीदवारी से नंदीग्राम में चुनावी मुकाबला सिर्फ राजनीतिक मुद्दों तक सीमित रहने के बजाय स्थानीय सुरक्षा और राजनीतिक हिंसा से जुड़े सवालों को भी चर्चा में ला सकता है।

रेजीनगर में शाश्वर सरकार को मौका

बीजेपी ने रेजीनगर सीट से पार्टी के राज्य सचिव शाश्वर सरकार को उम्मीदवार बनाया है। वह मुर्शिदाबाद के संगठनात्मक जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं और पार्टी के संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं।

उम्मीदवारी मिलने के बाद शाश्वर सरकार ने विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि रेजीनगर के लोग पुल, कॉलेज और विकास चाहते हैं। उनके मुताबिक मतदाता राज्य और केंद्र सरकार के पक्ष में मतदान करने के लिए तैयार हैं।

इस तरह बीजेपी ने रेजीनगर में संगठन के अनुभवी चेहरे को उतारकर स्थानीय विकास और केंद्र-राज्य की राजनीति को चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी की है।

TMC के अंदर भी मुकाबला दिलचस्प

इन दोनों सीटों पर उपचुनाव का राजनीतिक गणित इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि तृणमूल कांग्रेस के भीतर अलग-अलग गुटों के उम्मीदवार मैदान में हैं।

जानकारी के मुताबिक टीएमसी के बागी गुट ने नंदीग्राम से मोहम्मद एतेशामुल हक और रेजीनगर से सफीउज्जमां शेख को उम्मीदवार बनाया है।

वहीं, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे और रेजीनगर से पूर्व विधायक रबीउल आलम चौधरी को मैदान में उतारा है।

इस स्थिति में दोनों विधानसभा सीटों पर मुकाबला बहुकोणीय होने की संभावना है। बीजेपी के सामने एक तरफ टीएमसी का मुख्य धड़ा होगा, तो दूसरी तरफ पार्टी के बागी गुट की मौजूदगी भी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।

क्यों खाली हुई नंदीग्राम और रेजीनगर सीट?

नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों सीटों पर उपचुनाव होने की वजह उम्मीदवारों का दो विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव जीतना है।

शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर से बीजेपी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था और दोनों सीटों से जीत हासिल की। नियमों के मुताबिक एक उम्मीदवार दो सीटों से जीतने के बाद एक सीट खाली करता है। इसी के तहत उन्होंने नंदीग्राम विधानसभा सीट से इस्तीफा दिया।

इसी तरह हुमायूं कबीर ने रेजीनगर और नवादा से चुनाव लड़ा था और दोनों सीटों पर जीत हासिल की। बाद में उन्होंने रेजीनगर सीट छोड़ दी। अब इन दोनों रिक्त सीटों पर उपचुनाव कराया जा रहा है।

6 अक्टूबर को मतदान, 9 अक्टूबर को नतीजे

चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा। चुनाव परिणाम 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।

उम्मीदवारों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर निर्धारित की गई है। 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 19 सितंबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे।

इस समयसीमा के बाद चुनाव मैदान में रहने वाले प्रत्याशियों की अंतिम तस्वीर साफ हो जाएगी।

BJP के लिए क्यों अहम है नंदीग्राम?

नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की राजनीति में पहले से ही एक हाई-प्रोफाइल विधानसभा क्षेत्र रहा है। ऐसे में बीजेपी ने यहां हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाकर मुकाबले को अलग राजनीतिक रंग देने की कोशिश की है।

चंद्रनाथ रथ की हत्या के संदर्भ के कारण उनकी मां की उम्मीदवारी स्थानीय स्तर पर सहानुभूति और न्याय से जुड़े सवालों को भी चुनावी बहस में ला सकती है। हालांकि, चुनाव में इसका कितना असर होगा, यह मतदाताओं के रुख पर निर्भर करेगा।

दूसरी ओर रेजीनगर में शाश्वर सरकार का संगठनात्मक अनुभव बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। पार्टी का लक्ष्य यहां विकास के मुद्दों और अपने संगठन के जरिए मतदाताओं को जोड़ना होगा।

उपचुनाव से तय होगी आगे की दिशा

नंदीग्राम और रेजीनगर के उपचुनाव ऐसे समय हो रहे हैं जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में बीजेपी और टीएमसी के बीच मुकाबला लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है। दोनों सीटों पर टीएमसी के अलग-अलग गुटों के उम्मीदवार उतरने से चुनावी समीकरण और पेचीदा हो गए हैं।

बीजेपी के लिए यह चुनाव अपने संगठन और नए राजनीतिक समीकरणों को परखने का मौका है। नंदीग्राम में हसीरानी रथ की उम्मीदवारी जहां भावनात्मक और राजनीतिक दोनों पहलुओं को जोड़ती है, वहीं रेजीनगर में शाश्वर सरकार को उतारकर पार्टी ने संगठनात्मक अनुभव पर भरोसा जताया है।

अब 6 अक्टूबर को मतदाता किसके पक्ष में फैसला सुनाते हैं और 9 अक्टूबर को नतीजों के बाद किस दल का पलड़ा भारी रहता है, यह देखना दिलचस्प होगा।

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