पश्चिम बंगाल: चुनाव से पहले I-PAC विवाद गरमाया, BJP-TMC आमने-सामने...
पश्चिम मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल के खड़गपुर सदर विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार दिलीप घोष ने सोमवार को India Political Action Committee (I-PAC) को राज्य में "भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का माध्यम" बताया। यह बयान I-PAC के निदेशक विनेश चंदेल की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी के बाद आया।
घोष ने पत्रकारों से कहा, "I-PAC को नहीं रहना चाहिए। यह यहां राजनीति में भ्रष्टाचार बढ़ाता है। I-PAC भ्रष्टाचार को बढ़ावा देकर पैसा कमाने का जरिया बन गया है।" तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "जैसे ही चुनाव आते हैं, टीएमसी को कर्मचारी, महिलाएं और युवा याद आते हैं। नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद केंद्र में वेतन आयोग लागू हुआ और डीए समय पर बढ़ा, लेकिन यहां कर्मचारियों को परेशान किया जाता है।"
कोयला चोरी मामले में विनेश चंदेल गिरफ्तार
I-PAC के निदेशक विनेश चंदेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 13 अप्रैल को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कथित कोयला चोरी (कोल पिल्फरेज) मामले में गिरफ्तार किया था। यह मामला दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच के बाद सामने आया। I-PAC पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ टीएमसी के लिए 2026 विधानसभा चुनाव में प्रचार कर रही है।
इस मामले ने राज्य में राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने निर्वाचन आयोग (ECI) को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि I-PAC "फर्जी प्रेस पहचान पत्र जारी कर रही है" और गैर-पत्रकारों को मीडिया के रूप में पेश किया जा रहा है।
'राजनीतिक हथियार' के रूप में ED का इस्तेमाल
वहीं, कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन (Derek O'Brien) ने कहा, "हम विनेश चंदेल की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग करते हैं। हम मांग करते हैं कि चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों को बंगाल से हटाया जाए।" ओ'ब्रायन ने आरोप लगाया कि ED का इस्तेमाल "राजनीतिक हथियार" के रूप में किया जा रहा है और चुनाव के नजदीक इसकी कार्रवाई "चुनावी साजिश" के समान है।